फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   The accused in the NDPS case got conditional bail from the court

Bilaspur News: एनडीपीएस केस में आरोपी को कोर्ट से सशर्त मिली जमानत

Wed, 03 Sep 2025 11:40 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Wed, 03 Sep 2025 11:40 PM IST
विज्ञापन
The accused in the NDPS case got conditional bail from the court
अदालत से
विज्ञापन


विशेष न्यायाधीश मोहित बंसल की अदालत ने सुनाया फैसला
एक लाख रुपये के निजी मुचलके और दो जमानतदारों की शर्त पर रिहा
आरोपी जांच में करेगा सहयोग, अदालत की हर तारीख पर होगा पेश
30.1 ग्राम चिट्टा बरामदी के मामले में पुलिस ने किया था गिरफ्तार

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। विशेष न्यायाधीश घुमारवीं डॉ. मोहित बंसल की अदालत ने एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामले में आरोपी प्रिंस कुमार निवासी बल्ह (मंडी) को सशर्त जमानत पर रिहा किया। अदालत ने कहा कि आरोपी की लंबी कैद उसकी स्वतंत्रता का हनन होगी जबकि जांच पूरी हो चुकी है और अब उसकी हिरासत की आवश्यकता नहीं है।

पुलिस के मुताबिक 25 जुलाई की रात घुमारवीं थाना पुलिस ने बलोह-मल्यावर लिंक रोड पर नाका लगाया था। इस दौरान एक आल्टो कार से 30.1 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। कार में बैठे तीन लोगों में चालक ने अपना नाम प्रिंस कुमार, साथ बैठे ने राज कुमार और पीछे बैठे ने लेख राज बताया। पुलिस ने बरामदगी को मौके पर सील किया और स्वतंत्र गवाह को शामिल किया। बरामदगी की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी की गई। बचाव पक्ष ने अदालत से कहा कि आरोपी निर्दोष है और जांच पूरी हो चुकी है, जबकि अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी गवाहों को प्रभावित कर सकता है। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि बरामदगी इंटरमीडिएट क्वांटिटी की है, इसलिए एनडीपीएस एक्ट की धारा 37 लागू नहीं होती। सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए अदालत ने कहा कि बेल नियम है और जेल अपवाद। अदालत ने आरोपी को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और दो जमानतदारों की शर्त पर रिहा किया। साथ ही यह शर्तें लगाई गईं कि आरोपी जांच में सहयोग करेगा, गवाहों को प्रभावित नहीं करेगा, अदालत की हर तारीख पर पेश होगा और भविष्य में ऐसे अपराधों में संलिप्त नहीं होगा। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि शर्तों का उल्लंघन हुआ तो अभियोजन पक्ष उसकी जमानत रद्द कराने के लिए अदालत का रुख कर सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed