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Bilaspur News: तीन दिन में खाते से उड़ाए 2.62 लाख रुपये, महज 106 रुपये बचे
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लघट गांव के पीड़ित व्यक्ति के खाते से 25 से 27 अक्तूबर तक यूपीआई और एटीएम से हुए 29 लेनदेन
पीड़ित ने साइबर पोर्टल पर दर्ज कराई शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बरमाणा थाना क्षेत्र के लघट गांव के एक व्यक्ति के बैंक खाते से तीन दिन में 2.62 लाख रुपये से अधिक की रकम निकल गई। 25 से 27 अक्तूबर के बीच खाते से लगातार 29 लेनदेन हुए। रकम अलग-अलग खातों में भेजी गई। लगातार निकासी के बाद खाते में महज 106.69 रुपये शेष रह गए। पीड़ित सोनू ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाई है। 28 अक्तूबर को साइबर क्राइम की ओर से ईमेल के माध्यम से शिकायत स्वीकार किए जाने की सूचना मिली।
पीड़ित के अनुसार, उसे जानकारी नहीं है कि खाते से यूपीआई के माध्यम से रकम कैसे निकाली गई। उसका कहना है कि उसने किसी लिंक का इस्तेमाल नहीं किया और न ही यूपीआई से कोई भुगतान किया। इसके बावजूद खाते से लगातार पैसे निकलते रहे। खाते के विवरण में 22 अक्तूबर को 1.20 रुपये के दो छोटे लेनदेन भी दर्ज हैं। इसके बाद 25 अक्तूबर से बड़ी रकम की निकासी शुरू हुई।
बैंक खाते के विवरण के अनुसार, 25 अक्तूबर को एटीएम से 10 हजार रुपये निकाले गए। इसी दिन 4,998.80 रुपये का यूपीआई लेनदेन भी हुआ। इसके बाद 10 हजार रुपये की एक और निकासी हुई। वहीं, 20-20 हजार रुपये की कई किस्तों में रकम अलग-अलग खातों में भेजी गई। इसी दिन 4,999.49 रुपये का एक अन्य लेनदेन भी दर्ज है। दिन के दौरान खाते में शेष राशि 2,72,900.99 रुपये से घटकर 1,62,901.50 रुपये रह गई। 26 अक्तूबर को खाते से 10 हजार, 20 हजार और 40 हजार रुपये समेत कई बड़ी रकम दूसरे खातों में भेजी गई। छोटी रकम के भी कई लेनदेन हुए। दिन के अंत तक खाते में 62,902.39 रुपये शेष रह गए। 27 अक्तूबर को भी निकासी का सिलसिला जारी रहा। इस दिन 9,999.88 रुपये, 20 हजार रुपये, 10 हजार रुपये, 4,990.95 रुपये और 9,999.98 रुपये के लेनदेन दर्ज हैं। इसके बाद पांच हजार, तीन हजार, एक हजार और 498.89 रुपये समेत अन्य रकम भी निकाली गई। अंतिम दर्ज लेनदेन में 300 रुपये शामिल हैं। इसके बाद खाते में केवल 106.69 रुपये बचे। पीड़ित ने शिकायत में तीन संदिग्ध मोबाइल नंबर भी दर्ज करवाए हैं। हालांकि, उपलब्ध दस्तावेजों से इन नंबरों के इस्तेमाल करने वाले व्यक्तियों या लेनदेन से उनके संबंध की पुष्टि नहीं होती है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक धीमान ने बताया कि मामले की छानबीन की जा रही है।
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अलग-अलग नामों से जुड़े खातों में भेजी रकम
बैंक खाते के विवरण में 25 से 27 अक्तूबर के बीच कई नामों से जुड़े खातों में यूपीआई के माध्यम से रकम भेजे जाने की प्रविष्टियां दर्ज हैं। 25 अक्तूबर को रुलिया ए., दीपक टी., मिस्टर अनुमिदिब, शैक एस. और जेरिपॉट के नाम से लेनदेन हुए। इस दौरान 10 हजार और 20-20 हजार रुपये की कई किस्तों में रकम भेजी गई। 26 अक्तूबर को निर्मला, चिन्मया, मनीष ई., बी. प्रकाश, शिवम के., शंकर, अमन लोध और जयसिंह के नाम से लेनदेन दर्ज हैं। इनमें मनीष ई. के नाम पर 40 हजार रुपये भेजने की प्रविष्टि शामिल है। 27 अक्तूबर को नितेश, सजिथा, रोहित यादव, राहुल के., यूसुफ एम., अखिलेश और प्रगन समेत अन्य नामों से लेनदेन हुए। विवरण में संबंधित बैंकों के संक्षिप्त संकेत और यूपीआई पहचान भी दर्ज हैं। हालांकि, इन नामों से जुड़े लोगों की वास्तविक पहचान की पुष्टि उपलब्ध दस्तावेजों से नहीं होती है।
