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आरएलए फर्जीवाड़ा : जांच समिति को रिकॉर्ड न मिलने से पंजीकरण जांच ठप

Thu, 26 Feb 2026 11:39 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 26 Feb 2026 11:39 PM IST
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RLA fraud: Registration inquiry stalled as investigation committee failed to get records
परिवहन निदेशालय ने उच्च स्तरीय जांच समिति को 15 दिन में देनी थी रिपोर्ट
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रिकॉर्ड रूम में लगे ताले के कारण आगे नहीं बढ़ रही है फर्जीवाड़े की जांच

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बिलासपुर आरएलए में वाहनों के पंजीकरण के फर्जीवाड़े मामले की जांच के लिए गठित परिवहन निदेशालय की उच्च स्तरीय जांच समिति की रिपोर्ट एक माह बाद भी तैयार नहीं हो पाई है। कारण यह है कि समिति अब तक आवश्यक रिकॉर्ड उपलब्ध न होने के कारण अपनी जांच आगे नहीं बढ़ा पा रही है। आरएलए के रिकॉर्ड रूम में ताला जड़ा है और बताया जा रहा है कि इसकी चाबी दिल्ली में न्यायिक हिरासत में चल रहे आरोपी सुभाष के पास है।
मामला सामने आने के कुछ दिन बाद जांच समिति की अध्यक्षता राज्य परिवहन प्राधिकरण के सचिव को सौंपी गई थी। प्रारंभ में समिति को 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए थे। समिति ने जांच शुरू कर दी थी, लेकिन आवश्यक दस्तावेज न मिलने के कारण जांच पूरी तरह प्रभावित हो रही है। जानकरी के अनुसार, समिति को बिलासपुर आरएलए शाखा के रिकॉर्ड रूम तक पहुंच नहीं मिल रही है। लगभग 30 दिन बीत जाने के बावजूद रिकॉर्ड रूम का ताला खुला नहीं है। यह आलमारी महत्वपूर्ण पंजीकरण दस्तावेजों और एनओसी से जुड़े कागजात का भंडार है। इस कारण जांच समिति अभी तक आवश्यक कागजात का मिलान नहीं कर पा रही है और रिपोर्ट तैयार करने में बाधा आ रही है। अधिकारियों का कहना है कि रिकॉर्ड उपलब्ध होने के बाद ही समिति पंजीकरण प्रक्रिया में हुई अनियमितताओं का पता लगा पाएगी।
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एसडीएम सदर डॉक्टर राजदीप सिंह ने बताया कि आरएलए शाखा के रिकॉर्ड उपलब्ध न होने से जांच समिति अपनी जांच आगे नहीं बढ़ा पा रही है। उन्होंने कहा कि मैंने मामले में आरोपी चल रहे सुभाष को व्यक्तिगत तौर पर पांच से छह नोटिस भेजे हैं कि वह रिकॉर्ड समिति को सौंप दें। इसके अलावा, हमने उपायुक्त को भी इसकी जानकारी दी थी। रिकॉर्ड तभी उपलब्ध होगा जब चार्ज ट्रांसफर पूरा होगा, क्योंकि चार्ज ट्रांसफर के समय ही रिकॉर्ड हैंडओवर करना उसकी जिम्मेदारी होती है जिसके पास पहले से चार्ज होता है। बता दें कि फिलहाल सुभाष न्यायिक हिरासत में हैं। रिकॉर्ड मिलने के बाद ही समिति उन वाहनों का मिलान कर पाएगी, जिनका पंजीकरण नियमों के विरुद्ध किया गया। इसके बाद ही दोषियों के खिलाफ सटीक कार्रवाई संभव होगी।
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