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Bilaspur News: पेंशनरों की मांगों पर 18 सितंबर को तय होगी आंदोलन की अगली रणनीति
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बिलासपुर में जुटेंगे 18 पेंशनर संगठनों के पदाधिकारी, वार्ता नहीं हुई तो धरना
आमरण अनशन और रास्ता रोको पर होगा विचार
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। लंबित आर्थिक देनदारियों और अन्य मांगों को लेकर हिमाचल प्रदेश पेंशनर संयुक्त संघर्ष समिति ने सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने का संकेत दिया है। समिति के जिला संयोजक चेत राम वर्मा ने कहा कि तीन बड़े प्रदर्शनों के बावजूद सरकार की ओर से पेंशनर संगठनों के साथ सार्थक बातचीत नहीं हुई है। 18 सितंबर को बिलासपुर में होने वाली बैठक में आंदोलन के अगले चरण की रणनीति तय की जाएगी।
उन्होंने बताया कि समिति से जुड़े 18 पेंशनर संगठनों के प्रदेश पदाधिकारी बैठक में शामिल होंगे। इसमें लंबित आर्थिक देनदारियों, महंगाई भत्ते की किस्तों के भुगतान और सरकार की ओर से पेंशनरों की मांगों को लेकर दिए गए वक्तव्यों पर चर्चा होगी। वर्मा ने कहा कि 28 नवंबर 2025 को धर्मशाला तथा 30 मार्च और एक सितंबर 2026 को शिमला में विधानसभा घेराव किए गए। इनमें बड़ी संख्या में पेंशनरों ने भाग लिया, लेकिन मांगों का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि कई बुजुर्ग पेंशनर लंबे समय से अपने आर्थिक लाभों के भुगतान का इंतजार कर रहे हैं। 18 सितंबर की बैठक में धरना-प्रदर्शन, आमरण अनशन और रास्ता रोको अभियान समेत अन्य विकल्पों पर विचार होगा। राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने के विकल्प पर भी चर्चा की जाएगी। समिति ने सरकार से समय रहते वार्ता कर लंबित मांगों का समाधान करने की मांग की है।
सरकार से सामूहिक वार्ता की मांग
समिति ने सरकार से सभी प्रमुख पेंशनर संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करने की मांग की है। वर्मा ने कहा कि यदि सरकार ने वार्ता नहीं की तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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आमरण अनशन और रास्ता रोको पर होगा विचार
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। लंबित आर्थिक देनदारियों और अन्य मांगों को लेकर हिमाचल प्रदेश पेंशनर संयुक्त संघर्ष समिति ने सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने का संकेत दिया है। समिति के जिला संयोजक चेत राम वर्मा ने कहा कि तीन बड़े प्रदर्शनों के बावजूद सरकार की ओर से पेंशनर संगठनों के साथ सार्थक बातचीत नहीं हुई है। 18 सितंबर को बिलासपुर में होने वाली बैठक में आंदोलन के अगले चरण की रणनीति तय की जाएगी।
उन्होंने बताया कि समिति से जुड़े 18 पेंशनर संगठनों के प्रदेश पदाधिकारी बैठक में शामिल होंगे। इसमें लंबित आर्थिक देनदारियों, महंगाई भत्ते की किस्तों के भुगतान और सरकार की ओर से पेंशनरों की मांगों को लेकर दिए गए वक्तव्यों पर चर्चा होगी। वर्मा ने कहा कि 28 नवंबर 2025 को धर्मशाला तथा 30 मार्च और एक सितंबर 2026 को शिमला में विधानसभा घेराव किए गए। इनमें बड़ी संख्या में पेंशनरों ने भाग लिया, लेकिन मांगों का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि कई बुजुर्ग पेंशनर लंबे समय से अपने आर्थिक लाभों के भुगतान का इंतजार कर रहे हैं। 18 सितंबर की बैठक में धरना-प्रदर्शन, आमरण अनशन और रास्ता रोको अभियान समेत अन्य विकल्पों पर विचार होगा। राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने के विकल्प पर भी चर्चा की जाएगी। समिति ने सरकार से समय रहते वार्ता कर लंबित मांगों का समाधान करने की मांग की है।
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सरकार से सामूहिक वार्ता की मांग
समिति ने सरकार से सभी प्रमुख पेंशनर संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करने की मांग की है। वर्मा ने कहा कि यदि सरकार ने वार्ता नहीं की तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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