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Bilaspur News: मां के इलाज के लिए मानवीय आधार पर कोर्ट ने दी राहत

Thu, 11 Dec 2025 11:07 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Thu, 11 Dec 2025 11:07 PM IST
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The court granted relief on humanitarian grounds for the treatment of the mother.
अदालत से--
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एनडीपीएस केस में आरोपी को मिली सात दिन की अंतरिम जमानत
-विशेष न्यायाधीश घुमारवीं की अदालत ने दिया आदेश

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। विशेष न्यायाधीश घुमारवीं की अदालत ने चरस बरामदगी के मामले में जेल में बंद आरोपी को मानवीय आधार पर सात दिन की अंतरिम जमानत दी है। अदालत ने आदेश में कहा कि आरोपी की बुजुर्ग मां गंभीर हृदय रोग से पीड़ित हैं और उनका इलाज कराना जरूरी है। अदालत ने इसे मानवीय आधार मानते हुए 11 दिसंबर 2025 से 17 दिसंबर 2025 तक सिर्फ 7 दिन की अंतरिम जमानत मंजूर की है।

आरोपी के वकील ने 60 दिन की अंतरिम जमानत मांगी थी। उन्होंने बताया था कि बारिश से उनका खेत बह गया है, घर के पास की जमीन खिसक गई है और परिवार में कोई कमाने वाला पुरुष सदस्य नहीं है, लेकिन अदालत ने वाणिज्यिक मात्रा के एनडीपीएस मामले में लंबी अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया। केवल मां के इलाज तक ही राहत सीमित रखी। बताते चलें कि आरोपी के खिलाफ घुमारवीं थाने में 6 अप्रैल 2025 को एनडीपीएस एक्ट के तहत वाणिज्यिक मात्रा में चरस बरामदगी के मामले में केस दर्ज हुआ था। आरोपी 5 अप्रैल 2025 से न्यायिक हिरासत में है। चालान पेश हो चुका है और चार्ज पर बहस के लिए मामला 17 दिसंबर को तय है। अदालत ने सख्त शर्तों के साथ अंतरिम जमानत दी है। इन शर्तों में एक लाख रुपये का निजी मुचलका व इतनी ही राशि का एक जमानतदार, 17 दिसंबर 2025 शाम 5 बजे तक ओपन एयर जेल, बिलासपुर में सरेंडर करना अनिवार्य है। अंतरिम जमानत सिर्फ मां के इलाज के लिए, अन्य किसी काम के लिए नहीं है। वहीं, आरोपी के खिलाफ दिल्ली क्राइम ब्रांच में भी एक पुराना एनडीपीएस मामला चल रहा है, लेकिन अदालत ने कहा कि महज पेंडिंग केस होने से मानवीय आधार पर राहत नहीं रोकी जा सकती।
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