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Entry Tax Dispute: मंत्री हरजोत सिंह बैंस की दोटूक, हिमाचल में एंट्री टैक्स न हटाया तो पंजाब भी लगाएगा टैक्स

Sun, 05 Apr 2026 10:10 AM IST
Ankesh Dogra संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर/गेहड़वीं/बद्दी।
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर/गेहड़वीं/बद्दी। Published by: Ankesh Dogra Updated Sun, 05 Apr 2026 10:10 AM IST
सार

पंजाब के मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार अपना टैक्स वापस नहीं लेती है तो पंजाब सरकार भी हिमाचल से आने वाले वाहनों पर बराबर का एंट्री टैक्स लगाएगी। पढ़ें पूरी खबर...

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Road Blockade at Daini Border for 6 Hours Punjab Warns of Retaliatory Tax
कीरतपुर साहिब-मनाली हाईवे पर दैणी के समीप पंजाब मोर्चा और टैक्सी यूनियन के पदाधिकारी नारे लगाते हुए। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

हिमाचल सरकार की ओर से लगाए गए एंट्री टैक्स के विरोध में पंजाब के विभिन्न संगठनों ने दैणी बॉर्डर पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने चक्का जाम कर दिया, जिससे कीरतपुर-मनाली हाईवे पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। करीब छह घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही, जिसके बाद प्रशासनिक हस्तक्षेप से रास्ता बहाल किया गया। धरना-प्रदर्शन के दौरान पंजाब के मंत्री हरजोत सिंह बैंस मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि यदि हिमाचल प्रदेश सरकार अपना  जजिया टैक्स वापस नहीं लेती है तो पंजाब सरकार भी हिमाचल से आने वाले वाहनों पर बराबर का एंट्री टैक्स लगाएगी। 

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उन्होंने कहा कि इस स्थिति की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की होगी। बैंस ने आरोप लगाया कि हिमाचल सरकार आर्थिक तंगी से जूझ रही है और इसकी भरपाई के लिए जनता पर नए-नए टैक्स थोपे जा रहे हैं, जिनका आम लोग विरोध कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस मुद्दे पर उनकी पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से बातचीत हुई है और जल्द ही इस पर फैसला लिया जाएगा। 
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वहीं, हिमाचल टैक्सी यूनियन के प्रधान राम रतन ने भी इस फैसले का विरोध करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार को हरियाणा और पंजाब की गाड़ियों पर लगाया गया एंट्री टैक्स तुरंत वापस लेना चाहिए, जिससे पर्यटन कारोबार प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि इस तरह के निर्णय से प्रदेश की छवि खराब हो रही है और पर्यटकों में गलत संदेश जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस मुद्दे का समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान आपात सेवाओं और पर्यटकों को राहत देने के लिए वैकल्पिक मार्गों को आंशिक रूप से खुला रखा गया। 
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टैक्सी मैक्सी ऑपरेटर एसोसिएशन मनाली के अध्यक्ष अभी ठाकुर ने कहा कि धरना-प्रदर्शन की इस स्थिति के लिए अफसरशाही जिम्मेदार है, जो दोनों सरकारों को गुमराह कर रही है। उनका कहना था कि अधिकारियों को जमीनी हालात से कोई फर्क नहीं पड़ता, जबकि सड़क पर खड़ी गाड़ियों और परेशान लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि वह मुख्यमंत्री से मिलने का समय लेने की कोशिश करेंगे। कहा कि यदि सरकार इस टैक्स को वापस नहीं लेती है, तो वे आंदोलनकारियों के साथ खड़े रहेंगे।

विधायक जनकराज बोले-सरकार के समक्ष उठाऊंगा मुद्दा 
धरना स्थल पर भाजपा विधायक डॉ. जनकराज ने कहा कि अपने ही देश में अगर एक कमरे से दूसरे कमरे में जाने पर पैसे देने पड़े, तो मैं आपके दर्द को समझ सकता हूं। पहले लोग बेरोकटोक के आते-जाते थे और आज भी कई परिवार दोनों राज्यों में जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र में एंट्री टैक्स का विरोध किया गया और आगे भी सरकार के समक्ष यह मुद्दा उठाया जाएगा।

सीमेंट से भरे 150 से अधिक ट्रक भी शाम तक फंसे रहे ट्रैफिक जाम में
हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर एंट्री टैक्स को लेकर जारी की जा रही अधिसूचनाओं और दावों काे पंजाब के प्रदर्शनकारियों ने फर्जी करार दिया है। इस दौरान कीरतपुर व दूसरी ओर स्वारघाट तक लंबा जाम लग गया। बघेरी से सीमेंट लेकर पंजाब व हिमाचल जा रहे 150 ट्रक भी इस जाम में फंसे रहे। 
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