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4 दिनों से नगर परिषद क्षेत्र के साथ ही निकटवर्ती गांव में पेयजल आपूर्ति ठप
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घुमारवीं (बिलासपुर)। घुमारवीं नगर परिषद और उसके आसपास के क्षेत्रों में बरसात के चलते पिछले चार दिनों से नलों में पानी की एक बूंद नहीं टपक रही है। इससे लोग मजबूर होकर बारिश के पानी के ऊपर निर्भर हैं। घुमारवीं की पेयजल योजना सीर खड्ड पर निर्भर हैं। बारिश में पानी मटमैला होने के चलते पेयजल आपूर्ति बंद हो जाती है। हालांकि, इस वर्ष पेयजल की समस्याओं पर नगर परिषद ने समाधान के दावे किए थे लेकिन इधर वह सभी खोखले नजर आ रहे हैं।
बता दें कि बारिश के कारण मटमैला पानी होने के कारण घुमारवीं व आसपास की लगभग एक दर्जन योजनाएं प्रभावित रहीं। इनमें दस उठाऊ पेयजल तथा तीन सिंचाई योजनाएं शामिल हैं। इससे इन योजनाओं के प्रभावित होने से सैकड़ों उपभोक्ताओं को पानी की किल्लत से परेशान रहना पड़ा। पिछले 4 दिनों से घुमारवीं नगर परिषद के कई क्षेत्रों सहित कूलारू, बल्लू आदि स्थानों में पेयजल आपूर्ति ठप होने से स्थानीय लोगों को भारी परेशानी हो रही है।
स्थानीय नगर परिषद के लुखानी, दकड़ी, बजोहा, टिकरी सहित कई क्षेत्र सहित पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। कुछ वर्ष पूर्व विभाग द्वारा रैपिड सैड फिल्टर का निर्माण कार्य करवाया गया था, तो उस समय लोगों को उम्मीद बंधी थी कि शायद अब यह बरसात के दिनों में पानी न आने की समस्या से छुटकारा मिलेगा।
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रैपिड सैड फिल्टर लगभग 1.80 करोड़ रुपये खर्च करके विभाग द्वारा लगवाया गया था। नतीजा उसका फिर कुछ नहीं हुआ और लोगों को बरसात के दिनों मे विभाग पानी मुहैया न करवा सका है। स्थानीय लोगों ने अब विभाग के कार्यों पर ही उंगली उठानी ही शुरू कर दी है।
उधर, नगर परिषद अध्यक्ष राकेश चोपड़ा एवं उपाध्यक्ष रीता सहगल ने बताया इस समस्या के संदर्भ में विभाग को अवगत करा दिया गया है। लोगों को स्थानीय विधायक राजेंद्र गर्ग के खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले के मंत्री पद के उपरांत घुमारवीं पहली बार आगमन पर लोगों में पेयजल समस्या के स्थाई हल की उम्मीद जगी है।
इस संदर्भ में बात करने पर सहायक अभियंता यशपाल शर्मा ने बताया कि नगर परिषद के लिए पेयजल योजना आज से शुरू कर दी गई है । ग्रामीण क्षेत्र में योजना के लिफ्ट पंप खड्ड में तेज बहाव के चलते मिट्टी से ढक गए थे। उन्हें रविवार को सुचारू बनाने के प्रयास जारी हैं।
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बता दें कि बारिश के कारण मटमैला पानी होने के कारण घुमारवीं व आसपास की लगभग एक दर्जन योजनाएं प्रभावित रहीं। इनमें दस उठाऊ पेयजल तथा तीन सिंचाई योजनाएं शामिल हैं। इससे इन योजनाओं के प्रभावित होने से सैकड़ों उपभोक्ताओं को पानी की किल्लत से परेशान रहना पड़ा। पिछले 4 दिनों से घुमारवीं नगर परिषद के कई क्षेत्रों सहित कूलारू, बल्लू आदि स्थानों में पेयजल आपूर्ति ठप होने से स्थानीय लोगों को भारी परेशानी हो रही है।
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स्थानीय नगर परिषद के लुखानी, दकड़ी, बजोहा, टिकरी सहित कई क्षेत्र सहित पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। कुछ वर्ष पूर्व विभाग द्वारा रैपिड सैड फिल्टर का निर्माण कार्य करवाया गया था, तो उस समय लोगों को उम्मीद बंधी थी कि शायद अब यह बरसात के दिनों में पानी न आने की समस्या से छुटकारा मिलेगा।
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रैपिड सैड फिल्टर लगभग 1.80 करोड़ रुपये खर्च करके विभाग द्वारा लगवाया गया था। नतीजा उसका फिर कुछ नहीं हुआ और लोगों को बरसात के दिनों मे विभाग पानी मुहैया न करवा सका है। स्थानीय लोगों ने अब विभाग के कार्यों पर ही उंगली उठानी ही शुरू कर दी है।
उधर, नगर परिषद अध्यक्ष राकेश चोपड़ा एवं उपाध्यक्ष रीता सहगल ने बताया इस समस्या के संदर्भ में विभाग को अवगत करा दिया गया है। लोगों को स्थानीय विधायक राजेंद्र गर्ग के खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले के मंत्री पद के उपरांत घुमारवीं पहली बार आगमन पर लोगों में पेयजल समस्या के स्थाई हल की उम्मीद जगी है।
इस संदर्भ में बात करने पर सहायक अभियंता यशपाल शर्मा ने बताया कि नगर परिषद के लिए पेयजल योजना आज से शुरू कर दी गई है । ग्रामीण क्षेत्र में योजना के लिफ्ट पंप खड्ड में तेज बहाव के चलते मिट्टी से ढक गए थे। उन्हें रविवार को सुचारू बनाने के प्रयास जारी हैं।