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प्रदेश के कर्मचारी यूपीएस को नहीं करेंगे स्वीकार : राजेंद्र
Fri, 14 Feb 2025 11:34 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Fri, 14 Feb 2025 11:34 PM IST
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-बोले, सरकार इस विषय पर न करे कोई भी विचार
-यूपीएस लागू करने पर बढ़ाए कदम, तो होगा संघर्ष
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। न्यू पेंशन स्कीम इंप्लाइज एसोसिएशन बिलासपुर ने प्रदेश सरकार से यूनिफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस) को प्रदेश में लागू न करने का आग्रह किया है। एसोसिएशन ने कहा कि इस योजना पर मंथन करना कर्मचारियों के हितों के विपरीत है और इससे लाखों सरकारी कर्मचारियों का भविष्य असुरक्षित हो जाएगा।
प्रेस को जारी बयान में एसोसिएशन के जिला प्रधान राजेंद्र कुमार ने कहा कि हाल ही में सरकार के मंत्री की ओर से बयान दिया गया है कि सरकार यूपीएसपर पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि हम स्पष्ट रूप से कहना चाहते हैं कि यह स्कीम किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है और इसे लागू करने से सरकारी कर्मचारियों का बुढ़ापा असुरक्षित हो जाएगा। प्रदेश में पुरानी पेंशन स्कीम (ओपीएस) को कर्मचारियों के अधिकारों को ध्यान में रखते हुए बहाल किया गया था। अब यूपीएस की चर्चा करना कर्मचारियों को गुमराह करने जैसा है। सरकार को कर्मचारी की बेसिक पे का 18 प्रतिशत और कर्मचारियों को स्वयं 10 प्रतिशत योगदान देना पड़ेगा, लेकिन इसके बावजूद कर्मचारियों को गारंटिड पेंशन नहीं मिलेगी। 25 वर्ष की न्यूनतम सेवा अनिवार्य होगी, तभी कर्मचारी पेंशन का हकदार होगा। यह शर्त उन कर्मचारियों के साथ अन्याय है, जो किसी कारणवश इस अवधि को पूरा नहीं कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाल करवाने के लिए लंबा संघर्ष किया था। अब यूपीएस जैसी योजना का प्रस्ताव उनकी मेहनत को निष्फल करने जैसा है। उन्होंने चेताया कि अगर सरकार यूपीएस लागू करने की दिशा में कोई भी कदम उठाती है, तो प्रदेश के कर्मचारी इसके विरोध में लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करने के लिए मजबूर होंगे।
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-यूपीएस लागू करने पर बढ़ाए कदम, तो होगा संघर्ष
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। न्यू पेंशन स्कीम इंप्लाइज एसोसिएशन बिलासपुर ने प्रदेश सरकार से यूनिफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस) को प्रदेश में लागू न करने का आग्रह किया है। एसोसिएशन ने कहा कि इस योजना पर मंथन करना कर्मचारियों के हितों के विपरीत है और इससे लाखों सरकारी कर्मचारियों का भविष्य असुरक्षित हो जाएगा।
प्रेस को जारी बयान में एसोसिएशन के जिला प्रधान राजेंद्र कुमार ने कहा कि हाल ही में सरकार के मंत्री की ओर से बयान दिया गया है कि सरकार यूपीएसपर पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि हम स्पष्ट रूप से कहना चाहते हैं कि यह स्कीम किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है और इसे लागू करने से सरकारी कर्मचारियों का बुढ़ापा असुरक्षित हो जाएगा। प्रदेश में पुरानी पेंशन स्कीम (ओपीएस) को कर्मचारियों के अधिकारों को ध्यान में रखते हुए बहाल किया गया था। अब यूपीएस की चर्चा करना कर्मचारियों को गुमराह करने जैसा है। सरकार को कर्मचारी की बेसिक पे का 18 प्रतिशत और कर्मचारियों को स्वयं 10 प्रतिशत योगदान देना पड़ेगा, लेकिन इसके बावजूद कर्मचारियों को गारंटिड पेंशन नहीं मिलेगी। 25 वर्ष की न्यूनतम सेवा अनिवार्य होगी, तभी कर्मचारी पेंशन का हकदार होगा। यह शर्त उन कर्मचारियों के साथ अन्याय है, जो किसी कारणवश इस अवधि को पूरा नहीं कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाल करवाने के लिए लंबा संघर्ष किया था। अब यूपीएस जैसी योजना का प्रस्ताव उनकी मेहनत को निष्फल करने जैसा है। उन्होंने चेताया कि अगर सरकार यूपीएस लागू करने की दिशा में कोई भी कदम उठाती है, तो प्रदेश के कर्मचारी इसके विरोध में लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करने के लिए मजबूर होंगे।
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