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22 करोड़ रुपये से शुरू हुई परियोजना का आकलन 77.45 करोड़ पहुंचा

Mon, 06 Sep 2021 11:53 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 06 Sep 2021 11:53 PM IST
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The estimate of the project started from 22 crores reached 77.45 crores
बिलासपुर। शहर में 60 वर्ष पुरानी सीवरेज व्यवस्था बदहाली के दौर में है। शहर की सीवरेज की सारी गंदगी गोविंद सागर झील के पानी में मिल रही है। ऐसे में झील का पानी तो प्रदूषित हो ही रहा है, कुछ क्षेत्रों में गंदे पानी की सप्लाई से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। पिछले कई सालों से बिलासपुर में सीवरेज प्लांट की परियोजना की कवायद अभी तक सिरे नहीं चढ़ पाई है।
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सदर हलके के पूर्व विधायक एवं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के कार्यकाल में बिलासपुर शहर में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए 22 करोड़ रुपये मंजूर हुए थे। उसके बाद लंबे अरसे तक किसी ने भी इस परियोजना पर अमल को लेकर सुध नहीं ली। यह प्रोजेक्ट लगातार अनदेखी का शिकार होता रहा। वर्ष 2017 के बाद दोबारा इसका प्राक्कलन तैयार किया गया और इसकी लागत करीब 50 करोड़ रुपये बताई गई। लेकिन, फिर भी काम शुरू नहीं हो पाया। अब इस प्रोजेक्ट की लागत 77.45 करोड़ पहुंच गई है।
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हैरानी की बात है कि शहर की स्वच्छता से जुड़े इस प्रोजेक्ट पर भी तक काम नहीं शुरू हो पाया है। जबकि, परियोजना की लागत फाइलों में ही लगातार बढ़ रही है। परियोजना के तहत बिलासपुर के डियारा सेक्टर में स्थित मीट मार्केट के साथ लगते नाले में एक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट प्रस्तावित है। वहीं दूसरा प्लांट बिलासपुर के लखनपुर में बनेगा। बताते चलें कि जल शक्ति विभाग ने इस योजना को पूरा करने का कार्य फ्रांस की एक एजेंसी एएफडी को दिया है।
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फ्रांस से आई एक टीम ने साइट चयन का मामला भी सुलझा लिया है। इसे डियारा सेक्टर के साथ लगती मीट मार्केट के नाले व लखनपुर इलाके में दो जगहों पर अलग-अलग दो हिस्सों में तैयार करने का निर्णय हुआ है। कोरोना महामारी से अब हालात सुधरते नजर आ रहे हैं और विकास कार्य गति पकड़ चुके हैं। लेकिन, शहर के बहुप्रतिक्षित सीवरेज प्रोजेक्ट की प्रक्रिया जस की तस है।

जल शक्ति विभाग के सहायक अभियंता राजेश ने बताया कि बीबीएमबी की एनओसी से लेकर अन्य सभी औपचारिकताएं पूरी कर फ्रंास की एजेंसी एएफडी को फाइल सौंप दी है। डीपीआर तैयार करने से लेकर अन्य सभी आगे की प्रक्रिया उक्त एजेंसी ही पूरा करेगी। जल्द ही इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो जाने की उम्मीद है।
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