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नदी में डूबने से छात्र की मौत, मचा कोहराम
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केमरी में नदी में डूबने के बाद छात्र की मौत होने पर विलाप करते परिजन। फोटो संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BILASPUR
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केमरी/बिलासपुर (रामपुर)। बुधवार को जंगल में जानवर चराने गया बालक रेलवे के पुल से नीचे पीलाखार नदी में गिर गया। पानी में डूबकर उसकी मौत हो गई। गुरुवार को गोताखोरों ने शव को बरामद किया तो कोहराम मच गया। बालक इकलौता पुत्र था और अपनी ननिहाल में रह रहा था।
अजीमनगर थाना क्षेत्र के ग्राम बगरौआ निवासी होरी लाल सैनी अपने परिवार के साथ कोतवाली क्षेत्र के ग्राम डिबडिबा में परिवार समेत रहकर मजदूरी करते हैं। होरी लाल का इकलौता पुत्र विशाल सैनी 12 वर्ष गांव के ही एक स्कूल में कक्षा छह का छात्र था। विशाल लॉकडाउन से पहले ही केमरी के मोहल्ला चमारान निवासी अपने नाना सुक्खन लाल सैनी के घर आ गया था। परिजनों के मुताबिक, बुधवार की दोपहर विशाल मोहल्ले के ही कुछ बच्चों के साथ भैंसों को चराने के लिए जंगल में पीलाखार नदी की तरफ गया था। शाम को सभी बच्चे अपने जानवरों को लेकर घर आ गए। विशाल की भैंस भी अन्य जानवरों के साथ घर आ गईं, मगर विशाल वापस नहीं लौटा तो परिजनों ने विशाल के न आने के बारे में मोहल्ले के बच्चों से पूछा तो सभी ने इंकार कर दिया और जंगल में ही रह जाने की बात कही। सुक्खन लाल ने मोहल्ले के लोगों के साथ विशाल को खोजना शुरू किया। देर रात पीलाखार डैम के पुल के नीचे से गोताखोरों ने विशाल के शव को बरामद कर लिया। विशाल का शव मिलने पर पूरे घर में कोहराम मच गया। परिजन पुलिस को सूचना दिए बगैर ही शव को रात में ही अपने घर ले गए और सूचना मिलने पर रात में विशाल की मां रामकली, पिता होरी लाल और दो बहनें क्रांति और शीतल भी विलाप करतीं हुईं केमरी पहुंच गईं। गुरुवार की सुबह छात्र का परिजनों ने बिना पोस्टमार्टम के ही अंतिम संस्कार कर दिया। छात्र की मौत से उसके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। केमरी थाना प्रभारी इंद्रेश कुमार ने घटना के प्रति अनभिज्ञता जताई है।
अपने घर का इकलौता चिराग था विशाल
बिलासपुर। मृतक के नाना सुक्खन लाल का कहना था कि विशाल उसकी पुत्री का इकलौता पुत्र था और इसीलिए सभी का लाडला था। उसकी मौत से अभिभावकों का तो रो-रोकर बुरा हाल था ही, मगर उसकी दोनों बहनों की हालत भी किसी से देखी नहीं जा रही थी।
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चंदा एकत्र कर कमेटी ने किया संस्कार
बिलासपुर। छात्र विशाल के नाना और माता-पिता की आर्थिक हालत बेहद खराब है। सभी लोग मजदूरी करते हैं। गुुरुवार की सुबह संस्कार करने का भी वह लोग जब कोई इंतजाम नहीं कर पा रहे थे तो केमरी में सैनी समाज द्वारा समाज के गरीबों की मदद के लिए चलाई जा रही समिति के अध्यक्ष चेतराम सैनी भी मौके पर पहुंच गए। अध्यक्ष ने कहा कि विशाल के अंतिम संस्कार आदि का सारा खर्च उनकी कमेटी वहन करेगी।
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अजीमनगर थाना क्षेत्र के ग्राम बगरौआ निवासी होरी लाल सैनी अपने परिवार के साथ कोतवाली क्षेत्र के ग्राम डिबडिबा में परिवार समेत रहकर मजदूरी करते हैं। होरी लाल का इकलौता पुत्र विशाल सैनी 12 वर्ष गांव के ही एक स्कूल में कक्षा छह का छात्र था। विशाल लॉकडाउन से पहले ही केमरी के मोहल्ला चमारान निवासी अपने नाना सुक्खन लाल सैनी के घर आ गया था। परिजनों के मुताबिक, बुधवार की दोपहर विशाल मोहल्ले के ही कुछ बच्चों के साथ भैंसों को चराने के लिए जंगल में पीलाखार नदी की तरफ गया था। शाम को सभी बच्चे अपने जानवरों को लेकर घर आ गए। विशाल की भैंस भी अन्य जानवरों के साथ घर आ गईं, मगर विशाल वापस नहीं लौटा तो परिजनों ने विशाल के न आने के बारे में मोहल्ले के बच्चों से पूछा तो सभी ने इंकार कर दिया और जंगल में ही रह जाने की बात कही। सुक्खन लाल ने मोहल्ले के लोगों के साथ विशाल को खोजना शुरू किया। देर रात पीलाखार डैम के पुल के नीचे से गोताखोरों ने विशाल के शव को बरामद कर लिया। विशाल का शव मिलने पर पूरे घर में कोहराम मच गया। परिजन पुलिस को सूचना दिए बगैर ही शव को रात में ही अपने घर ले गए और सूचना मिलने पर रात में विशाल की मां रामकली, पिता होरी लाल और दो बहनें क्रांति और शीतल भी विलाप करतीं हुईं केमरी पहुंच गईं। गुरुवार की सुबह छात्र का परिजनों ने बिना पोस्टमार्टम के ही अंतिम संस्कार कर दिया। छात्र की मौत से उसके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। केमरी थाना प्रभारी इंद्रेश कुमार ने घटना के प्रति अनभिज्ञता जताई है।
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अपने घर का इकलौता चिराग था विशाल
बिलासपुर। मृतक के नाना सुक्खन लाल का कहना था कि विशाल उसकी पुत्री का इकलौता पुत्र था और इसीलिए सभी का लाडला था। उसकी मौत से अभिभावकों का तो रो-रोकर बुरा हाल था ही, मगर उसकी दोनों बहनों की हालत भी किसी से देखी नहीं जा रही थी।
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चंदा एकत्र कर कमेटी ने किया संस्कार
बिलासपुर। छात्र विशाल के नाना और माता-पिता की आर्थिक हालत बेहद खराब है। सभी लोग मजदूरी करते हैं। गुुरुवार की सुबह संस्कार करने का भी वह लोग जब कोई इंतजाम नहीं कर पा रहे थे तो केमरी में सैनी समाज द्वारा समाज के गरीबों की मदद के लिए चलाई जा रही समिति के अध्यक्ष चेतराम सैनी भी मौके पर पहुंच गए। अध्यक्ष ने कहा कि विशाल के अंतिम संस्कार आदि का सारा खर्च उनकी कमेटी वहन करेगी।