{"_id":"64e4f7688b45fb2bd10e7c97","slug":"scrub-typhus-cases-in-bilaspur-bilaspur-news-c-92-1-ssml1003-4425-2023-08-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bilaspur News: जिले में स्क्रब टायफस के अब तक सामने आए 141 मामले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur News: जिले में स्क्रब टायफस के अब तक सामने आए 141 मामले
Tue, 22 Aug 2023 11:29 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Tue, 22 Aug 2023 11:29 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिलासपुर। जिले में अब तक स्क्रब टायफस के 141 मामले सामने आए हैं। बरसात में यह संक्रमण तेजी से फैलता है। इससे बचने के लिए लोगों को जागरूक होना बहुत जरूरी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि स्क्रब टायफस झाड़ियों और खेतों में रहने वाले चूहों में पाए जाने वाले पिस्सू से फैलता है। यह पिस्सू व्यक्ति को काटने पर लार छोड़ते हैं। इससे रिकेट्सिया नाम का जीवाणु इंसान के शरीर में प्रवेश कर जाता है और रोगी की हालत बिगड़ जाती है। पीड़ित व्यक्ति की त्वचा से काले रंग की पपड़ी उतरने लगती है। मरीज को 104 से 105 डिग्री सेल्सियस तक बुखार आ सकता है। जोड़ों में दर्द, शरीर में ऐंठन, जकड़न, शरीर दर्द, पेट दर्द, कमजोरी और शरीर टूटा हुआ लगता है। पिस्सू के काटने के स्थान पर त्वचा काली होने पर घाव बन जाता है। इस संक्रमण से बचने के लिए शरीर की सफाई का ध्यान रखना चाहिए। घर के चारों ओर खरपतवार नहीं उगने देनी चाहिए। घर के अंदर और आसपास कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करना चाहिए। खेतों में काम करते समय शरीर को पूरा ढककर रखें और पांव में जूते पहनें। खेतों से वापस आने पर गर्म पानी से नहाए और तौलिये से शरीर को रगड़कर अच्छी तरह साफ करें। उन्होंने बताया कि स्क्रब टायफस का इलाज बहुत आसान है। लक्षण होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
विज्ञापन