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Bilaspur News: बारिश से फिसलन, महिलाओं ने धक्का लगाकर निकाली गाड़ियां
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निहारी दधोल कलां डोहरू सड़क में बारिश से फिसलने होने पर धक्का लगाकर वाहन बाहर निकालते महिला
निहारी-दधोल कलां-डोहरु सड़क पक्की करने की मांग
सड़क के पक्कीकरण की उठी मांग
वन विभाग की एनओसी बना रही बाधा
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। घुमारवीं उपमंडल की निहारी-दधोल कलां-डोहरु सड़क की बदहाल स्थिति क्षेत्रवासियों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। वर्षों से कच्ची सड़क बरसात में और अधिक खतरनाक हो जाती है। शनिवार को हुई मध्यम बारिश के बाद सड़क पर फिसलन इतनी बढ़ गई कि कई वाहन बीच रास्ते में फंस गए। स्थिति यह रही कि महिलाओं को स्वयं वाहनों को धक्का लगाकर गंतव्य की ओर रवाना करना पड़ा।
ग्रामीणों का कहना है कि हल्की बारिश के बाद ही सड़क पर कीचड़ और फिसलन बढ़ जाती है। इससे चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे, पत्थर और मिट्टी के कटाव के कारण दोपहिया और चार पहिया वाहन जोखिम के बीच गुजरते हैं। बरसात में कई बार वाहन कीचड़ में फंस जाते हैं। उन्हें निकालने के लिए घंटों मशक्कत करनी पड़ती है।
लोगों के अनुसार डोहरु, मरयाणी और पन्याली गांवों के निवासियों ने वर्षों पहले श्रमदान और सहयोग से सड़क का निर्माण करवाया था। सड़क बनने से गांवों का मुख्य सड़क मार्ग से संपर्क तो आसान हुआ, लेकिन इसे पक्का करने की मांग आज तक अधूरी है। ग्रामीणों का आरोप है कि चुनावों के दौरान सड़क को पक्का करने के वादे किए जाते हैं, लेकिन बाद में मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। यह सड़क वन क्षेत्र से होकर गुजरती है। सड़क के पक्कीकरण में वन विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है।
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ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पक्की होने से किसानों को कृषि उत्पाद बाजार तक पहुंचाने, मरीजों को अस्पताल ले जाने तथा बच्चों को स्कूल आने-जाने में बड़ी राहत मिलेगी। क्षेत्रवासियों ने बताया कि बरसात के दौरान कई बार एंबुलेंस तक गांवों में नहीं पहुंच पाती। गंभीर मरीजों को चारपाई या निजी साधनों से मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। उन्होंने प्रशासन, लोक निर्माण विभाग और जनप्रतिनिधियों से सड़क पक्की करने के लिए औपचारिकताएं शीघ्र पूरी करने तथा वन विभाग से एनओसी प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
नवनिर्वाचित प्रधान सुभाष ने कहा कि सड़क को पक्का करवाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। जल्द ही पंचायत स्तर पर प्रस्ताव पारित कर संबंधित अधिकारियों को दिया जाएगा।
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सड़क के पक्कीकरण की उठी मांग
वन विभाग की एनओसी बना रही बाधा
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। घुमारवीं उपमंडल की निहारी-दधोल कलां-डोहरु सड़क की बदहाल स्थिति क्षेत्रवासियों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। वर्षों से कच्ची सड़क बरसात में और अधिक खतरनाक हो जाती है। शनिवार को हुई मध्यम बारिश के बाद सड़क पर फिसलन इतनी बढ़ गई कि कई वाहन बीच रास्ते में फंस गए। स्थिति यह रही कि महिलाओं को स्वयं वाहनों को धक्का लगाकर गंतव्य की ओर रवाना करना पड़ा।
ग्रामीणों का कहना है कि हल्की बारिश के बाद ही सड़क पर कीचड़ और फिसलन बढ़ जाती है। इससे चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे, पत्थर और मिट्टी के कटाव के कारण दोपहिया और चार पहिया वाहन जोखिम के बीच गुजरते हैं। बरसात में कई बार वाहन कीचड़ में फंस जाते हैं। उन्हें निकालने के लिए घंटों मशक्कत करनी पड़ती है।
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लोगों के अनुसार डोहरु, मरयाणी और पन्याली गांवों के निवासियों ने वर्षों पहले श्रमदान और सहयोग से सड़क का निर्माण करवाया था। सड़क बनने से गांवों का मुख्य सड़क मार्ग से संपर्क तो आसान हुआ, लेकिन इसे पक्का करने की मांग आज तक अधूरी है। ग्रामीणों का आरोप है कि चुनावों के दौरान सड़क को पक्का करने के वादे किए जाते हैं, लेकिन बाद में मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। यह सड़क वन क्षेत्र से होकर गुजरती है। सड़क के पक्कीकरण में वन विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है।
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ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पक्की होने से किसानों को कृषि उत्पाद बाजार तक पहुंचाने, मरीजों को अस्पताल ले जाने तथा बच्चों को स्कूल आने-जाने में बड़ी राहत मिलेगी। क्षेत्रवासियों ने बताया कि बरसात के दौरान कई बार एंबुलेंस तक गांवों में नहीं पहुंच पाती। गंभीर मरीजों को चारपाई या निजी साधनों से मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। उन्होंने प्रशासन, लोक निर्माण विभाग और जनप्रतिनिधियों से सड़क पक्की करने के लिए औपचारिकताएं शीघ्र पूरी करने तथा वन विभाग से एनओसी प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
नवनिर्वाचित प्रधान सुभाष ने कहा कि सड़क को पक्का करवाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। जल्द ही पंचायत स्तर पर प्रस्ताव पारित कर संबंधित अधिकारियों को दिया जाएगा।