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Bilaspur News: सड़क हादसे के मुआवजा मामले में लोक अदालत में समझौता

Mon, 11 May 2026 06:21 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Mon, 11 May 2026 06:21 PM IST
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Settlement in Lok Adalat in road accident compensation case
मृतक के परिजनों को 35 लाख रुपये देने पर बनी सहमति
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राष्ट्रीय लोक अदालत में सड़क हादसे से जुड़े मुआवजे का निपटारा

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। राष्ट्रीय लोक अदालत में सड़क हादसे से जुड़े एक मुआवजा के मामले का आपसी सहमति से निपटारा कर दिया गया। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) बिलासपुर में लंबित मामले में आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड ने मृतक जितेंद्र कुमार के परिजनों को 35 लाख रुपये मुआवजा देने पर सहमति जताई।
राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान याचिकाकर्ता अपने अधिवक्ता के साथ उपस्थित रहीं। वहीं अन्य पक्षों की ओर से भी अधिवक्ता मौजूद रहे। सुनवाई के दौरान बीमा कंपनी की ओर से अदालत को बताया गया कि कंपनी मामले के समझौते के लिए अधिकृत है और वह 35 लाख रुपये की राशि पूर्ण और अंतिम समझौते के तौर पर देने को तैयार है। कंपनी ने अदालत को आश्वस्त किया कि आदेश की प्रति मिलने के 30 दिनों के भीतर मुआवजा राशि अदा कर दी जाएगी। दोनों पक्षों की सहमति के बाद लोक अदालत ने समझौते को स्वेच्छा, वैध और बिना किसी दबाव के माना तथा दावा याचिका का निपटारा कर दिया। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय के भीतर भुगतान नहीं किया गया तो बीमा कंपनी को याचिका दायर करने की तिथि से राशि के भुगतान तक नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा।
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अदालत ने मुआवजा राशि का बंटवारा भी तय किया। आदेश के अनुसार मृतक की पत्नी को 20 लाख रुपये दिए जाएंगे। वहीं बेटे, बेटी और मृतक की माता को पांच-पांच लाख रुपये मिलेंगे। अदालत ने निर्देश दिए कि नाबालिग बेटे और बेटी के हिस्से की राशि उनकी वयस्कता तक किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट योजना के तहत जमा रखी जाएगी। जबकि पत्नी और माता के हिस्से की राशि सीधे जारी की जाएगी। राष्ट्रीय लोक अदालत में यह फैसला एमएसीटी बिलासपुर की प्रेजाइडिंग जज ज्योत्सना सुमंत डढवाल की अदालत में सुनाया गया। अदालत ने मामले से जुड़ी सभी लंबित अर्जियों का भी निपटारा कर दिया और दोनों पक्षों को अपना-अपना खर्च स्वयं वहन करने के निर्देश दिए।
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