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‘मुस्कान’ के बाद पटरी पर लौटने लगा लिंग अनुपात
अमर उजाला ब्यूरो बिलासपुर।
Updated Sat, 23 Jan 2016 08:01 PM IST
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प्रशासनिक आंकड़ों को लें तो वर्ष 2015 की पहली तिमाही में लिंग अनुपात 947 पाया गया है। 2014 में इन्हीं तीन महीनों में यह 874, 2013 में 937 और 2012 में 911 था। लिंग अनुपात को सालाना भी लें तो बिलासपुर में पिछले चार साल में इस साल सबसे बेहतर लिंग अनुपात सामने आया है।
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार बिलासपुर में वर्ष 2012-13 में लिंगानुपात प्रति 1000 पुरुषों के मुकाबले 879 महिलाएं, वर्ष 2013-14 में 1000 पुरुषों के मुकाबले 901 महिलाएं, वर्ष 2014-15 में 1000 पुरुषों के मुकाबले 897 महिलाएं थीं।
जिला प्रशासन एवं बाल विकास विभाग के पिछले एक वर्ष में कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए विभिन्न स्थानों में लगाए गए जागरूकता शिविरों और प्रयासों से वर्ष 2015-16 के जनवरी महीने तक लिंगानुपात में 1000 पुरुषों के मुकाबले 986 महिलाएं हैं। जो कि पिछले चार सालों के आंकड़ों में सबसे बेहतर है ।
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उपायुक्त मानसी सहाय ठाकुर ने बताया कि बेटी समाज के साथ-साथ परिवार सास-ससुर की सेवा में अहम भूमिका निभाती है। उनके अनुसार महिलाओं के साथ हो रही ज्यादती को महिलाओं के समक्ष रखने की जरूरत है।
भ्रूण हत्या क्या है और कैसे होती है, इस पर आधारित साइलेंट स्क्रीम नामक वीडियो भी प्रशासन ने बनाया है। जिसे विभिन्न सेमिनार में महिलाओं को दिखाया गया।
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार बिलासपुर में वर्ष 2012-13 में लिंगानुपात प्रति 1000 पुरुषों के मुकाबले 879 महिलाएं, वर्ष 2013-14 में 1000 पुरुषों के मुकाबले 901 महिलाएं, वर्ष 2014-15 में 1000 पुरुषों के मुकाबले 897 महिलाएं थीं।
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जिला प्रशासन एवं बाल विकास विभाग के पिछले एक वर्ष में कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए विभिन्न स्थानों में लगाए गए जागरूकता शिविरों और प्रयासों से वर्ष 2015-16 के जनवरी महीने तक लिंगानुपात में 1000 पुरुषों के मुकाबले 986 महिलाएं हैं। जो कि पिछले चार सालों के आंकड़ों में सबसे बेहतर है ।
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उपायुक्त मानसी सहाय ठाकुर ने बताया कि बेटी समाज के साथ-साथ परिवार सास-ससुर की सेवा में अहम भूमिका निभाती है। उनके अनुसार महिलाओं के साथ हो रही ज्यादती को महिलाओं के समक्ष रखने की जरूरत है।
भ्रूण हत्या क्या है और कैसे होती है, इस पर आधारित साइलेंट स्क्रीम नामक वीडियो भी प्रशासन ने बनाया है। जिसे विभिन्न सेमिनार में महिलाओं को दिखाया गया।