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Bilaspur News: स्मार्ट तकनीकों से एमएसएमई को मिलेगा नया आयाम,
Fri, 19 Jun 2026 11:16 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Fri, 19 Jun 2026 11:16 PM IST
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घुमारवीं में जागरूकता सत्र हुआ, उद्योग विभाग ने उद्यमियों को उद्योग 4.0, एआई और जेम पोर्टल की दी जानकारी
35 से अधिक प्रतिनिधियों ने लिया भाग, विभिन्न विषयों पर हुई चर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को आधुनिक तकनीकों से जोड़कर उनकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से उद्योग विभाग ने घुमारवीं के कुलारू में स्मार्ट एमएसएमई कार्यक्रम के तहत जागरूकता एवं क्षमता संवर्धन सत्र आयोजित किया। कार्यक्रम में स्थानीय उद्यमियों को डिजिटल रूपांतरण, उद्योग 4.0, एआई और सरकारी ई-बाज़ार से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
जिला उद्योग केंद्र बिलासपुर के महाप्रबंधक मनोज कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में उद्योग विभाग के अधिकारियों तथा रैंप परियोजना के विशेषज्ञों ने भाग लिया। अधिकारियों ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी औद्योगिक माहौल में तकनीकी नवाचार और डिजिटलीकरण एमएसएमई क्षेत्र की सफलता की आधारशिला हैं। उन्होंने उद्यमियों से सरकारी योजनाओं और तकनीकी सहायता कार्यक्रमों का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। तकनीकी सत्र में रैम्प परियोजना के समन्वयक तुषार शर्मा ने उद्योग 4.0, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमेशन, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों को अपनाकर एमएसएमई इकाइयां उत्पादन क्षमता बढ़ाने, लागत कम करने और बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने में सक्षम हो सकती हैं। डीआईसी शिमला के प्रशिक्षक अविनाश शर्मा ने सरकारी ई-बाज़ार पोर्टल की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह मंच एमएसएमई इकाइयों को सरकारी खरीद प्रक्रियाओं से जोड़ने और नए व्यावसायिक अवसर उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम है। वहीं, एआई विशेषज्ञ शिवम जसवाल ने एआई आधारित समाधानों की जानकारी देते हुए बताया कि आज एआई व्यवसाय प्रबंधन, उत्पादन प्रक्रिया, ग्राहक सेवा और डेटा आधारित निर्णय लेने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि एआई का प्रभावी उपयोग एमएसएमई क्षेत्र के लिए विकास और नवाचार के नए अवसर पैदा कर सकता है। कार्यक्रम में जिले की विभिन्न एमएसएमई इकाइयों से 35 से अधिक उद्यमियों और उद्योग प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
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35 से अधिक प्रतिनिधियों ने लिया भाग, विभिन्न विषयों पर हुई चर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को आधुनिक तकनीकों से जोड़कर उनकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से उद्योग विभाग ने घुमारवीं के कुलारू में स्मार्ट एमएसएमई कार्यक्रम के तहत जागरूकता एवं क्षमता संवर्धन सत्र आयोजित किया। कार्यक्रम में स्थानीय उद्यमियों को डिजिटल रूपांतरण, उद्योग 4.0, एआई और सरकारी ई-बाज़ार से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
जिला उद्योग केंद्र बिलासपुर के महाप्रबंधक मनोज कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में उद्योग विभाग के अधिकारियों तथा रैंप परियोजना के विशेषज्ञों ने भाग लिया। अधिकारियों ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी औद्योगिक माहौल में तकनीकी नवाचार और डिजिटलीकरण एमएसएमई क्षेत्र की सफलता की आधारशिला हैं। उन्होंने उद्यमियों से सरकारी योजनाओं और तकनीकी सहायता कार्यक्रमों का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। तकनीकी सत्र में रैम्प परियोजना के समन्वयक तुषार शर्मा ने उद्योग 4.0, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमेशन, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों को अपनाकर एमएसएमई इकाइयां उत्पादन क्षमता बढ़ाने, लागत कम करने और बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने में सक्षम हो सकती हैं। डीआईसी शिमला के प्रशिक्षक अविनाश शर्मा ने सरकारी ई-बाज़ार पोर्टल की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह मंच एमएसएमई इकाइयों को सरकारी खरीद प्रक्रियाओं से जोड़ने और नए व्यावसायिक अवसर उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम है। वहीं, एआई विशेषज्ञ शिवम जसवाल ने एआई आधारित समाधानों की जानकारी देते हुए बताया कि आज एआई व्यवसाय प्रबंधन, उत्पादन प्रक्रिया, ग्राहक सेवा और डेटा आधारित निर्णय लेने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि एआई का प्रभावी उपयोग एमएसएमई क्षेत्र के लिए विकास और नवाचार के नए अवसर पैदा कर सकता है। कार्यक्रम में जिले की विभिन्न एमएसएमई इकाइयों से 35 से अधिक उद्यमियों और उद्योग प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
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