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Bilaspur News: बाल शोषण के खिलाफ चुप न रहें छात्र, अपने अधिकारों के लिए उठाएं आवाज

Sat, 31 Oct 2026 12:34 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 31 Oct 2026 12:34 AM IST
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Students, do not remain silent against child abuse; raise your voice for your rights.
जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष ज्योत्सना सुमन डडवाल राजकीय वर
बिलासपुर स्कूल में जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने बाल संरक्षण कानूनों की दी जानकारी
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पॉक्सो और बाल विवाह निषेध अधिनियम के बारे में किया जागरूक

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बाल शोषण, उत्पीड़न और दुर्व्यवहार के मामलों में बच्चे अकसर डर या संकोच के कारण अपनी बात सामने नहीं रख पाते। ऐसे में जरूरी है कि उन्हें अपने अधिकारों और सुरक्षा के लिए बने कानूनों की जानकारी हो, ताकि किसी भी गलत व्यवहार के खिलाफ वे आवाज उठा सकें। बच्चों को समझना होगा कि सुरक्षित माहौल में शिक्षा प्राप्त करना और सम्मान के साथ जीवन जीना उनका अधिकार है। यह बात जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष ज्योत्सना सुमंत डढ़वाल ने शुक्रवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बिलासपुर में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कही।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण शिमला के दिशा-निर्देशों पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर की ओर से 26 से 31 अक्तूबर तक सुरक्षित बचपन अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत विद्यार्थियों को बाल अधिकारों, बाल संरक्षण और बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों की रोकथाम से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई। अभियान का उद्देश्य बच्चों को शोषण और अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करना है। कार्यक्रम में बाल विवाह निषेध अधिनियम, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) और बाल एवं किशोर श्रम निषेध कानूनों की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि ये कानून किस तरह बच्चों को शोषण और अपराधों से सुरक्षा प्रदान करते हैं। इसके अलावा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से उपलब्ध निशुल्क विधिक सहायता की प्रक्रिया भी समझाई गई, ताकि जरूरत पड़ने पर बच्चे और उनके परिवार कानूनी मदद प्राप्त कर सकें। कार्यक्रम में अभिभावकों और शिक्षकों की बाल संरक्षण में भूमिका पर भी जोर दिया गया। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नविश भारद्वाज और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश-सह-अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रतीक गुप्ता भी उपस्थित रहे।
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बच्चे को मिले सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण
ज्योत्सना सुमंत डढ़वाल ने कहा कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने तथा व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास के समान अवसर मिलने चाहिए। बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि यदि उनके साथ किसी तरह का शोषण या दुर्व्यवहार होता है तो उसे छिपाने या सहन करने के बजाय आवाज उठाएं और संबंधित अधिकारियों से सहायता लें।
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