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लंबे समय तक क्यों नहीं दी पूरी रिपोर्ट बताएं अधिकारी
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बिलासपुर। कीरतपुर नेरचौक फोरलेन के रूट प्लान को बिना मंजूरी बदलने की जांच को लेकर बनाई कई कमेटियों की ओर से रिपोर्ट न देने पर उपायुक्त बिलासपुर ने कड़ा संज्ञान लिया है। कार्यालय के आदेशों की अवहेलना होने पर उपायुक्त ने एसी टू डीसी को आदेश जारी कर एक्शन रिपोर्ट मांगी। इसके बाद इस संबंध में सभी उपमंडलाधिकारियों को आदेश जारी कर रिपोर्ट मांगी गई है लेकिन हैरत की बात की है अभी तक कार्यालय में रिपोर्ट नहीं पहुंच पाई।
उपायुक्त बिलासपुर ने ‘अमर उजाला’ की खबर पर उक्त आदेश जारी किए थे लेकिन अधिकारी है कि कोई आदेश मानने को तैयार नहीं है। इस पूरे मामले का खुलासा सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त पत्र संख्या बीएलएस-डीसी-पीएस/2019-53 के प्राप्त सूचना से हुआ है। उल्लेखनीय है कि पांच महीने पहले जिला वन अधिकारी के अनुरोध पर डीसी बिलासपुर ने कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण में एनएचएआई द्वारा बदले गए रूट की जांच के बारे जिला में चारों उपमंडलाधिकारियों की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर एक महीने में रिपोर्ट देने के आदेश जारी हुए थे लेकिन चार महीने के बीत जाने पर उपमंडलाधिकारियों ने कोई भी रिपोर्ट डीसी बिलासपुर को नहीं भेजी।
इसके संदर्भ में फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने 23 नवंबर को डीसी के आदेशों को नजरंदाज करने के बारे में समाचार पत्र ‘अमर उजाला’ में प्रमुखता से खबर को प्रकाशित किया गया। इसके बाद डीसी बिलासपुर ने सभी उपमंडलाधिकारियों से जवाबी कार्रवाई मांगी लेकिन हैरानी का विषय ये रहा कि डीसी द्वारा संज्ञान लेने के करीब दो महीने बीत जाने के बाद भी उपमंडलाधिकारियों ने जवाब देना जरूरी नहीं समझा। तीन जनवरी को उपायुक्त कार्यालय से प्राप्त सूचना में कहा गया है कि उपायुक्त के कार्रवाई के आदेश के बाद सभी से रिपोर्ट मांगी गई है। इधर, फोरलेन विस्थापित समिति के महा सचिव व पूर्व सैनिक मदन लाल शर्मा ने बताया कि या जो अधिकारी जान कर उपायुक्त के आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं या फिर ऊपर से नीचे तक सब अधिकारी आपस में मिले हुए हैं। कहा कि इस संबंध में समिति ने अब मुख्य सचिव प्रदेश सरकार को शिकायत दी है।
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उपायुक्त बिलासपुर ने ‘अमर उजाला’ की खबर पर उक्त आदेश जारी किए थे लेकिन अधिकारी है कि कोई आदेश मानने को तैयार नहीं है। इस पूरे मामले का खुलासा सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त पत्र संख्या बीएलएस-डीसी-पीएस/2019-53 के प्राप्त सूचना से हुआ है। उल्लेखनीय है कि पांच महीने पहले जिला वन अधिकारी के अनुरोध पर डीसी बिलासपुर ने कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण में एनएचएआई द्वारा बदले गए रूट की जांच के बारे जिला में चारों उपमंडलाधिकारियों की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर एक महीने में रिपोर्ट देने के आदेश जारी हुए थे लेकिन चार महीने के बीत जाने पर उपमंडलाधिकारियों ने कोई भी रिपोर्ट डीसी बिलासपुर को नहीं भेजी।
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इसके संदर्भ में फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने 23 नवंबर को डीसी के आदेशों को नजरंदाज करने के बारे में समाचार पत्र ‘अमर उजाला’ में प्रमुखता से खबर को प्रकाशित किया गया। इसके बाद डीसी बिलासपुर ने सभी उपमंडलाधिकारियों से जवाबी कार्रवाई मांगी लेकिन हैरानी का विषय ये रहा कि डीसी द्वारा संज्ञान लेने के करीब दो महीने बीत जाने के बाद भी उपमंडलाधिकारियों ने जवाब देना जरूरी नहीं समझा। तीन जनवरी को उपायुक्त कार्यालय से प्राप्त सूचना में कहा गया है कि उपायुक्त के कार्रवाई के आदेश के बाद सभी से रिपोर्ट मांगी गई है। इधर, फोरलेन विस्थापित समिति के महा सचिव व पूर्व सैनिक मदन लाल शर्मा ने बताया कि या जो अधिकारी जान कर उपायुक्त के आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं या फिर ऊपर से नीचे तक सब अधिकारी आपस में मिले हुए हैं। कहा कि इस संबंध में समिति ने अब मुख्य सचिव प्रदेश सरकार को शिकायत दी है।
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