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पीड़ित ने साइबर पोर्टल पर दर्ज कराई शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बरमाणा थाना क्षेत्र के लघट गांव के एक व्यक्ति के बैंक खाते से तीन दिन में 2.62 लाख रुपये से अधिक की रकम निकल गई। 25 से 27 अक्तूबर के बीच खाते से लगातार 29 लेनदेन हुए। रकम अलग-अलग खातों में भेजी गई। लगातार निकासी के बाद खाते में महज 106.69 रुपये शेष रह गए। पीड़ित सोनू ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाई है। 28 अक्तूबर को साइबर क्राइम की ओर से ईमेल के माध्यम से शिकायत स्वीकार किए जाने की सूचना मिली।
पीड़ित के अनुसार, उसे जानकारी नहीं है कि खाते से यूपीआई के माध्यम से रकम कैसे निकाली गई। उसका कहना है कि उसने किसी लिंक का इस्तेमाल नहीं किया और न ही यूपीआई से कोई भुगतान किया। इसके बावजूद खाते से लगातार पैसे निकलते रहे। खाते के विवरण में 22 अक्तूबर को 1.20 रुपये के दो छोटे लेनदेन भी दर्ज हैं। इसके बाद 25 अक्तूबर से बड़ी रकम की निकासी शुरू हुई।
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बैंक खाते के विवरण के अनुसार, 25 अक्तूबर को एटीएम से 10 हजार रुपये निकाले गए। इसी दिन 4,998.80 रुपये का यूपीआई लेनदेन भी हुआ। इसके बाद 10 हजार रुपये की एक और निकासी हुई। वहीं, 20-20 हजार रुपये की कई किस्तों में रकम अलग-अलग खातों में भेजी गई। इसी दिन 4,999.49 रुपये का एक अन्य लेनदेन भी दर्ज है। दिन के दौरान खाते में शेष राशि 2,72,900.99 रुपये से घटकर 1,62,901.50 रुपये रह गई। 26 अक्तूबर को खाते से 10 हजार, 20 हजार और 40 हजार रुपये समेत कई बड़ी रकम दूसरे खातों में भेजी गई। छोटी रकम के भी कई लेनदेन हुए। दिन के अंत तक खाते में 62,902.39 रुपये शेष रह गए। 27 अक्तूबर को भी निकासी का सिलसिला जारी रहा। इस दिन 9,999.88 रुपये, 20 हजार रुपये, 10 हजार रुपये, 4,990.95 रुपये और 9,999.98 रुपये के लेनदेन दर्ज हैं। इसके बाद पांच हजार, तीन हजार, एक हजार और 498.89 रुपये समेत अन्य रकम भी निकाली गई। अंतिम दर्ज लेनदेन में 300 रुपये शामिल हैं। इसके बाद खाते में केवल 106.69 रुपये बचे। पीड़ित ने शिकायत में तीन संदिग्ध मोबाइल नंबर भी दर्ज करवाए हैं। हालांकि, उपलब्ध दस्तावेजों से इन नंबरों के इस्तेमाल करने वाले व्यक्तियों या लेनदेन से उनके संबंध की पुष्टि नहीं होती है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक धीमान ने बताया कि मामले की छानबीन की जा रही है।
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अलग-अलग नामों से जुड़े खातों में भेजी रकम
बैंक खाते के विवरण में 25 से 27 अक्तूबर के बीच कई नामों से जुड़े खातों में यूपीआई के माध्यम से रकम भेजे जाने की प्रविष्टियां दर्ज हैं। 25 अक्तूबर को रुलिया ए., दीपक टी., मिस्टर अनुमिदिब, शैक एस. और जेरिपॉट के नाम से लेनदेन हुए। इस दौरान 10 हजार और 20-20 हजार रुपये की कई किस्तों में रकम भेजी गई। 26 अक्तूबर को निर्मला, चिन्मया, मनीष ई., बी. प्रकाश, शिवम के., शंकर, अमन लोध और जयसिंह के नाम से लेनदेन दर्ज हैं। इनमें मनीष ई. के नाम पर 40 हजार रुपये भेजने की प्रविष्टि शामिल है। 27 अक्तूबर को नितेश, सजिथा, रोहित यादव, राहुल के., यूसुफ एम., अखिलेश और प्रगन समेत अन्य नामों से लेनदेन हुए। विवरण में संबंधित बैंकों के संक्षिप्त संकेत और यूपीआई पहचान भी दर्ज हैं। हालांकि, इन नामों से जुड़े लोगों की वास्तविक पहचान की पुष्टि उपलब्ध दस्तावेजों से नहीं होती है।