फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   research on fishries in govind sagar lake

गोविंद सागर में मछली उत्पादन पर अध्ययन करेगी कोलकाता की टीम

Tue, 03 Aug 2021 11:48 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 03 Aug 2021 11:48 PM IST
विज्ञापन
research on fishries in govind sagar lake
बिलासपुर। गोविंद सागर झील में मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार झील की साइंटिफिक स्टडी करवाएगी। इसमें सेंट्रल इनलैंड फिशरीज रिसर्च इंस्टीट्यूट (सिफरी), बैरकपुर कोलकाता की टीम अगस्त के अंत तक बिलासपुर का दौरा करेगी। टीम एक साल तक स्टडी करने के बाद रिपोर्ट तैयार कर राज्य सरकार को भेजेगी।
विज्ञापन

मत्स्य निदेशालय बिलासपुर के निदेशक सतपाल मेहता ने बताया कि गोविंद सागर झील में मत्स्य उत्पादन बढ़ाने को लेकर सरकार की ओर से कई प्रयास किए जा रहे हैं। गोविंद सागर झील से हजारों मछुआरों की रोजी-रोटी चलती है। सरकार का सिफरी के साथ एमआयू साइन हुआ है। उन्होंने बताया कि सेंट्रल इनलैंड फिशरीज रिसर्च इंस्टीट्यूट सिफरी, बैरकपुर कोलकाता के विशेषज्ञ गोविंद सागर झील की साइंटिफिक स्टडी करेंगे। अगस्त महीने के अंत में विशेषज्ञों और रिसर्च स्कॉलर की एक टीम बिलासपुर आएगी और घटते मत्स्य उत्पादन पर स्टडी करेगी।
विज्ञापन

कुछ विशेषज्ञ और स्कॉलर यहीं पर रहकर एक साल तक रिसर्च करेंगे। स्टडी के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर राज्य सरकार को प्रेषित की जाएगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर गोविंद सागर झील में मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए आगामी कार्य योजना तैयार की जाएगी। उन्होंने बताया कि गोविंद सागर झील से हजारों मछुआरों की रोजी चलती है। उत्पादन घटने के कारण कहीं न कहीं उनकी रोजी पर भी असर पड़ा है। झील में उत्पादन बढ़ाने के लिए मत्स्य विभाग ने बड़े आकार का बीज डालना शुरू किया है। इस बार भी 70 एमएम से लेकर 100 एमएम साइज का मछली बीज डाला गया है। उम्मीद है कि आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed