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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   Risk of drinking water source contamination due to four-lane construction debris falling into a centuries-old stepwell.

Bilaspur News: सदियों पुरानी बावड़ी में फोरलेन का मलबा गिरने से पेयजल स्रोत दूषित होने का खतरा

Sun, 06 Sep 2026 12:47 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 06 Sep 2026 12:47 AM IST
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Risk of drinking water source contamination due to four-lane construction debris falling into a centuries-old stepwell.
ग्राम पंचायत औहर के भंजवाणी गांव में बावड़ी की सफाई करते ग्रामीण। संवाद
भंजवाणी फुटब्रिज निर्माण के दौरान बारिश के पानी के साथ बावड़ी में पहुंच रही मिट्टी
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दो गांवों के लोग परेशान, लोगों ने सुरक्षा दीवार लगाने की उठाई मांग

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। ग्राम पंचायत औहर के भंजवाणी गांव में सदियों पुरानी बावड़ी इन दिनों फोरलेन निर्माण के मलबे की चपेट में आ गई है। बावड़ी के ठीक ऊपर फोरलेन पर फुटब्रिज का निर्माण कार्य चल रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान निकल रही मिट्टी और मलबा बारिश के पानी के साथ नीचे बहकर बावड़ी में पहुंच रहा है। इससे लोगों के सदियों पुराने पेयजल स्रोत के दूषित होने का खतरा पैदा हो गया है।
ग्रामीणों के अनुसार बावड़ी करीब 1780 से 1790 के बीच की बताई जाती है। यह बावड़ी ऊपरी भंजवाणी और निचली भंजवाणी दोनों गांवों के लोगों के लिए महत्वपूर्ण जलस्रोत है। जब गांवों में अन्य स्रोतों से पानी उपलब्ध नहीं होता है तो लोग इसी बावड़ी से पानी भरकर ले जाते हैं। ऐसे में बावड़ी में मलबा और मिट्टी पहुंचने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों ने बताया कि फुटब्रिज के निर्माण के लिए की गई खुदाई से निकली मिट्टी ऊपर जमा है। बारिश होने पर पानी के साथ यह मिट्टी बहकर बावड़ी की ओर आ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने निर्माण कार्य में लगे लोगों से भी बावड़ी की सफाई करवाने और मलबा रोकने की मांग की, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों ने मांग उठाई है कि फोरलेन से बावड़ी तक आने वाले पानी को किसी अन्य दिशा में मोड़ा जाए, ताकि बरसाती पानी और निर्माण का मलबा बावड़ी में न पहुंचे।
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ग्रामीणों ने बताया कि फोरलेन से बावड़ी की ओर जाने वाले पक्के रास्ते के पास आरसीसी की दीवार का निर्माण किया जा रहा है। ग्रामीणों की मांग है कि इस दीवार को बावड़ी तक जाने वाले रास्ते के आगे तक बनाया जाए, ताकि ऊपर से आने वाला मलबा और मिट्टी नीचे न गिर सके। उनका कहना है कि यदि सुरक्षा दीवार अधूरी छोड़ी गई तो बारिश के दौरान समस्या दोबारा पैदा हो सकती है। ग्रामीणों के अनुसार बावड़ी में पानी गिरने की समस्या को लेकर प्रशासन के समक्ष पहले भी मामला उठाया जा चुका है। उनका कहना है कि उपायुक्त ने भी मौके का निरीक्षण किया था। ग्रामीणों ने मांग की थी कि बावड़ी के ऊपर पानी गिराने वाली पुली को बंद कर पानी की निकासी दूसरी ओर की जाए, लेकिन समस्या का अपेक्षित समाधान नहीं हो पाया। ग्रामीण वेद प्रकाश, कार्तिक शर्मा, अभिषेक शर्मा, अजय शर्मा, मोनू शर्मा, बीका देवी, उर्मिला देवी, कांता देवी और सपना शर्मा ने प्रशासन और फोरलेन निर्माण कंपनी से बावड़ी को मलबे और बरसाती पानी से बचाने के लिए जल्द उचित व्यवस्था करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक बावड़ी नहीं, बल्कि पीढ़ियों से ग्रामीणों की प्यास बुझाने वाला जल स्रोत है। इसकी सुरक्षा में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। अभी तक आए मलबे को ग्रामीण खुद ही साफ कर रहे हैं।
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