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Bilaspur News: लापता व्यक्तियों के मामलों में 24 घंटे के भीतर दर्ज करें एफआईआर

Tue, 21 Jul 2026 12:39 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 21 Jul 2026 12:39 AM IST
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Register an FIR within 24 hours in cases of missing persons.
बचत भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में मौजूद अधिकारी। स्रोत: डीपीआरओ
एडीसी ने समीक्षा बैठक में दिए निर्देश,कहा-सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हो शत-प्रतिशत पालन
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मानव तस्करी की रोकथाम, पीड़ितों के पुनर्वास के लिए समन्वित कार्रवाई पर दिया जोर

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले में लापता व्यक्तियों, मानव तस्करी, पीड़ितों के पुनर्वास एवं बहाली से जुड़े मामलों में अब किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अतिरिक्त उपायुक्त रूपिंदर कौर ने सोमवार को बचत भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में सभी संबंधित विभागों को सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि लापता व्यक्तियों की शीघ्र तलाश, मानव तस्करी पर प्रभावी अंकुश, पीड़ितों के सम्मानजनक पुनर्वास के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय बेहद जरूरी है। बैठक की अध्यक्षता करते हुए एडीसी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार किसी भी स्रोत से लापता व्यक्ति की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि जांच के शुरुआती 24 घंटे सबसे महत्वपूर्ण होते हैं और इसी अवधि में की गई त्वरित कार्रवाई से लापता व्यक्ति को सुरक्षित खोजने की संभावना काफी बढ़ जाती है। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि भारतीय न्याय संहिता-2023 में इस संबंध में आवश्यक दंडात्मक प्रावधान किए गए हैं। ऐसे में पुलिस और संबंधित विभाग इन प्रावधानों का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित करें। साथ ही सभी मामलों की जानकारी समयबद्ध तरीके से नेशनल इंटीग्रेटेड पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश भी दिए, ताकि राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर मामलों की प्रभावी निगरानी और समन्वय हो सके। मानव तस्करी जैसे संगठित अपराध पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, श्रम, शिक्षा, स्वास्थ्य, अभियोजन और जिला बाल संरक्षण इकाई सहित सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करना होगा। उन्होंने ग्राम पंचायतों, विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने पर भी बल दिया, ताकि लोगों को मानव तस्करी, बच्चों की सुरक्षा और लापता व्यक्तियों की सूचना देने की प्रक्रिया के प्रति जागरूक किया जा सके।
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उन्होंने अंतरराज्यीय समन्वय को मजबूत बनाने पर भी जोर देते हुए कहा कि मानव तस्करी और लापता व्यक्तियों से जुड़े मामलों में विभिन्न राज्यों के बीच बेहतर तालमेल से पीड़ितों के बचाव, पुनर्वास और बहाली की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। बैठक के उपरांत एडीसी ने जिला स्तरीय आपराधिक क्षति राहत एवं पुनर्वास बोर्ड की बैठक की भी अध्यक्षता की। उन्होंने संबंधित विभागों को पीड़ित राहत एवं पुनर्वास से जुड़े मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में दो नए मामलों को राहत के लिए स्वीकृति प्रदान की गई, जबकि इससे पहले 27 मामलों को स्वीकृति मिल चुकी है और पात्र लाभार्थियों को नियमानुसार राहत राशि उपलब्ध करवाई जा रही है। बैठक में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, पुलिस, श्रम, शिक्षा, अभियोजन, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा जिला बाल संरक्षण कार्यालय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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