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Bilaspur News: निहारी-बरठीं सड़क पर खाई में गिरी स्कूटी, दंपती को आई हल्की चोटें
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घुमारवीं के निहारी - बरठीं सम्पर्क सड़क पर दुर्घटनाग्रस्त हुई स्कूटी को बाहर निकालते लोग। संवाद
सड़क पर सुरक्षा के इंतजाम न होने से आए दिन हो रहे हादसे
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। घुमारवीं के तहत निहारी-बरठीं संपर्क सड़क पर सुरक्षा के इंतजाम न होने के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। बुधवार को स्कूटी चालक हादसे का शिकार हो गया। गनीमत रही कि इस दौरान जानी नुकसान नहीं हुआ। विभाग की अनदेखी वाहन चालकों पर भारी पड़ रही है। निहारी-बरठीं संपर्क सड़क पर बधाघाट के पास करीब आधा दर्जन तीखे मोड़ हैं। यहां सड़क की चौड़ाई भी नाममात्र है। एक तरह ऊंची ढांक है, तो दूसरी तरफ गहरी खाई है। सड़क पर वाहन चलाना खतरों भरा है। बुधवार को स्कूटी चालक राजदेव और उनकी पत्नी इस सड़क के पास जा रहे थे। बधाघाट मंदिर के पास अचानक स्कूटी अनियंत्रित हो गई। स्कूटी करीब 15 फीट नीचे जा गिरी। राजदेव और उनकी पत्नी भी खाई से नीचे जा गिरे। हादसे में दंपती को मामूली चोटें आई हैं। हादसे के दौरान अन्य वाहन चालक मौके पर खड़े हो गए, जिन्होंने राजदेव व उनकी पत्नी को खाई से निकाला। कड़ी मशक्कत के बाद स्कूटी को निकाला गया। बधाघाट से लेकर कल्लर मोड़ तक एक किलोमीटर के दायरे में कई तीखे मोड़ हैं। जहां सड़क के किनारे किसी प्रकार की रेलिंग नहीं लगाई गई है। मोड़ पर अगर कोई वाहन आमने सामने आ जाए तो वाहन को सड़क से नीचे उतारना पड़ता है। सड़क के बिल्कुल साथ ही गहरी खाई होने के कारण वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना रहता है। उधर, अधिशासी अभियंता मनीष सहगल ने कहा कि जहां तंग मोड़ है, वहां डंगा लगाया जाएगा और कुछ अन्य जगहों पर सुरक्षा की दृष्टि से इंतजाम किए जांएगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। घुमारवीं के तहत निहारी-बरठीं संपर्क सड़क पर सुरक्षा के इंतजाम न होने के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। बुधवार को स्कूटी चालक हादसे का शिकार हो गया। गनीमत रही कि इस दौरान जानी नुकसान नहीं हुआ। विभाग की अनदेखी वाहन चालकों पर भारी पड़ रही है। निहारी-बरठीं संपर्क सड़क पर बधाघाट के पास करीब आधा दर्जन तीखे मोड़ हैं। यहां सड़क की चौड़ाई भी नाममात्र है। एक तरह ऊंची ढांक है, तो दूसरी तरफ गहरी खाई है। सड़क पर वाहन चलाना खतरों भरा है। बुधवार को स्कूटी चालक राजदेव और उनकी पत्नी इस सड़क के पास जा रहे थे। बधाघाट मंदिर के पास अचानक स्कूटी अनियंत्रित हो गई। स्कूटी करीब 15 फीट नीचे जा गिरी। राजदेव और उनकी पत्नी भी खाई से नीचे जा गिरे। हादसे में दंपती को मामूली चोटें आई हैं। हादसे के दौरान अन्य वाहन चालक मौके पर खड़े हो गए, जिन्होंने राजदेव व उनकी पत्नी को खाई से निकाला। कड़ी मशक्कत के बाद स्कूटी को निकाला गया। बधाघाट से लेकर कल्लर मोड़ तक एक किलोमीटर के दायरे में कई तीखे मोड़ हैं। जहां सड़क के किनारे किसी प्रकार की रेलिंग नहीं लगाई गई है। मोड़ पर अगर कोई वाहन आमने सामने आ जाए तो वाहन को सड़क से नीचे उतारना पड़ता है। सड़क के बिल्कुल साथ ही गहरी खाई होने के कारण वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना रहता है। उधर, अधिशासी अभियंता मनीष सहगल ने कहा कि जहां तंग मोड़ है, वहां डंगा लगाया जाएगा और कुछ अन्य जगहों पर सुरक्षा की दृष्टि से इंतजाम किए जांएगे।