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Bilaspur News: विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए संस्कृति से जुड़े भाषण, श्लोक, सूत्र पाठ
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सुनयना संस्कृत महाविद्यालय स्वारघाट में आयोजित दो दिवसीय संस्कृत साहित्यिक विद्वत् सम्मेलन में
श्री सुनयना संस्कृत महाविद्यालय में साहित्यिक विद्वत सम्मेलन का समापन
साहित्य कला मंच नालागढ़ के विशिष्ट कवि विशेष रूप में आमंत्रित थे
संवाद न्यूज एजेंसी
स्वारघाट (बिलासपुर)। श्री सुनयना संस्कृत महाविद्यालय स्वारघाट में आयोजित दो दिवसीय संस्कृत साहित्यिक विद्वत सम्मेलन का समापन हो गया। सम्मेलन में स्थानीय महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए।
पहली संध्या विशिष्ट हिंदी, संस्कृत और पहाड़ी कवियों के नाम रही। दूसरी संध्या में विभिन्न संस्कृत महाविद्यालयों से आए बच्चों ने श्लोकोच्चारण, गीतिका, भाषण, श्लोक, सूत्र पाठ आदि प्रस्तुत किए। इस कार्यक्रम का मुख्य विषय संस्कृत, संस्कृति एवं संस्कार पर आधारित था। इसमें हिमाचल एवं उत्तर भारत के प्रसिद्ध विद्वानों डॉ. लीलाधर शर्मा, संस्कृत अकादमी के पूर्व सचिव डॉ. मस्तराम, डॉ. नरोत्तम दत्त, डॉ. लेखराम, डॉ. जगदीश चंद और अन्य विद्वानों ने अपने व्याख्यान प्रस्तुत किए गए।
हिमाचल संस्कृत अकादमी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में साहित्य कला मंच नालागढ़ के विशिष्ट कवि विशेष रूप में आमंत्रित थे, जिन्होंने अपनी कविताओं के माध्यम से भारतीय संस्कृति पर हो रहे कुठाराघात पर अपनी वेदनाएं व्यक्त की। इससे पहले हिमाचल संस्कृत अकादमी के सचिव डॉ. केशवानंद कौशल ने सभी आए विद्वानों, कवियों का स्वागत किया। हिमाचल संस्कृत अकादमी ने स्थानीय महाविद्यालय के प्राक शास्त्री द्वितीय वर्ष के प्रदेश में पहला, दूसरा और तीसरा स्थान हासिल करने वाले विद्यार्थियों को विशेष रूप से सम्मानित किया। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. राकेश शर्मा, डॉ. गणेश दत्त, डॉ. ख्यालानंद, डॉ. नरेश शर्मा, गौरव शर्मा, चंपा देवी, डॉ. हंसराज सहित अन्य उपस्थित रहे।
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साहित्य कला मंच नालागढ़ के विशिष्ट कवि विशेष रूप में आमंत्रित थे
संवाद न्यूज एजेंसी
स्वारघाट (बिलासपुर)। श्री सुनयना संस्कृत महाविद्यालय स्वारघाट में आयोजित दो दिवसीय संस्कृत साहित्यिक विद्वत सम्मेलन का समापन हो गया। सम्मेलन में स्थानीय महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए।
पहली संध्या विशिष्ट हिंदी, संस्कृत और पहाड़ी कवियों के नाम रही। दूसरी संध्या में विभिन्न संस्कृत महाविद्यालयों से आए बच्चों ने श्लोकोच्चारण, गीतिका, भाषण, श्लोक, सूत्र पाठ आदि प्रस्तुत किए। इस कार्यक्रम का मुख्य विषय संस्कृत, संस्कृति एवं संस्कार पर आधारित था। इसमें हिमाचल एवं उत्तर भारत के प्रसिद्ध विद्वानों डॉ. लीलाधर शर्मा, संस्कृत अकादमी के पूर्व सचिव डॉ. मस्तराम, डॉ. नरोत्तम दत्त, डॉ. लेखराम, डॉ. जगदीश चंद और अन्य विद्वानों ने अपने व्याख्यान प्रस्तुत किए गए।
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हिमाचल संस्कृत अकादमी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में साहित्य कला मंच नालागढ़ के विशिष्ट कवि विशेष रूप में आमंत्रित थे, जिन्होंने अपनी कविताओं के माध्यम से भारतीय संस्कृति पर हो रहे कुठाराघात पर अपनी वेदनाएं व्यक्त की। इससे पहले हिमाचल संस्कृत अकादमी के सचिव डॉ. केशवानंद कौशल ने सभी आए विद्वानों, कवियों का स्वागत किया। हिमाचल संस्कृत अकादमी ने स्थानीय महाविद्यालय के प्राक शास्त्री द्वितीय वर्ष के प्रदेश में पहला, दूसरा और तीसरा स्थान हासिल करने वाले विद्यार्थियों को विशेष रूप से सम्मानित किया। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. राकेश शर्मा, डॉ. गणेश दत्त, डॉ. ख्यालानंद, डॉ. नरेश शर्मा, गौरव शर्मा, चंपा देवी, डॉ. हंसराज सहित अन्य उपस्थित रहे।
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