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Bilaspur News: सलोआ स्कूल में शिक्षकों का टोटा, कई छात्रों ने किया पलायन
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पांच साल पहले स्कूल में 350 छात्र थे, अब मात्र 90 ही कर रहे पढ़ाई
स्कूल में पीटीआई, कला, वरिष्ठ सहायक समेत नौ पद खाली
दूसरे स्कूलों में पढ़ाई करने के लिए बच्चों को करना पड़ रहा 15 किमी सफर
संवाद न्यूज एजेंसी
ऋषिकेश (बिलासपुर)। श्री नयनादेवी जी विधानसभा क्षेत्र के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सलोआ में शिक्षकों की भारी कमी है। स्कूल में शिक्षकों समेत सहायक स्टाफ के नौ पद लंबे समय से खाली हैं। स्कूल प्रबंधन समिति के प्रधान प्रेमलाल ने बताया कि पांच-छह साल पहले स्कूल में 350 के करीब छात्र थे, लेकिन अब मात्र 90 छात्र है। उन्होंने बताया कि स्कूल में अंग्रेजी विषय के शिक्षक पिछले चार वर्ष से नहीं हैं, जबकि कला अध्यापक, पीटीई, वरिष्ठ सहायक, प्रधानाचार्य, पुस्तकालय अधीक्षक और चपरासी के पद भी लंबे समय से खाली हैं। इसके कारण बच्चे जरूरी विषयों की पढ़ाई से वंचित हैं। पढ़ाई का स्तर गिरने से अभिभावक बच्चों को इस स्कूल से दूसरे स्कूलों में भेजने को मजबूर हैं। कई लोग बच्चों को 15 किलोमीटर दूर स्कूलों में पढ़ाई करने के लिए भेज रहे हैं, जिससे छात्रों की दिनचर्या पर असर पड़ रहा है। प्रधान ने बताया कि विभाग को कई बार इसके बारे में अवगत करवाया गया, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
कोट
विभाग का आश्वासन, जल्द होगा समाधान
उपनिदेशक उच्च शिक्षा रेणु कौशल ने कहा कि विभाग को स्कूल में खाली पदों की जानकारी है और प्रक्रिया के तहत जल्द ही इन्हें भरा जाएगा। उन्होंने कहा कि बच्चों की पढ़ाई में किसी भी तरह की रुकावट नहीं आने दी जाएगी।
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स्कूल में पीटीआई, कला, वरिष्ठ सहायक समेत नौ पद खाली
दूसरे स्कूलों में पढ़ाई करने के लिए बच्चों को करना पड़ रहा 15 किमी सफर
संवाद न्यूज एजेंसी
ऋषिकेश (बिलासपुर)। श्री नयनादेवी जी विधानसभा क्षेत्र के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सलोआ में शिक्षकों की भारी कमी है। स्कूल में शिक्षकों समेत सहायक स्टाफ के नौ पद लंबे समय से खाली हैं। स्कूल प्रबंधन समिति के प्रधान प्रेमलाल ने बताया कि पांच-छह साल पहले स्कूल में 350 के करीब छात्र थे, लेकिन अब मात्र 90 छात्र है। उन्होंने बताया कि स्कूल में अंग्रेजी विषय के शिक्षक पिछले चार वर्ष से नहीं हैं, जबकि कला अध्यापक, पीटीई, वरिष्ठ सहायक, प्रधानाचार्य, पुस्तकालय अधीक्षक और चपरासी के पद भी लंबे समय से खाली हैं। इसके कारण बच्चे जरूरी विषयों की पढ़ाई से वंचित हैं। पढ़ाई का स्तर गिरने से अभिभावक बच्चों को इस स्कूल से दूसरे स्कूलों में भेजने को मजबूर हैं। कई लोग बच्चों को 15 किलोमीटर दूर स्कूलों में पढ़ाई करने के लिए भेज रहे हैं, जिससे छात्रों की दिनचर्या पर असर पड़ रहा है। प्रधान ने बताया कि विभाग को कई बार इसके बारे में अवगत करवाया गया, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
कोट
विभाग का आश्वासन, जल्द होगा समाधान
उपनिदेशक उच्च शिक्षा रेणु कौशल ने कहा कि विभाग को स्कूल में खाली पदों की जानकारी है और प्रक्रिया के तहत जल्द ही इन्हें भरा जाएगा। उन्होंने कहा कि बच्चों की पढ़ाई में किसी भी तरह की रुकावट नहीं आने दी जाएगी।
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