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Bilaspur News: खेल के मैदान से चिट्टे के खिलाफ जंग, 11 को जुटेंगे घुमारवीं के युवा खिलाड़ी
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घुमारवीं अगेंस्ट चिट्टा अभियान के तहत 11 अक्तूबर को आयोजित किया जाएगा युवा मंच कार्यक्रम
अभियान के तहत युवा मंच में खिलाड़ियों को दिलाई जाएगी नशामुक्ति की शपथ
खेल प्रशिक्षक और वरिष्ठ खिलाड़ी भी होंगे सम्मानित,गांवों के युवा क्लबों को मिलेंगी स्पोर्ट्स किट
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। चिट्टे के बढ़ते खतरे के बीच घुमारवीं में युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए खेलों को माध्यम बनाने की पहल की जा रही है। संस्कार सोसाइटी की ओर से चलाए जा रहे घुमारवीं अगेंस्ट चिट्टा अभियान के तहत 11 अक्तूबर को युवा मंच कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें ग्रामीण और स्कूली खिलाड़ियों के अलावा विभिन्न खेल अकादमियों में प्रशिक्षण ले रहे युवा, खेल प्रशिक्षक और वरिष्ठ खिलाड़ी एक मंच पर जुटेंगे। कार्यक्रम में युवाओं को चिट्टे के खिलाफ शपथ भी दिलाई जाएगी।
संस्कार सोसायटी के संस्थापक महेंद्र धर्माणी ने बताया कि संस्था का उद्देश्य खेल गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीण युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देना और उन्हें नशे से दूर रखना है। इसके लिए अभियान को घुमारवीं क्षेत्र के हर घर और गांव तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गांवों में यदि युवाओं को नियमित खेल गतिविधियों से जोड़ा जाए तो उन्हें नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखने में मदद मिल सकती है।
युवा मंच कार्यक्रम में शामिल होने वाले खिलाड़ियों को सम्मान पत्र देकर प्रोत्साहित किया जाएगा। वहीं, सहभागी युवा क्लबों को स्पोर्ट्स किट भी प्रदान की जाएगी। संस्था का मानना है कि गांवों में खेल संसाधन उपलब्ध होने से युवा मैदान से जुड़ेंगे और उनकी ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग होगा। कार्यक्रम में खेल प्रशिक्षकों और उन वरिष्ठ खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया जाएगा, जो गांवों में रहकर युवाओं को खेलों के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए मार्गदर्शन दे रहे हैं। संस्था ऐसे अनुभवी खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को अभियान से जोड़कर उनके अनुभव का लाभ ग्रामीण युवाओं तक पहुंचाना चाहती है। इससे खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलने के साथ युवाओं को नशे से दूर रहने का सकारात्मक माहौल भी तैयार होगा। कार्यक्रम के दौरान खिलाड़ियों और युवाओं को चिट्टे के खिलाफ शपथ दिलाई जाएगी।
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महेंद्र धर्माणी ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल जागरूकता कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से लगातार जोड़े रखना जरूरी है। खेल ऐसा माध्यम है, जिसमें अनुशासन, टीम भावना और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के साथ युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। उन्होंने बताया कि संस्कार सोसाइटी अक्तूबर 2023 से घुमारवीं अगेंस्ट चिट्टा अभियान चला रही है।
अभियान के तहत युवाओं, अभिभावकों और समाज के विभिन्न वर्गों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चिट्टे के खिलाफ लड़ाई किसी एक व्यक्ति या संस्था की नहीं है। परिवार, युवा, सामाजिक संस्थाएं और पूरा समाज मिलकर ही इस चुनौती का मुकाबला कर सकते हैं। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से 11 अक्तूबर को आयोजित होने वाले युवा मंच कार्यक्रम में सहभागिता करने और नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
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अभियान के तहत युवा मंच में खिलाड़ियों को दिलाई जाएगी नशामुक्ति की शपथ
खेल प्रशिक्षक और वरिष्ठ खिलाड़ी भी होंगे सम्मानित,गांवों के युवा क्लबों को मिलेंगी स्पोर्ट्स किट
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। चिट्टे के बढ़ते खतरे के बीच घुमारवीं में युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए खेलों को माध्यम बनाने की पहल की जा रही है। संस्कार सोसाइटी की ओर से चलाए जा रहे घुमारवीं अगेंस्ट चिट्टा अभियान के तहत 11 अक्तूबर को युवा मंच कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें ग्रामीण और स्कूली खिलाड़ियों के अलावा विभिन्न खेल अकादमियों में प्रशिक्षण ले रहे युवा, खेल प्रशिक्षक और वरिष्ठ खिलाड़ी एक मंच पर जुटेंगे। कार्यक्रम में युवाओं को चिट्टे के खिलाफ शपथ भी दिलाई जाएगी।
संस्कार सोसायटी के संस्थापक महेंद्र धर्माणी ने बताया कि संस्था का उद्देश्य खेल गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीण युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देना और उन्हें नशे से दूर रखना है। इसके लिए अभियान को घुमारवीं क्षेत्र के हर घर और गांव तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गांवों में यदि युवाओं को नियमित खेल गतिविधियों से जोड़ा जाए तो उन्हें नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखने में मदद मिल सकती है।
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युवा मंच कार्यक्रम में शामिल होने वाले खिलाड़ियों को सम्मान पत्र देकर प्रोत्साहित किया जाएगा। वहीं, सहभागी युवा क्लबों को स्पोर्ट्स किट भी प्रदान की जाएगी। संस्था का मानना है कि गांवों में खेल संसाधन उपलब्ध होने से युवा मैदान से जुड़ेंगे और उनकी ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग होगा। कार्यक्रम में खेल प्रशिक्षकों और उन वरिष्ठ खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया जाएगा, जो गांवों में रहकर युवाओं को खेलों के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए मार्गदर्शन दे रहे हैं। संस्था ऐसे अनुभवी खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को अभियान से जोड़कर उनके अनुभव का लाभ ग्रामीण युवाओं तक पहुंचाना चाहती है। इससे खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलने के साथ युवाओं को नशे से दूर रहने का सकारात्मक माहौल भी तैयार होगा। कार्यक्रम के दौरान खिलाड़ियों और युवाओं को चिट्टे के खिलाफ शपथ दिलाई जाएगी।
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महेंद्र धर्माणी ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल जागरूकता कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से लगातार जोड़े रखना जरूरी है। खेल ऐसा माध्यम है, जिसमें अनुशासन, टीम भावना और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के साथ युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। उन्होंने बताया कि संस्कार सोसाइटी अक्तूबर 2023 से घुमारवीं अगेंस्ट चिट्टा अभियान चला रही है।
अभियान के तहत युवाओं, अभिभावकों और समाज के विभिन्न वर्गों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चिट्टे के खिलाफ लड़ाई किसी एक व्यक्ति या संस्था की नहीं है। परिवार, युवा, सामाजिक संस्थाएं और पूरा समाज मिलकर ही इस चुनौती का मुकाबला कर सकते हैं। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से 11 अक्तूबर को आयोजित होने वाले युवा मंच कार्यक्रम में सहभागिता करने और नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।