फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   The whole world is now hoping for permanent cure of epidemics from Ayurveda: Vaidya Kartar

महामारियों के स्थायी इलाज को पूरा विश्व अब आयुर्वेद से लगा रहा है आशा : वैद्य करतार

Tue, 03 Oct 2023 07:28 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 03 Oct 2023 07:28 PM IST
विज्ञापन
The whole world is now hoping for permanent cure of epidemics from Ayurveda: Vaidya Kartar
- शिवा आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज चांदपुर में दीक्षांत समारोह, 60 डॉक्टर हुए पास आउट
विज्ञापन


संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। शिवा आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल चांदपुर-बिलासपुर से 60 डॉक्टर पास आउट हो गए। इन नए डॉक्टरों का दीक्षांत समारोह यानी समावर्तन-2023 मंगलवार को कॉलेज परिसर में संपन्न हुआ।
इस दीक्षांत समारोह में कृष्णा आयुष यूनिवर्सिटी कुरूक्षेत्र-हरियाणा के कुलपति वैद्य करतार सिंह धीमान ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। डॉ. करतार धीमान सीसीआरएएस के छह वर्ष महानिदेशक रहे हैं व कैंसर की रोकथाम, मधुमेह, हृदय धमनियों के रोगों, हृदयाघात रोग पर अनेकों शोध कर चुके हैं। उन्होंने इन सभी 60 डॉक्टरों को पदक एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए। इस समारोह में बीएएमएस डिग्री के प्रथम वर्ष में यूनिवर्सिटी टॉपर रही डॉ. शालिनी ठाकुर, द्वितीय वर्ष में यूनिवर्सिटी टॉपर तथा चतुर्थ वर्ष में यूनिवर्सिटी द्वितीय टॉपर टॉपर रहे डॉ. पंकज को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता कॉलेज एवं अस्पताल के निदेशक पुरुषोत्तम शर्मा ने की। उन्होंने मुख्यातिथि कुलपति वैद्य करतार धीमान को हिमाचली शॉल व स्मृति चिह्न के रूप में विश्व के प्रथम चिकित्सक भगवान धन्वंतरि की प्रतिमा भेंट कर उनका अभिनंदन और स्वागत किया। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में आयुर्वेदा विभाग के सेवानिवृत्त ओएसडी अशोक शर्मा समारोह में शामिल हुए। दीक्षांत समारोह का शुभारंभ भगवान धन्वंतरि और भगवान गणेश की प्रतिमा के समक्ष मुख्यातिथि द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।
विज्ञापन

इस अवसर पर आयुर्वेदिक चिकित्सकों ने धनवंतरी वंदना सर्वे सुखिनः भवंतु, सर्वे संतु निरामया की भावभीनी प्रस्तुति दी। अपने संबोधन में मुख्यातिथि कुलपति वैद्य करतार धीमान ने कहा कि एक डॉक्टर का कार्य पीड़ित मानवता की सेवा का है। वह इसी मूल मंत्र को लेकर सभी को अपने कार्य को सेवा कार्य की तरह करना चाहिए। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलते वैश्विक परिदृश्य में महामारियों के इस काल में आयुर्वेदिक चिकित्सा का महत्व पूरी दुनिया के समक्ष आया है। महामारियों के स्थायी इलाज के लिए पूरा विश्व अब आयुर्वेदा से आशा लगाए बैठा है। ऐसे में आयुर्वेदिक चिकित्सकों की जिम्मेवारी और भी अधिक बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेदिक चिकित्सकों में सेवा कार्य को लेकर या अध्ययन को लेकर संतुष्टता यानी ठहराव नहीं आना चाहिए। किताब व रोगी दोनों से ही चिकित्सक को ज्ञान मिलता है और हर चिकित्सक को इन दोनों का सम्मान करना चाहिए। एवं अस्पताल के निदेशक पुरुषोत्तम शर्मा ने कहा कि वर्ष 2016 में यह संस्थान शुरू हुआ था। अब 60 डाक्टरों का दूसरा बैच पास आउट हुआ है। इस अवसर पर आयुर्वेदिक कॉलेज के प्राचार्य डॉ. हर्षा एनम, बाल रोग विभाग के प्रमुख डॉ. विनोद, प्रो. टेक चंद ठाकुर, शिवा एजुकेशनल सोसायटी की कार्यकारी निदेशक प्रो. मधु शर्मा व अदिति शर्मा, शिवा इंटरनेशनल स्कूल घुमारवीं की प्रधानाचार्या डॉ. शिल्पा गोयल, शिवा बीएड काॅलेज के प्रधानाचार्य डॉ.सुनील शर्मा भी विशेष रूप से मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed