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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   Sir, I could neither give him liquor nor feed him meat, hence the division did not take place.

Bilaspur News: साहब, न शराब पिला सका न मीट खिला सका, इसलिए नहीं हुई तकसीम

Thu, 15 Jan 2026 09:58 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Thu, 15 Jan 2026 09:58 PM IST
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Sir, I could neither give him liquor nor feed him meat, hence the division did not take place.
सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम में राजस्व विभाग के अधिकारियों की शिकायत करते सीता राम। संवाद
सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम में ऐसी शिकायत मिलने पर भड़के मंत्री धर्माणी, जांच के आदेश
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मजदूर ने कहा, मांग पूरी न करने पर विभाग ने लटकाया काम

नीरज महाजन
भराड़ी (बिलासपुर)। घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के तहत कोट पंचायत में सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम में वीरवार को एक फरियादी ने राजस्व विभाग के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी के सामने फरियादी ने खुले मंच से कहा कि राजस्व कर्मी जमीन के बंटवारे (तकसीम) के एवज में शराब और मीट की मांग कर रहे हैं। शिकायत सुनते ही मंत्री ने कड़ा संज्ञान लेते हुए उपायुक्त को तुरंत उच्च स्तरीय जांच के आदेश जारी कर दिए।

ब्रह्मली गांव के निवासी सीता राम, पुत्र राम लाल ने भारी मन से अपनी व्यथा सुनाई। सीता राम ने बताया कि वह दिहाड़ी-मजदूरी कर अपना घर चलाता है। पिछले लंबे समय से वह अपनी पुश्तैनी जमीन की तकसीम करवाने के लिए राजस्व विभाग की चौखट घिस रहा है। पीड़ित ने आरोप लगाया कि विभाग के कुछ कर्मचारी सीधे तौर पर काम के बदले शराब और मांस की दावत मांगते हैं। चूंकि वह एक गरीब मजदूर है और उनकी यह अनैतिक मांग पूरी करने में असमर्थ है, इसलिए उसकी फाइल को जानबूझकर लटकाया जा रहा है। फरियादी ने बताया कि जमीन का बंटवारा न होने के कारण वह अपने घर में शौचालय तक का निर्माण नहीं कर पा रहा है। कानूनी पेचीदगियों और विभाग की सुस्ती के कारण उसका पूरा परिवार नारकीय जीवन जीने को मजबूर है। सीता राम ने बताया कि उसने पहले भी उपायुक्त के समक्ष गुहार लगाई थी, जिसके बाद वर्ष 2024 में नायब तहसीलदार ने मौके का निरीक्षण कर रिपोर्ट भी तैयार की थी, लेकिन धरातल पर आज तक कुछ नहीं हुआ। मंत्री राजेश धर्माणी ने फरियादी की बात को बीच में ही रोकते हुए प्रशासनिक अधिकारियों की क्लास लगा दी। उन्होंने कहा कि एक गरीब व्यक्ति से इस तरह की मांग करना न केवल भ्रष्टाचार है बल्कि पूरी तरह से अमानवीय है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि लंबित पड़े तकसीम के मामलों का निपटारा समयबद्ध तरीके से किया जाए ताकि लोगों को दर-दर न भटकना पड़े। कार्यक्रम में मौजूद उपायुक्त ने मंत्री के आदेशों के बाद तुरंत मामले की फाइल तलब कर ली है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस प्रकरण की गहनता से जांच की जाएगी और यह पता लगाया जाएगा कि किन अधिकारियों की लापरवाही से काम रुका है और अनैतिक मांग करने वाले कर्मी कौन हैं। संवाद
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