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Bilaspur News: क्षेत्रीय अस्पताल को मिली तीसरी अल्ट्रा पोर्टेबल एक्स-रे मशीन
Sat, 27 Jun 2026 11:46 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sat, 27 Jun 2026 11:46 PM IST
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क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में अल्ट्रा पोर्टेबल एक्स-रे मशीन का शुभारंभ करते उपायुक्त राहुल कुम
अब घर-घर होगी टीबी की जांच, उपायुक्त ने किया शुभारंभ
एआई तकनीक से लैस मशीन से प्रतिदिन 300 लोगों की होगी जांच
2027 से पहले सभी हाई रिस्क गांवों का होगा शत-प्रतिशत कवरेज
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर।
बिलासपुर। जिले में टीबी उन्मूलन अभियान को नई गति मिली है। शनिवार को क्षेत्रीय अस्पताल में तीसरी अल्ट्रा पोर्टेबल एक्सरे मशीन का शुभारंभ हुआ। उपायुक्त राहुल कुमार ने करीब 32 लाख रुपये की लागत वाली इस मशीन का उद्घाटन किया।
यह मशीन एनटीपीसी के कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत उपलब्ध कराई गई है। यह दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में घर-घर जाकर लोगों की जांच करेगी। इससे टीबी मरीजों की समय रहते पहचान और उपचार संभव हो सकेगा। उपायुक्त राहुल कुमार ने बताया कि यह मशीन कृत्रिम बुद्धिमत्ता तकनीक से लैस है। यह टीबी के अलावा निमोनिया, फेफड़ों के कैंसर जैसी बीमारियों की भी पहचान कर सकती है। इससे संक्रमण की रोकथाम और समय पर इलाज शुरू हो पाएगा। यह सुविधा बुजुर्गों, गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों और प्रवासी श्रमिकों के लिए लाभकारी होगी। स्वास्थ्य विभाग के पास अब कुल तीन अल्ट्रा पोर्टेबल एक्सरे मशीनें हैं। इनमें से एक केंद्र सरकार, दूसरी अदाणी समूह और तीसरी एनटीपीसी द्वारा दी गई है।
अभियान का विस्तार और लक्ष्य
इन मशीनों से गांव-गांव स्वास्थ्य शिविर लगाकर 14 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की एक्सरे स्क्रीनिंग की जा रही है। जिले के 244 उच्च जोखिम वाले गांवों में लगभग 90 हजार लोगों की जांच का लक्ष्य है। अब तक 183 गांवों में शिविर आयोजित कर 20 हजार से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग हो चुकी है। वर्ष 2027 से पहले सभी शेष गांवों और लक्षित आबादी का शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। पहले दो मशीनों से प्रतिदिन करीब 200 एक्सरे होते थे, अब तीसरी से 300 जांचें संभव होंगी।
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सहयोग और जनभागीदारी
कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त राहुल कुमार और सहायक आयुक्त राजकुमार ने स्वयं भी नई मशीन से जांच करवाई। जिला प्रशासन रेडक्रॉस सोसायटी, जिला खनिज फाउंडेशन और अन्य संस्थानों के सहयोग से टीबी मरीजों को निक्षय पोषण किट दे रहा है। उपायुक्त ने एनटीपीसी के सहयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पहल बिलासपुर को टीबी मुक्त बनाने में महत्वपूर्ण साबित होगी। उन्होंने लोगों से जांच शिविरों में भाग लेने और लक्षण दिखने पर चिकित्सकीय परामर्श लेने की अपील की।
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एआई तकनीक से लैस मशीन से प्रतिदिन 300 लोगों की होगी जांच
2027 से पहले सभी हाई रिस्क गांवों का होगा शत-प्रतिशत कवरेज
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर।
बिलासपुर। जिले में टीबी उन्मूलन अभियान को नई गति मिली है। शनिवार को क्षेत्रीय अस्पताल में तीसरी अल्ट्रा पोर्टेबल एक्सरे मशीन का शुभारंभ हुआ। उपायुक्त राहुल कुमार ने करीब 32 लाख रुपये की लागत वाली इस मशीन का उद्घाटन किया।
यह मशीन एनटीपीसी के कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत उपलब्ध कराई गई है। यह दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में घर-घर जाकर लोगों की जांच करेगी। इससे टीबी मरीजों की समय रहते पहचान और उपचार संभव हो सकेगा। उपायुक्त राहुल कुमार ने बताया कि यह मशीन कृत्रिम बुद्धिमत्ता तकनीक से लैस है। यह टीबी के अलावा निमोनिया, फेफड़ों के कैंसर जैसी बीमारियों की भी पहचान कर सकती है। इससे संक्रमण की रोकथाम और समय पर इलाज शुरू हो पाएगा। यह सुविधा बुजुर्गों, गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों और प्रवासी श्रमिकों के लिए लाभकारी होगी। स्वास्थ्य विभाग के पास अब कुल तीन अल्ट्रा पोर्टेबल एक्सरे मशीनें हैं। इनमें से एक केंद्र सरकार, दूसरी अदाणी समूह और तीसरी एनटीपीसी द्वारा दी गई है।
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अभियान का विस्तार और लक्ष्य
इन मशीनों से गांव-गांव स्वास्थ्य शिविर लगाकर 14 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की एक्सरे स्क्रीनिंग की जा रही है। जिले के 244 उच्च जोखिम वाले गांवों में लगभग 90 हजार लोगों की जांच का लक्ष्य है। अब तक 183 गांवों में शिविर आयोजित कर 20 हजार से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग हो चुकी है। वर्ष 2027 से पहले सभी शेष गांवों और लक्षित आबादी का शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। पहले दो मशीनों से प्रतिदिन करीब 200 एक्सरे होते थे, अब तीसरी से 300 जांचें संभव होंगी।
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सहयोग और जनभागीदारी
कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त राहुल कुमार और सहायक आयुक्त राजकुमार ने स्वयं भी नई मशीन से जांच करवाई। जिला प्रशासन रेडक्रॉस सोसायटी, जिला खनिज फाउंडेशन और अन्य संस्थानों के सहयोग से टीबी मरीजों को निक्षय पोषण किट दे रहा है। उपायुक्त ने एनटीपीसी के सहयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पहल बिलासपुर को टीबी मुक्त बनाने में महत्वपूर्ण साबित होगी। उन्होंने लोगों से जांच शिविरों में भाग लेने और लक्षण दिखने पर चिकित्सकीय परामर्श लेने की अपील की।