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Bilaspur News: राम भक्त हनुमान ने किया का लंका में प्रवेश
Tue, 05 Nov 2024 11:15 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Tue, 05 Nov 2024 11:15 PM IST
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आदर्श राम नाटक समिति जेजवी की ओर से आयोजित रामलीला में मुख्यातिथि को सम्मानित करते हुए आयोजक सम
घुमारवीं में रामलीला के आयोजन का सातवां दिन
आदर्श राम नाटक समिति जेजवी के कलाकार कर रहे मंचन
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। आदर्श राम नाटक समिति जेजवी द्वारा आयोजित की जा रही रामलीला के सातवें दिन राम भक्त हनुमान का लंका में प्रवेश करने की लीला का मंचन किया गया।
रामलीला के मंचन में हनुमान जी ने लंका में प्रवेश करते हुए बाग-बगीचे को उजाड़ते हुए भारी तबाही मचाई। उन्होंने माता सीता को अपनी पहचान बताई। भगवान श्री राम द्वारा दी गई मुद्रिका भेंट की, जिससे माता सीता को यह विश्वास हो गया कि हनुमान जी वास्तव में श्री राम के दूत हैं। इस दिन का मंचन दर्शकों के लिए विशेष रूप से आकर्षक और प्रेरणादायक रहा, जिसमें भगवान श्री राम और हनुमान जी के आदर्शों को जीवंत किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिक्षाविद् और शांति सेवा समिति के अध्यक्ष अमरनाथ धीमान ने शिरकत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता राम नाटक समिति के अध्यक्ष श्री राम ने की। मुख्य अतिथि धीमान ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम हमारे लिए आदर्श हैं। वह समाज, राष्ट्र एवं पूरे विश्व के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। कहा कि भगवान श्री राम ने अपने जीवन में कोई चमत्कार नहीं किया, बल्कि अपने कर्मों के माध्यम से आदर्श स्थापित किए। माता-पिता, पत्नी, भाई और समाज के प्रति उनके आदर्शों को हमें अपनाना चाहिए। इसके साथ ही, हमें अपनी भावी पीढ़ी को भी भगवान श्री राम के आदर्शों से अवगत कराना चाहिए।
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आदर्श राम नाटक समिति जेजवी के कलाकार कर रहे मंचन
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। आदर्श राम नाटक समिति जेजवी द्वारा आयोजित की जा रही रामलीला के सातवें दिन राम भक्त हनुमान का लंका में प्रवेश करने की लीला का मंचन किया गया।
रामलीला के मंचन में हनुमान जी ने लंका में प्रवेश करते हुए बाग-बगीचे को उजाड़ते हुए भारी तबाही मचाई। उन्होंने माता सीता को अपनी पहचान बताई। भगवान श्री राम द्वारा दी गई मुद्रिका भेंट की, जिससे माता सीता को यह विश्वास हो गया कि हनुमान जी वास्तव में श्री राम के दूत हैं। इस दिन का मंचन दर्शकों के लिए विशेष रूप से आकर्षक और प्रेरणादायक रहा, जिसमें भगवान श्री राम और हनुमान जी के आदर्शों को जीवंत किया गया।
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कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिक्षाविद् और शांति सेवा समिति के अध्यक्ष अमरनाथ धीमान ने शिरकत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता राम नाटक समिति के अध्यक्ष श्री राम ने की। मुख्य अतिथि धीमान ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम हमारे लिए आदर्श हैं। वह समाज, राष्ट्र एवं पूरे विश्व के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। कहा कि भगवान श्री राम ने अपने जीवन में कोई चमत्कार नहीं किया, बल्कि अपने कर्मों के माध्यम से आदर्श स्थापित किए। माता-पिता, पत्नी, भाई और समाज के प्रति उनके आदर्शों को हमें अपनाना चाहिए। इसके साथ ही, हमें अपनी भावी पीढ़ी को भी भगवान श्री राम के आदर्शों से अवगत कराना चाहिए।
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