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Bilaspur News: कपाहड़ा में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती पर विचार गोष्ठी
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एसवीएम कपाहड़ा में आयोजित विचार गोष्ठी में मौजूद बच्चे व अध्यापक। स्रोत: स्कूल प्रबंधन
सरस्वती विद्या मंदिर में विद्यार्थियों और नागरिकों ने ली पर्यावरण संरक्षण की शपथ
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। खेल एवं युवा कार्यक्रम मंत्रालय के माय भारत प्लेटफॉर्म के तत्वावधान में सरस्वती विद्या मंदिर कपाहड़ा में महान शिक्षाविद, प्रखर राष्ट्रवादी विचारक एवं भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों, समाजसेवियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से हुआ। इसके बाद आयोजित विचार गोष्ठी में राष्ट्र निर्माण में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का योगदान विषय पर वक्ताओं ने उनके शैक्षिक, सामाजिक और राजनीतिक जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक चेतना को सर्वोपरि रखा तथा उनका जीवन देशभक्ति, त्याग और राष्ट्र सेवा का प्रेरणादायक उदाहरण है। मुख्यातिथि सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य सुखदेव रतन और विशिष्ट अतिथि सेवानिवृत्त हिंदी प्रवक्ता रतनलाल सुमन ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्रहित को समर्पित रहा। कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौरोपण भी किया गया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। खेल एवं युवा कार्यक्रम मंत्रालय के माय भारत प्लेटफॉर्म के तत्वावधान में सरस्वती विद्या मंदिर कपाहड़ा में महान शिक्षाविद, प्रखर राष्ट्रवादी विचारक एवं भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों, समाजसेवियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से हुआ। इसके बाद आयोजित विचार गोष्ठी में राष्ट्र निर्माण में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का योगदान विषय पर वक्ताओं ने उनके शैक्षिक, सामाजिक और राजनीतिक जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक चेतना को सर्वोपरि रखा तथा उनका जीवन देशभक्ति, त्याग और राष्ट्र सेवा का प्रेरणादायक उदाहरण है। मुख्यातिथि सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य सुखदेव रतन और विशिष्ट अतिथि सेवानिवृत्त हिंदी प्रवक्ता रतनलाल सुमन ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्रहित को समर्पित रहा। कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौरोपण भी किया गया।
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