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शिव पुराण की कथा से मिलता है संतान सुख: मदन
Thu, 20 Feb 2025 11:35 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Thu, 20 Feb 2025 11:35 PM IST
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बिलासपुर के शिव शक्ति मंदिर कोटलु ब्राह्मणा में आयोजित शिव महापुराण कथा में उपस्थित श्रद्धालु।
-शिव शक्ति मंदिर कोटलु ब्राह्मणा में चौथे दिन की शिव महापुराण कथा
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। शिव शक्ति मंदिर कोटलु ब्राह्मणा में चल रही शिव महापुराण कथा के चौथे दिन कथा वाचक पंडित मदन लाल दुर्वासा ने बताया कि शिव महापुराण अठारह पुराणों में से एक है। इसमें भगवान शिव की लीला और इनकी पूजा विधि सहित शिवलिंग की उत्पत्ति और शिव भक्ति से संबंधित कथाएं हैं।
शिव पुराण का पाठ आप कभी भी शुभ मुहूर्त में कर सकते हैं। शिव पुराण का आयोजन जब भी करें तो संभव हो सभी मित्रों, कुटुंबों और जो भी इसे सुनने की इच्छा रखते हैं उन्हें इसकी सूचना दें। ताकि वह भी इसके श्रवण का लाभ ले पाएं। शिव पुराण कथा श्रवण करने से पहले यह संकल्प करें कि आप ध्यान पूर्वक कथा का श्रवण करेंगे और मन को शिव जी में लगाए रखने का प्रयास करेंगे। उन्होंने बताया कि शिव पुराण की कथा जितने दिनों तक चल रही है तब तक मसूर की दाल, गाजर, बासी भोजन, हींग, लहसुन, प्याज के अलावा मांस और मदिरा के सेवन से परहेज रखना चाहिए। हर दिन शिव पुराण की कथा आरंभ और समाप्त होने पर शिव पुराण की पूजा करनी चाहिए और यदि किसी पंडित से पाठ करवा रहे हो तो उसे प्रणाम करके दान दक्षिणा देनी चाहिए। उन्होंने बताया कि शिव पुराण की कथा से संतानहीन लोगों की गोद भी शिवजी भरते हैं। गंभीर रोगी, भाग्यहीन व्यक्ति को भी शिव पुराण की कथा से लाभ मिलता है। इसलिए भक्ति भाव और मन में श्रद्धा रखकर विश्वास के साथ शिव पुराण की कथा का श्रवण करना चाहिए। उन्होंने बताया कि कलयुग में महामृत्युंजय मंत्र, हरे कृष्णा हरे राम मंत्र, राम नाम, गायत्री मंत्र और ओम शांति शांति शांति जैसे मंत्रों को बहुत शक्तिशाली माना गया है। यह मंत्र बहुत ही प्रभावशाली होते हैं। इसलिए मनुष्य को इन मंत्रों का जाप करते रहना चाहिए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। शिव शक्ति मंदिर कोटलु ब्राह्मणा में चल रही शिव महापुराण कथा के चौथे दिन कथा वाचक पंडित मदन लाल दुर्वासा ने बताया कि शिव महापुराण अठारह पुराणों में से एक है। इसमें भगवान शिव की लीला और इनकी पूजा विधि सहित शिवलिंग की उत्पत्ति और शिव भक्ति से संबंधित कथाएं हैं।
शिव पुराण का पाठ आप कभी भी शुभ मुहूर्त में कर सकते हैं। शिव पुराण का आयोजन जब भी करें तो संभव हो सभी मित्रों, कुटुंबों और जो भी इसे सुनने की इच्छा रखते हैं उन्हें इसकी सूचना दें। ताकि वह भी इसके श्रवण का लाभ ले पाएं। शिव पुराण कथा श्रवण करने से पहले यह संकल्प करें कि आप ध्यान पूर्वक कथा का श्रवण करेंगे और मन को शिव जी में लगाए रखने का प्रयास करेंगे। उन्होंने बताया कि शिव पुराण की कथा जितने दिनों तक चल रही है तब तक मसूर की दाल, गाजर, बासी भोजन, हींग, लहसुन, प्याज के अलावा मांस और मदिरा के सेवन से परहेज रखना चाहिए। हर दिन शिव पुराण की कथा आरंभ और समाप्त होने पर शिव पुराण की पूजा करनी चाहिए और यदि किसी पंडित से पाठ करवा रहे हो तो उसे प्रणाम करके दान दक्षिणा देनी चाहिए। उन्होंने बताया कि शिव पुराण की कथा से संतानहीन लोगों की गोद भी शिवजी भरते हैं। गंभीर रोगी, भाग्यहीन व्यक्ति को भी शिव पुराण की कथा से लाभ मिलता है। इसलिए भक्ति भाव और मन में श्रद्धा रखकर विश्वास के साथ शिव पुराण की कथा का श्रवण करना चाहिए। उन्होंने बताया कि कलयुग में महामृत्युंजय मंत्र, हरे कृष्णा हरे राम मंत्र, राम नाम, गायत्री मंत्र और ओम शांति शांति शांति जैसे मंत्रों को बहुत शक्तिशाली माना गया है। यह मंत्र बहुत ही प्रभावशाली होते हैं। इसलिए मनुष्य को इन मंत्रों का जाप करते रहना चाहिए।
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