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Bilaspur News: हेरोइन बरामदगी मामले में आरोपी को जमानत
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सहआरोपी के बयान और कथित ऑनलाइन लेनदेन पर आधारित थी संलिप्तता
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। विशेष न्यायाधीश-द्वितीय बिलासपुर नविश भारद्वाज की अदालत ने 14.72 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामदगी मामले में आरोपी को जमानत दे दी। अदालत ने कहा कि आरोपी के कब्जे से सीधे कोई नशीला पदार्थ बरामद नहीं हुआ। उसकी संलिप्तता मुख्य रूप से सहआरोपी के बयान और कथित इलेक्ट्रॉनिक भुगतान लेनदेन पर आधारित है। आरोपी को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के स्थानीय जमानती पर रिहा करने के आदेश दिए गए।
मामला सदर थाना बिलासपुर में पांच अगस्त को दर्ज हुआ था। पुलिस के अनुसार कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर टनल नंबर तीन के पास चंडीगढ़-मनाली एचआरटीसी बस की जांच के दौरान सीट नंबर 42 पर बैठे सहआरोपी के बैग से पारदर्शी पॉलीथिन में दानेदार पदार्थ मिला। वजन 14.72 ग्राम था। एसएफएसएल जुंगा की जांच में इसमें डायएसिटाइलमॉर्फिन यानी हेरोइन की पुष्टि हुई।
पुलिस के अनुसार रिमांड के दौरान सहआरोपी ने बताया कि उसने हेरोइन पांच अगस्त की सुबह अमृतसर के कोट खालसा में आरोपी से 9500 रुपये में खरीदी थी। रकम गूगल-पे से भेजने की बात सामने आई। बचाव पक्ष ने कहा कि आरोपी से कोई बरामदगी नहीं हुई। अभियोजन ने जमानत का विरोध किया।
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अदालत ने कहा कि मात्रा वाणिज्यिक मात्रा से कम है, इसलिए धारा 37 के कड़े प्रतिबंध लागू नहीं होते। सहआरोपी का पुलिस के समक्ष बयान स्वतंत्र ठोस साक्ष्य नहीं है। वित्तीय लेनदेन की वास्तविक प्रकृति ट्रायल में तय होगी। आरोपी पर देश से बाहर जाने, दोबारा अपराध करने और गवाहों से संपर्क करने पर रोक लगाई गई है। फैसला 23 सितंबर को सुनाया गया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। विशेष न्यायाधीश-द्वितीय बिलासपुर नविश भारद्वाज की अदालत ने 14.72 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामदगी मामले में आरोपी को जमानत दे दी। अदालत ने कहा कि आरोपी के कब्जे से सीधे कोई नशीला पदार्थ बरामद नहीं हुआ। उसकी संलिप्तता मुख्य रूप से सहआरोपी के बयान और कथित इलेक्ट्रॉनिक भुगतान लेनदेन पर आधारित है। आरोपी को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के स्थानीय जमानती पर रिहा करने के आदेश दिए गए।
मामला सदर थाना बिलासपुर में पांच अगस्त को दर्ज हुआ था। पुलिस के अनुसार कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर टनल नंबर तीन के पास चंडीगढ़-मनाली एचआरटीसी बस की जांच के दौरान सीट नंबर 42 पर बैठे सहआरोपी के बैग से पारदर्शी पॉलीथिन में दानेदार पदार्थ मिला। वजन 14.72 ग्राम था। एसएफएसएल जुंगा की जांच में इसमें डायएसिटाइलमॉर्फिन यानी हेरोइन की पुष्टि हुई।
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पुलिस के अनुसार रिमांड के दौरान सहआरोपी ने बताया कि उसने हेरोइन पांच अगस्त की सुबह अमृतसर के कोट खालसा में आरोपी से 9500 रुपये में खरीदी थी। रकम गूगल-पे से भेजने की बात सामने आई। बचाव पक्ष ने कहा कि आरोपी से कोई बरामदगी नहीं हुई। अभियोजन ने जमानत का विरोध किया।
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अदालत ने कहा कि मात्रा वाणिज्यिक मात्रा से कम है, इसलिए धारा 37 के कड़े प्रतिबंध लागू नहीं होते। सहआरोपी का पुलिस के समक्ष बयान स्वतंत्र ठोस साक्ष्य नहीं है। वित्तीय लेनदेन की वास्तविक प्रकृति ट्रायल में तय होगी। आरोपी पर देश से बाहर जाने, दोबारा अपराध करने और गवाहों से संपर्क करने पर रोक लगाई गई है। फैसला 23 सितंबर को सुनाया गया।