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एक राष्ट्र-एक चुनाव जैसी व्यवस्था लागू होने से देश को मिलेगा सुशासन : कटवाल
Wed, 21 May 2025 11:52 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Wed, 21 May 2025 11:52 PM IST
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घुमारवीं में आयोजित एक राष्ट्र-एक चुनाव सेमिनार में अतिथियों को सम्मानित करते बार संघ के पदाधिक
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घुमारवीं न्यायालय के बार सभागार में एक राष्ट्र-एक चुनाव पर हुआ सेमिनार
संवाद न्यूज एजेंसी
भगेड़(बिलासपुर)। बार एसोसिएशन घुमारवीं की ओर से बुधवार को न्यायालय परिसर स्थित बार सभागार में एक राष्ट्र-एक चुनाव विषय पर सेमिनार हुआ, जिसकी अध्यक्षता बार एसोसिएशन के अध्यक्ष लेखराम नड्डा ने की।
मुख्यवक्ता एवं सह संयोजक झंडूता विधायक जीत राम कटवाल उपस्थित रहे। पूर्व खाद्य आपूर्ति मंत्री राजेंद्र गर्ग ने विशिष्ट अतिथि के रूप में सेमिनार में भाग लिया। विधायक जीत राम कटवाल ने कहा कि देश में बार-बार होने वाले चुनाव न केवल समय और संसाधनों की बर्बादी करते हैं, बल्कि इससे प्रशासन और विकास कार्यों पर भी असर पड़ता है। एक राष्ट्र-एक चुनाव जैसी व्यवस्था लागू होने से चुनावी खर्च में भारी कमी आएगी और देश को सुशासन मिलेगा। एक राष्ट्र-एक चुनाव एक क्रांतिकारी कदम है, जो भारत के लोकतंत्र को और अधिक मजबूत, पारदर्शी और कुशल बना सकता है। इससे न केवल सरकार के कार्यों में निरंतरता आएगी, बल्कि राष्ट्रीय एकता और अखंडता भी सुदृढ़ होगी। लेखराम नड्डा ने कहा कि यह विषय न केवल राजनीतिक बल्कि कानूनी दृष्टिकोण से भी गहन मंथन की मांग करता है। राजेंद्र गर्ग ने कहा कि यदि सभी चुनाव एक साथ हों तो नीति निर्माण में स्थिरता आएगी और लोकतंत्र और अधिक मजबूत होगा। एक राष्ट्र-एक चुनाव का मुख्य उद्देश्य लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव को एक साथ आयोजित करना है ताकि समय, संसाधन और प्रशासनिक खर्चों की बचत में हो सके तथा देश के विकास कार्यों में निरंतरता बनी रहे। सेमिनार में अधिवक्ता, बुद्धिजीवी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने इस विषय पर गहन चर्चा कर इसे समय की आवश्यकता बताया।
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भगेड़(बिलासपुर)। बार एसोसिएशन घुमारवीं की ओर से बुधवार को न्यायालय परिसर स्थित बार सभागार में एक राष्ट्र-एक चुनाव विषय पर सेमिनार हुआ, जिसकी अध्यक्षता बार एसोसिएशन के अध्यक्ष लेखराम नड्डा ने की।
मुख्यवक्ता एवं सह संयोजक झंडूता विधायक जीत राम कटवाल उपस्थित रहे। पूर्व खाद्य आपूर्ति मंत्री राजेंद्र गर्ग ने विशिष्ट अतिथि के रूप में सेमिनार में भाग लिया। विधायक जीत राम कटवाल ने कहा कि देश में बार-बार होने वाले चुनाव न केवल समय और संसाधनों की बर्बादी करते हैं, बल्कि इससे प्रशासन और विकास कार्यों पर भी असर पड़ता है। एक राष्ट्र-एक चुनाव जैसी व्यवस्था लागू होने से चुनावी खर्च में भारी कमी आएगी और देश को सुशासन मिलेगा। एक राष्ट्र-एक चुनाव एक क्रांतिकारी कदम है, जो भारत के लोकतंत्र को और अधिक मजबूत, पारदर्शी और कुशल बना सकता है। इससे न केवल सरकार के कार्यों में निरंतरता आएगी, बल्कि राष्ट्रीय एकता और अखंडता भी सुदृढ़ होगी। लेखराम नड्डा ने कहा कि यह विषय न केवल राजनीतिक बल्कि कानूनी दृष्टिकोण से भी गहन मंथन की मांग करता है। राजेंद्र गर्ग ने कहा कि यदि सभी चुनाव एक साथ हों तो नीति निर्माण में स्थिरता आएगी और लोकतंत्र और अधिक मजबूत होगा। एक राष्ट्र-एक चुनाव का मुख्य उद्देश्य लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव को एक साथ आयोजित करना है ताकि समय, संसाधन और प्रशासनिक खर्चों की बचत में हो सके तथा देश के विकास कार्यों में निरंतरता बनी रहे। सेमिनार में अधिवक्ता, बुद्धिजीवी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने इस विषय पर गहन चर्चा कर इसे समय की आवश्यकता बताया।
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