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Bilaspur News: विद्यार्थियों ने प्राप्त किया मिट्टी के बर्तन बनाने का प्रशिक्षण
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- मिट्टी के बर्तनों में खाना बनाने से बढ़ता हैं भोजन का स्वाद : गंगा
संवाद न्यूज एजेंसी
झंडूता (बिलासपुर)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ठठल जंगल के कक्षा छठीं, सातवीं और आठवीं के प्री वोकेशनल विषय के विद्यार्थियों ने कपिल पोटरी ठप्पर में मिट्टी के बर्तन बनाने का प्रशिक्षण का प्राप्त किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को कुम्हार के चाक पर हाथ आजमाने का अवसर भी मिला।
पोटरी कलाकार गंगा राम कपिल ने बच्चों के साथ-साथ शिक्षकों को भी मिट्टी के बर्तन बनाने की बारीकियां सिखाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मिट्टी के बर्तन प्रतिभा और रचनात्मकता को प्रदर्शित करने की एक अनोखी संरचना है। वहीं, मिट्टी के बर्तनों में खाना बनाने से भोजन की पौष्टिकता, स्वाद और गुणवत्ता बढ़ती है। विद्यार्थियों ने चाक पर कुल्हड़, दीये, गुल्लक बनाना सीखा। सुमन प्रजापति ने कहा कि हस्तकला हुनर बच्चों में आत्मनिर्भरता के गुण को विकसित करने में महत्वपूर्ण योगदान देती है। विद्यार्थी जीवन में बच्चों को स्वावलंबन के साथ मनोबल बढ़ाने के लिए इस तरह के कार्यक्रमों का होना आवश्यक है। रमेश कुमार ने कहा कि विद्यार्थियों को माटी कला को सिखाने का प्रयास किया। इस मौके पर गिरधारी लाल, संदीप शर्मा, उर्मिला और अन्य उपस्थित रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
झंडूता (बिलासपुर)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ठठल जंगल के कक्षा छठीं, सातवीं और आठवीं के प्री वोकेशनल विषय के विद्यार्थियों ने कपिल पोटरी ठप्पर में मिट्टी के बर्तन बनाने का प्रशिक्षण का प्राप्त किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को कुम्हार के चाक पर हाथ आजमाने का अवसर भी मिला।
पोटरी कलाकार गंगा राम कपिल ने बच्चों के साथ-साथ शिक्षकों को भी मिट्टी के बर्तन बनाने की बारीकियां सिखाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मिट्टी के बर्तन प्रतिभा और रचनात्मकता को प्रदर्शित करने की एक अनोखी संरचना है। वहीं, मिट्टी के बर्तनों में खाना बनाने से भोजन की पौष्टिकता, स्वाद और गुणवत्ता बढ़ती है। विद्यार्थियों ने चाक पर कुल्हड़, दीये, गुल्लक बनाना सीखा। सुमन प्रजापति ने कहा कि हस्तकला हुनर बच्चों में आत्मनिर्भरता के गुण को विकसित करने में महत्वपूर्ण योगदान देती है। विद्यार्थी जीवन में बच्चों को स्वावलंबन के साथ मनोबल बढ़ाने के लिए इस तरह के कार्यक्रमों का होना आवश्यक है। रमेश कुमार ने कहा कि विद्यार्थियों को माटी कला को सिखाने का प्रयास किया। इस मौके पर गिरधारी लाल, संदीप शर्मा, उर्मिला और अन्य उपस्थित रहे।
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