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आत्मनिर्भर युवा कुशल प्रशिक्षक करेंगे तैयार : राहुल कुमार
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राज्य स्तरीय डोमेन स्किल ट्रेनर सर्टिफिकेशन कार्यक्रम का हुआ शुभारंभ
रसेटी के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में हिमाचल के 60 ट्रेनरों ने लिया हिस्सा
20 ट्रेडों के प्रशिक्षकों की दक्षता जांची
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले के यूको आरसेटी परिसर में राज्य स्तरीय आठवें डोमेन स्किल ट्रेनर सर्टिफिकेशन कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। नेशनल एकेडमी ऑफ रुडसेटी के तत्वावधान में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें हिमाचल प्रदेश के आरसेटी संस्थानों से आए 60 डोमेन स्किल ट्रेनरों का मूल्यांकन किया गया। उनकी तकनीकी दक्षता, व्यावसायिक ज्ञान और प्रशिक्षण क्षमता का राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप आकलन किया गया।
उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि किसी भी कौशल विकास कार्यक्रम की सफलता प्रशिक्षकों की गुणवत्ता पर निर्भर करती है। प्रशिक्षक युवाओं में उद्यमिता की सोच विकसित कर उन्हें स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ाते हैं। राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रमाणित प्रशिक्षक युवाओं और महिलाओं को बेहतर प्रशिक्षण देंगे। इससे नए उद्यमी तैयार होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उपायुक्त ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल करने में कौशल विकास की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रमाणन कार्यक्रम प्रशिक्षकों को नई तकनीकों और आधुनिक प्रशिक्षण पद्धतियों से जोड़ते हैं। इससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता लगातार बेहतर होती है।
प्रदेश में आरसेटी संस्थानों की राज्य नियंत्रक अंबिका साहू ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशिक्षकों की तकनीकी दक्षता का वैज्ञानिक आकलन करना और उन्हें राष्ट्रीय स्तर के अनुरूप प्रमाणित करना है। उन्होंने कहा कि आरसेटी संस्थानों के माध्यम से ग्रामीण युवाओं, महिलाओं और बेरोजगारों को स्वरोजगार आधारित प्रशिक्षण दिया जाता है। ऐसे में प्रशिक्षकों का दक्ष और प्रमाणित होना जरूरी है। इससे प्रशिक्षणार्थियों को व्यावहारिक और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण मिल सकेगा।
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प्रतिभागियों ने बताया कि प्रत्येक डोमेन स्किल ट्रेनर वर्षभर में चार से पांच प्रशिक्षण बैच संचालित करता है। प्रत्येक बैच में 40 से अधिक प्रशिक्षणार्थी शामिल होते हैं। एक प्रशिक्षक सालाना लगभग 400 से 500 युवाओं और इच्छुक उद्यमियों को कौशल प्रशिक्षण देता है। प्रशिक्षण के बाद कई युवा स्वयं का उद्यम स्थापित कर रहे हैं, जबकि अन्य विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार प्राप्त कर रहे हैं।
प्रमाणन कार्यक्रम में 20 रोजगारपरक ट्रेड शामिल किए गए। कार्यक्रम में डिप्टी नेशनल कंट्रोलर पद्मावती, लीड बैंक मैनेजर बिलासपुर चंद्रशेखर, यूको आरसेटी बिलासपुर के निदेशक अजय शर्मा तथा अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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रसेटी के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में हिमाचल के 60 ट्रेनरों ने लिया हिस्सा
20 ट्रेडों के प्रशिक्षकों की दक्षता जांची
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले के यूको आरसेटी परिसर में राज्य स्तरीय आठवें डोमेन स्किल ट्रेनर सर्टिफिकेशन कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। नेशनल एकेडमी ऑफ रुडसेटी के तत्वावधान में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें हिमाचल प्रदेश के आरसेटी संस्थानों से आए 60 डोमेन स्किल ट्रेनरों का मूल्यांकन किया गया। उनकी तकनीकी दक्षता, व्यावसायिक ज्ञान और प्रशिक्षण क्षमता का राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप आकलन किया गया।
उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि किसी भी कौशल विकास कार्यक्रम की सफलता प्रशिक्षकों की गुणवत्ता पर निर्भर करती है। प्रशिक्षक युवाओं में उद्यमिता की सोच विकसित कर उन्हें स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ाते हैं। राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रमाणित प्रशिक्षक युवाओं और महिलाओं को बेहतर प्रशिक्षण देंगे। इससे नए उद्यमी तैयार होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उपायुक्त ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल करने में कौशल विकास की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रमाणन कार्यक्रम प्रशिक्षकों को नई तकनीकों और आधुनिक प्रशिक्षण पद्धतियों से जोड़ते हैं। इससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता लगातार बेहतर होती है।
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प्रदेश में आरसेटी संस्थानों की राज्य नियंत्रक अंबिका साहू ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशिक्षकों की तकनीकी दक्षता का वैज्ञानिक आकलन करना और उन्हें राष्ट्रीय स्तर के अनुरूप प्रमाणित करना है। उन्होंने कहा कि आरसेटी संस्थानों के माध्यम से ग्रामीण युवाओं, महिलाओं और बेरोजगारों को स्वरोजगार आधारित प्रशिक्षण दिया जाता है। ऐसे में प्रशिक्षकों का दक्ष और प्रमाणित होना जरूरी है। इससे प्रशिक्षणार्थियों को व्यावहारिक और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण मिल सकेगा।
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प्रतिभागियों ने बताया कि प्रत्येक डोमेन स्किल ट्रेनर वर्षभर में चार से पांच प्रशिक्षण बैच संचालित करता है। प्रत्येक बैच में 40 से अधिक प्रशिक्षणार्थी शामिल होते हैं। एक प्रशिक्षक सालाना लगभग 400 से 500 युवाओं और इच्छुक उद्यमियों को कौशल प्रशिक्षण देता है। प्रशिक्षण के बाद कई युवा स्वयं का उद्यम स्थापित कर रहे हैं, जबकि अन्य विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार प्राप्त कर रहे हैं।
प्रमाणन कार्यक्रम में 20 रोजगारपरक ट्रेड शामिल किए गए। कार्यक्रम में डिप्टी नेशनल कंट्रोलर पद्मावती, लीड बैंक मैनेजर बिलासपुर चंद्रशेखर, यूको आरसेटी बिलासपुर के निदेशक अजय शर्मा तथा अन्य अधिकारी मौजूद रहे।