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Bilaspur News: सात करोड़ से बन रही सड़क की टारिंग उखड़ी
Sat, 21 Feb 2026 11:51 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sat, 21 Feb 2026 11:51 PM IST
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पनौल से सेर वाया सुकड़ी सुन्हाणी पुल तुंगड़ी सड़क पर उखड़ी टारिंग। संवाद
पनौल से सुन्हाणी पुल तक काम पूरा, आगे सेर तक कार्य अधूरा
पांच किलोमीटर हिस्से में कुछ ही दिनों बाद उखड़ने लगी टारिंग,लोगों में नाराजगी
संवाद न्यूज एजेंसी
झंडूता (बिलासपुर)। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत झंडूता और घुमारवीं विधानसभा क्षेत्रों के अंतिम छोर को जोड़ने वाली पनौल से सेर वाया सुन्हाणी पुल, सुकड़ी, तुंगड़ी सड़क के सुधारीकरण में लगाई जा रही निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। करीब 10 किलोमीटर लंबी इस सड़क पर सात करोड़ रुपये से अधिक राशि खर्च की जा रही है, लेकिन काम पूरा होने से पहले ही कई स्थानों पर टारिंग उखड़ना शुरू हो गई है।
जानकारी के अनुसार पनौल से सुन्हाणी पुल तक लगभग पांच किलोमीटर हिस्से में टारिंग का कार्य पूरा हो चुका है। हालांकि काम के कुछ दिनों बाद ही सड़क की परत उखड़ने लगी, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न लग गया है। वहीं सुनहानी पुल से आगे सेर तक सड़क का सुधारीकरण अभी भी अधूरा पड़ा है। विभाग ने ठेकेदार को यह कार्य दिसंबर 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य दिया था, लेकिन निर्धारित समय सीमा के बाद भी काम जारी है। लोगों का कहना है कि ठेकेदार की लेटलतीफी के कारण उन्हें भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। साथ ही लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है। यह सड़क झंडूता और घुमारवीं विधानसभा क्षेत्रों के बीच प्रमुख संपर्क मार्ग है, जिससे जिला मुख्यालय के अलावा प्रदेश की राजधानी शिमला तथा पंजाब, हरियाणा समेत बाहरी राज्यों के लिए भी आवाजाही होती है।
सड़क लंबे समय से खस्ताहाल होने के कारण कई हादसे भी हो चुके हैं। लोगों का कहना है कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत केंद्र सरकार से फंड स्वीकृत होने के बावजूद निर्माण कार्य में देरी होना समझ से परे है। सड़क का निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग के घुमारवीं और झंडूता डिवीजनों के माध्यम से किया जा रहा है, लेकिन निर्माण की धीमी गति और गुणवत्ता दोनों पर सवाल उठ रहे हैं। उधर, लोक निर्माण विभाग उपमंडल बरठीं के सहायक अभियंता सचिन नड्डा ने बताया कि पनौल से सुन्हाणी पुल तक टारिंग का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि तुंगड़ी से सेर तक काम जारी है। उन्होंने कहा कि कुछ स्थानों पर टारिंग उखड़ने की शिकायत मिली है, जिसके चलते ठेकेदार को मरम्मत के निर्देश दे दिए गए हैं।
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पांच किलोमीटर हिस्से में कुछ ही दिनों बाद उखड़ने लगी टारिंग,लोगों में नाराजगी
संवाद न्यूज एजेंसी
झंडूता (बिलासपुर)। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत झंडूता और घुमारवीं विधानसभा क्षेत्रों के अंतिम छोर को जोड़ने वाली पनौल से सेर वाया सुन्हाणी पुल, सुकड़ी, तुंगड़ी सड़क के सुधारीकरण में लगाई जा रही निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। करीब 10 किलोमीटर लंबी इस सड़क पर सात करोड़ रुपये से अधिक राशि खर्च की जा रही है, लेकिन काम पूरा होने से पहले ही कई स्थानों पर टारिंग उखड़ना शुरू हो गई है।
जानकारी के अनुसार पनौल से सुन्हाणी पुल तक लगभग पांच किलोमीटर हिस्से में टारिंग का कार्य पूरा हो चुका है। हालांकि काम के कुछ दिनों बाद ही सड़क की परत उखड़ने लगी, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न लग गया है। वहीं सुनहानी पुल से आगे सेर तक सड़क का सुधारीकरण अभी भी अधूरा पड़ा है। विभाग ने ठेकेदार को यह कार्य दिसंबर 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य दिया था, लेकिन निर्धारित समय सीमा के बाद भी काम जारी है। लोगों का कहना है कि ठेकेदार की लेटलतीफी के कारण उन्हें भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। साथ ही लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है। यह सड़क झंडूता और घुमारवीं विधानसभा क्षेत्रों के बीच प्रमुख संपर्क मार्ग है, जिससे जिला मुख्यालय के अलावा प्रदेश की राजधानी शिमला तथा पंजाब, हरियाणा समेत बाहरी राज्यों के लिए भी आवाजाही होती है।
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सड़क लंबे समय से खस्ताहाल होने के कारण कई हादसे भी हो चुके हैं। लोगों का कहना है कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत केंद्र सरकार से फंड स्वीकृत होने के बावजूद निर्माण कार्य में देरी होना समझ से परे है। सड़क का निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग के घुमारवीं और झंडूता डिवीजनों के माध्यम से किया जा रहा है, लेकिन निर्माण की धीमी गति और गुणवत्ता दोनों पर सवाल उठ रहे हैं। उधर, लोक निर्माण विभाग उपमंडल बरठीं के सहायक अभियंता सचिन नड्डा ने बताया कि पनौल से सुन्हाणी पुल तक टारिंग का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि तुंगड़ी से सेर तक काम जारी है। उन्होंने कहा कि कुछ स्थानों पर टारिंग उखड़ने की शिकायत मिली है, जिसके चलते ठेकेदार को मरम्मत के निर्देश दे दिए गए हैं।
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