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Bilaspur News: झंडूता में मत्स्य पालकों और शिकारियों का विवाद गहराया

Sat, 28 Feb 2026 11:42 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Sat, 28 Feb 2026 11:42 PM IST
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The dispute between fishermen and hunters deepens in Jhanduta.
कम मछली रेट, शेयर पूंजी की मांग को लेकर उत्पादकों में नाराजगी
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उत्पादन लागत से कम रेट ने बढ़ाई मुश्किलें, 25 रुपये प्रति किलो हुए कम
-नई मत्स्य संघ की 10 हजार रुपये शेयर पूंजी की मांग विवादित

संवाद न्यूज एजेंसी
गेहड़वीं(बिलासपुर)। मत्स्य उत्पादकों, शिकारियों और नए मत्स्य संघ के बीच विवाद अब गहरा गया है। मत्स्य उत्पादकों का आरोप है कि पिछले वर्ष 2025-26 में मछली का रेट 100 से 130 रुपये प्रति किलो था, लेकिन इस वर्ष 2026-27 के लिए फिश फेडरेशन ने गर्मियों में 84 रुपये और सर्दियों में 105 रुपये प्रति किलो तय किया। इससे लगभग 25 रुपये प्रति किलो की कमी हुई है, जिसे उत्पादक गरीब शिकारियों के साथ अन्याय मान रहे हैं।
बलघाड के मत्स्य सभा के पदाधिकारी झंडूता विधायक जीतराम कटवाल से मिले। प्रधान बाबू राम राणा ने बताया कि कम रेट के कारण कई मत्स्य सभाएं जैसे दी बलघाड, जबलू, नाहरल, मातला, कारवी, गुग्गा गेहड़वीं आदि मछली सप्लाई करने में असमर्थ हैं। उनका कहना है कि यह रेट इतना कम है कि उत्पादन लागत भी पूरी तरह नहीं निकल पाती। घर चलाना मुश्किल हो गया है, और गरीब शिकारियों को सीधे आर्थिक नुकसान हो रहा है। उत्पादकों का कहना है कि नए मत्स्य संघ द्वारा 10 हजार रुपये की शेयर पूंजी की मांग अनुचित है। बाबू राम ने बताया कि 15-20 साल पहले 17 सोसायटियों के पास पहले से ही मत्स्य संघ में शेयर था, लेकिन नया संघ बनने के बाद इतनी बड़ी राशि देना उत्पादकों के लिए मुश्किल है। सभी सोसायटियां पहले से घाटे में चल रही हैं। हम इतनी बड़ी राशि देने में सक्षम नहीं हैं। मत्स्य शिकारियों ने पुरानी फिश फेडरेशन पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि पुरानी फेडरेशन के पास 17 सभाओं की बकाया राशि अलग-अलग रूपों में थी। इसके अलावा, मैहतपुर और बिलासपुर में फेडरेशन के प्लांट और दुकानें आधी से ज्यादा बिक चुकी हैं। लेकिन बिक्री से प्राप्त राशि का कोई हिसाब मत्स्य सभाओं को नहीं दिया गया। यह सारा धन मूल रूप से मत्स्य सभाओं का था।
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झंडूता के विधायक जीत राम कटवाल से इस मुद्दे पर चर्चा के लिए लगभग 5 मत्स्य सभाओं के प्रतिनिधि और दर्जनों शिकारी पहुंचे। बैठक में बाबू राम, सरवन कुमार, बलराज, कुलदीप सिंह, राजकुमार, कर्म सिंह, राम सरन, दिनेश कुमार, रियाज मोहम्मद, विमला देवी और संजय आदि पदाधिकारियों ने विधायक से मांग रखी कि मछली के रेट को पिछले स्तर पर वापस लाया जाए, नए मत्स्य संघ की 10 हजार रुपये शेयर पूंजी की मांग वापस ली जाए। पुरानी फेडरेशन की बिक्री राशि का पारदर्शी हिसाब मत्स्य सभाओं को दिया जाए। विधायक जीत राम कटवाल ने सभी शिकायतें ध्यान से सुनने के बाद आश्वासन दिया कि वे इस मामले को संबंधित विभाग और सरकार के समक्ष उठाएंगे। उन्होंने कहा कि मत्स्य उत्पादकों और शिकारियों के हितों की रक्षा उनके लिए प्राथमिकता है और वे सुनिश्चित करेंगे कि उचित समाधान निकले।
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