{"_id":"6ad3c32bd0d3003faa0b82da","slug":"tents-set-up-for-children-at-dadhol-school-on-the-second-day-provided-relief-from-the-sun-bilaspur-news-c-92-1-ssml1001-170088-2026-10-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bilaspur News: दधोल स्कूल में दूसरे दिन बच्चों के लिए लगाए टेंट, धूप से मिली राहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur News: दधोल स्कूल में दूसरे दिन बच्चों के लिए लगाए टेंट, धूप से मिली राहत
विज्ञापन
अमर उजाला में प्रकाशित खबर
जिला स्तरीय चिल्ड्रन साइंस कांग्रेस के पहले दिन विद्यार्थियों ने कड़ी धूप में पेश किए थे मॉडल
प्रतियोगिता में जिला भर से 70 अधिक स्कूलों के विद्यार्थी ले रहे भाग
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला दधोल में आयोजित 33वीं जिला स्तरीय चिल्ड्रन साइंस कांग्रेस में दूसरे दिन विद्यार्थियों को धूप से राहत मिली। पहले दिन कड़ी धूप में बैठकर विज्ञान मॉडल प्रस्तुत करने को मजबूर विद्यार्थियों की परेशानी को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था। खबर प्रकाशित होने के बाद शनिवार सुबह ही कार्यक्रम स्थल पर टेंट लगा दिए गए। इससे प्रतियोगिता में भाग लेने पहुंचे विद्यार्थियों को धूप से बचने के लिए छाया मिल गई।
प्रतियोगिता के पहले दिन विज्ञान मॉडल प्रस्तुत करने पहुंचे कई विद्यार्थियों को चिलचिलाती धूप में बैठना पड़ा था। बच्चों को अपनी बारी का इंतजार भी खुले में करना पड़ा। कार्यक्रम स्थल पर छाया की व्यवस्था नहीं होने से विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा था। जिला भर के 70 से अधिक स्कूलों के विद्यार्थी इस प्रतियोगिता में भाग लेने दधोल पहुंचे हैं।
विद्यार्थियों ने विज्ञान मॉडल तैयार करने और उन्हें निर्णायक मंडल के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए मेहनत की है। ऐसे में कार्यक्रम स्थल पर बैठने और मॉडल प्रदर्शित करने के लिए उचित व्यवस्था जरूरी थी। पहले दिन बच्चों को धूप में बैठना पड़ने से आयोजन की व्यवस्थाओं पर सवाल उठे थे। अमर उजाला में समस्या प्रकाशित होने के बाद आयोजन प्रबंधन ने व्यवस्था में सुधार किया और दूसरे दिन सुबह ही टेंट लगवा दिए।
विज्ञापन
33वीं जिला स्तरीय चिल्ड्रन साइंस कांग्रेस का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना, उनकी रचनात्मकता को प्रोत्साहित करना और प्रतिभा दिखाने के लिए मंच उपलब्ध करवाना है। प्रतियोगिता में विद्यार्थी विज्ञान से जुड़ी गतिविधियों और मॉडलों के माध्यम से अपनी समझ और कल्पनाशीलता का प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे आयोजनों में विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाना जरूरी है, ताकि वे बिना किसी परेशानी के अपनी प्रतिभा दिखा सकें।
विज्ञापन
प्रतियोगिता में जिला भर से 70 अधिक स्कूलों के विद्यार्थी ले रहे भाग
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला दधोल में आयोजित 33वीं जिला स्तरीय चिल्ड्रन साइंस कांग्रेस में दूसरे दिन विद्यार्थियों को धूप से राहत मिली। पहले दिन कड़ी धूप में बैठकर विज्ञान मॉडल प्रस्तुत करने को मजबूर विद्यार्थियों की परेशानी को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था। खबर प्रकाशित होने के बाद शनिवार सुबह ही कार्यक्रम स्थल पर टेंट लगा दिए गए। इससे प्रतियोगिता में भाग लेने पहुंचे विद्यार्थियों को धूप से बचने के लिए छाया मिल गई।
प्रतियोगिता के पहले दिन विज्ञान मॉडल प्रस्तुत करने पहुंचे कई विद्यार्थियों को चिलचिलाती धूप में बैठना पड़ा था। बच्चों को अपनी बारी का इंतजार भी खुले में करना पड़ा। कार्यक्रम स्थल पर छाया की व्यवस्था नहीं होने से विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा था। जिला भर के 70 से अधिक स्कूलों के विद्यार्थी इस प्रतियोगिता में भाग लेने दधोल पहुंचे हैं।
विज्ञापन
विद्यार्थियों ने विज्ञान मॉडल तैयार करने और उन्हें निर्णायक मंडल के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए मेहनत की है। ऐसे में कार्यक्रम स्थल पर बैठने और मॉडल प्रदर्शित करने के लिए उचित व्यवस्था जरूरी थी। पहले दिन बच्चों को धूप में बैठना पड़ने से आयोजन की व्यवस्थाओं पर सवाल उठे थे। अमर उजाला में समस्या प्रकाशित होने के बाद आयोजन प्रबंधन ने व्यवस्था में सुधार किया और दूसरे दिन सुबह ही टेंट लगवा दिए।
विज्ञापन
33वीं जिला स्तरीय चिल्ड्रन साइंस कांग्रेस का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना, उनकी रचनात्मकता को प्रोत्साहित करना और प्रतिभा दिखाने के लिए मंच उपलब्ध करवाना है। प्रतियोगिता में विद्यार्थी विज्ञान से जुड़ी गतिविधियों और मॉडलों के माध्यम से अपनी समझ और कल्पनाशीलता का प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे आयोजनों में विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाना जरूरी है, ताकि वे बिना किसी परेशानी के अपनी प्रतिभा दिखा सकें।

अमर उजाला में प्रकाशित खबर