फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   The wheels of 108 and 102 ambulances may stop in Himachal

Bilaspur News: हिमाचल में थम सकते हैं 108 और 102 एंबुलेंस के पहिये

Thu, 15 May 2025 11:26 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Thu, 15 May 2025 11:26 PM IST
विज्ञापन
The wheels of 108 and 102 ambulances may stop in Himachal

विज्ञापन
यूनियन ने सरकार को दिया एक सप्ताह का अल्टीमेटम
बोले, मांगें नहीं मानीं तो प्रदेशभर में बंद होंगी सेवाएं
सरकार और प्रबंधन कंपनी पर लगाया शोषण का आरोप


संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। प्रदेश में 108 और 102 एंबुलेंस सेवाएं कभी भी ठप हो सकती हैं। इन सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर उनकी लंबित मांगों को जल्द नहीं माना गया तो वे हड़ताल पर चले जाएंगे। यूनियन ने कहा है कि यदि एक सप्ताह के भीतर समाधान नहीं हुआ, तो प्रदेशभर में एंबुलेंस की सेवाएं बंद कर दी जाएंगी, जिसकी जिम्मेदारी सरकार, नेशनल हेल्थ मिशन शिमला और संचालन कर रही मेडशवान कंपनी की होगी।
बिलासपुर यूनियन के प्रधान संजीव कुमार और उप प्रधान बीरी सिंह ने बताया कि 108 और 102 एंबुलेंस सेवाओं के कर्मचारी दिन-रात जनता की सेवा में जुटे हैं। कोविड महामारी के दौरान भी इन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना पूरी निष्ठा से ड्यूटी निभाई, लेकिन इसके बावजूद सरकार और मैनेजमेंट कंपनियां उनकी लगातार अनदेखी कर रही हैं। पहले जीवीके कंपनी और अब मेडशवान कंपनी कर्मचारियों का शोषण कर रही है।
विज्ञापन

यूनियन ने बताया कि कर्मचारियों से 12-12 घंटे की ड्यूटी ली जाती है, जबकि लेबर लॉ के अनुसार वेतन और सुविधाएं नहीं दी जातीं। उन्होंने कहा कि बीते 14 वर्षों से सेवा में लगे रहने के बावजूद उन्हें स्थायित्व नहीं मिला है। सरकार भी उनके साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में ड्यूटी का समय आठ घंटे करना, बिना कारण किसी भी कर्मचारी को नौकरी से न निकाला जाना, बकाया एरियर का शीघ्र भुगतान, निकाले गए कर्मचारियों को दोबारा बहाल करना और सेवा शर्तों को मान्यता देना शामिल है।
विज्ञापन
विज्ञापन

चेतावनी दी है कि अभी वे पेन डाउन स्ट्राइक पर हैं, लेकिन अगर मांगे नहीं मानी गईं तो वे पूरी तरह काम बंद कर देंगे। यूनियन ने प्रदेश की जनता से अपील की है कि यदि भविष्य में एंबुलेंस सेवाएं बाधित होती हैं तो वे कर्मचारियों की मजबूरी को समझें और सहयोग करें। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष उनके हक और सम्मान के लिए है, जिसे अब और टाला नहीं जा सकता। यदि इस दौरान किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में कोई जनहानि होती है तो इसकी जिम्मेदारी सरकार और संबंधित प्रबंधन की होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed