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प्रदेश सरकार की सहारा योजना हुई बेसहारा

Thu, 19 May 2022 12:33 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 19 May 2022 12:33 AM IST
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State government's Sahara scheme has become destitute
सुरेंद्र जंवाल
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घुमारवीं (बिलासपुर)। प्रदेश में सहारा योजना से लाभान्वित होने वाले सैकड़ों लाभार्थियों को पिछले छह माह से योजना के तहत मिलने वाली पेंशन नहीं दी गई है। जरूरतमंदों के लिए प्रदेश सरकार द्वारा चलाई गई यह योजना खुद बेसहारा हो गई है।
सरकार के पास इन लाभार्थियों को देने के लिए पेंशन के पैसे तक नहीं हैं। इस कारण इन्हें आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है। लाभार्थी संबंधित विभाग के कार्यालय में चक्कर काट कर थक चुके हैं। हालात ये हैं कि बिलासपुर जिले के लाभार्थियों ने अपने विधानसभा क्षेत्रों के विधायकों और मंत्री के पास अपनी पेंशन की समस्या बताई, लेकिन किसी ने कोई सुनवाई नहीं की। पहले तो विभागीय अधिकारी दो और तीन माह में पेंशन आने की बात कर रहे थे, लेकिन छह माह में भी समस्या का हल नहीं हुआ।
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गौर हो कि जिले के चार स्वास्थ्य खंडों में 1,430 लोग सहारा पेंशन लेते हैं। घुमारवीं में 562, झंडूता में 390, मार्कंडेय में 219 और श्री नयना देवी जी में 259 लोग हैं, जो प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से इस योजना का लाभ पिछले कुछ सालों से ले रहे थे।
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क्या कहते हैं जिले के लाभार्थी
रमेश कुमार, प्यार चंद, सतपाल सिंह, प्रेम सिंह, नरेंद्र ठाकुर, निक्का राम आदि ने कहा कि पहले समय पर पेंशन आ रही थी, लेकिन पिछले छह महीनों से दर-दर भटक रहे हैं। न कोई अधिकारी सुन रहा है और न ही चुने हुए जनप्रतिनिधि साथ दे रहे हैं। सभी कोरे आश्वासन दे रहे हैं, जिससे इस मंहगाई में आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
इन्हें मिलता है सहारा योजना का लाभ
चिकित्सा उपचार के लिए सरकार ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर) श्रेणी के रोगियों को प्रति माह 3,000 रुपये प्रदान करती है। इस योजना में पक्षाघात, पार्किन्संस, कैंसर, मसक्यूलर डिस्ट्रॉफी, हेमोफिलिया, थैलेसीमिया जैसी गंभीर बीमारियां शामिल हैं। पेंशन का मुख्य उद्देश्य लंबे समय तक इलाज के दौरान आने वाली कठिनाइयों को दूर करने के लिए घातक बीमारियों से पीड़ित गरीब रोगियों को वित्तीय सहायता करना है।

सीएमओ प्रवीण चौधरी ने कहा कि बजट न होने के कारण सहारा योजना के लाभार्थियों की पेंशन रुकी हुई है, जिसे लेकर उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है। जैसे ही बजट आएगा तो जिले के सभी लाभार्थियों को पेंशन डाल दी जाएगी। संवाद
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