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भानुपल्ली-बिलासपुर रेल लाइन निर्माण के लिए बध्यात में होगा 97.6 बीघा भूमि का अधिग्रहण।
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सरोज पाठक
बिलासपुर। भानुपल्ली-बिलासपुर रेल लाइन निर्माण के लिए बध्यात में 97.6 बीघा भूमि का अधिग्रहण प्रस्तावित है। इसके लिए रेलवे की विशेष भू-अधिग्रहण इकाई ने लोगों के साथ मिलकर मोल भाव की प्रक्रिया पूरी कर ली है। बध्यात में लोगों को 40 लाख रुपये प्रति बीघा जमीन के दाम और इसका सौ प्रतिशत सोलेशियम (मुआवजा) देना प्रस्तावित है।
सोलेशियम को मिलाकर ग्रामीणों को 80 लाख रुपये प्रति बीघा जमीन के मिलेंगे। अभी तक लोगों के साथ ही मोलभाव की प्रक्रिया पूरी हुई है। इसके बाद भूमि अधिग्रहण की फाइल तैयार कर सरकार को स्वीकृति के लिए भेजी जाएगी। सरकार से मंजूरी आने के बाद अधिग्रहण के लिए नोटिस जारी होंगे और सभी नोटिस जारी होने के बाद इस जमीन का अधिग्रहण होगा।
वहीं, इस बीच इस भूमि में आने वाले पेड़ों और अन्य चीजों का भी आकलन होगा। बताते चलें कि अभी तक इस रेललाइन में भूमि अधिग्रहण के सबसे ज्यादा सोलेशियम के साथ 60 लाख रुपये मुआवजा मिला है, लेकिन अब बध्यात में 80 लाख रुपये का मोलभाव हुआ है। इसके अलावा बध्यात से ज्यादा दाम लुहणू कनैता की जमीन के लगे हैं।
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यहां पर जमीन का मोलभाव 43 लाख रुपये प्रति बीघा हुआ है। वहीं, सोलेशियम समेत इसके दाम 86 लाख रुपये होंगे। लुहणू कनैता में रेललाइन के लिए 24.15 बीघा भूमि का अधिग्रहण होना प्रस्तावित है, लेकिन अभी तक लुहणू कनैता और बध्यात में सिर्फ लोगों से ही बात हुई है। इस मोलभाव पर सरकार से अप्रूवल के बाद ही अधिग्रहण की मुहर लगेगी।
भूमि अधिग्रहण के लिए फैक्टर वन के दाम
केंद्र सरकार ने परियोजनाओं में जमीन अधिग्रहण के लिए फैक्टर टू की घोषणा की है, लेकिन अभी तक इसे बिहार और देश के कुछ ही राज्यों में लागू किया गया है। हिमाचल सरकार अभी फैक्टर वन के तहत ही लोगों को विस्थापन का मुआवजा दे रही है।
इसके अनुसार विस्थापित और प्रभावित को दो गुणा ही मुआवजा मिल रहा है। अगर प्रदेश सरकार ने फैक्टर टू की अधिसूचना जारी की होती तो भू-मालिकों को चार गुणा मुआवजा मिलना था। अधिसूचना जारी न होने के अभाव में इन्हें फैक्टर वन के तहत ही मुआवजा मिल रहा है।
बध्यात और लुहणू कनैता में जमीन अधिग्रहण के लिए लोगों के साथ जमीन अधिग्रहण के लिए मोल भाव की बातचीत पूरी हो चुकी है। इसके लिए सोलेशियम समेत भूमि के दाम भी तय कर दिए गए हैं। हालांकि अभी यह फाइनल नहीं हुए हैं। सरकार को इस मोलभाव की फाइल भेजी जाएगी। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। लुहणू कनैता में सोलेसियम समेत 86 लाख और बध्यात में 80 लाख प्रति बीघा दाम पर बात बनी है।
-विशाल शर्मा, भूमि अधिग्रहण अधिकारी, रेलवे विशेष इकाई।
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बिलासपुर। भानुपल्ली-बिलासपुर रेल लाइन निर्माण के लिए बध्यात में 97.6 बीघा भूमि का अधिग्रहण प्रस्तावित है। इसके लिए रेलवे की विशेष भू-अधिग्रहण इकाई ने लोगों के साथ मिलकर मोल भाव की प्रक्रिया पूरी कर ली है। बध्यात में लोगों को 40 लाख रुपये प्रति बीघा जमीन के दाम और इसका सौ प्रतिशत सोलेशियम (मुआवजा) देना प्रस्तावित है।
सोलेशियम को मिलाकर ग्रामीणों को 80 लाख रुपये प्रति बीघा जमीन के मिलेंगे। अभी तक लोगों के साथ ही मोलभाव की प्रक्रिया पूरी हुई है। इसके बाद भूमि अधिग्रहण की फाइल तैयार कर सरकार को स्वीकृति के लिए भेजी जाएगी। सरकार से मंजूरी आने के बाद अधिग्रहण के लिए नोटिस जारी होंगे और सभी नोटिस जारी होने के बाद इस जमीन का अधिग्रहण होगा।
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वहीं, इस बीच इस भूमि में आने वाले पेड़ों और अन्य चीजों का भी आकलन होगा। बताते चलें कि अभी तक इस रेललाइन में भूमि अधिग्रहण के सबसे ज्यादा सोलेशियम के साथ 60 लाख रुपये मुआवजा मिला है, लेकिन अब बध्यात में 80 लाख रुपये का मोलभाव हुआ है। इसके अलावा बध्यात से ज्यादा दाम लुहणू कनैता की जमीन के लगे हैं।
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यहां पर जमीन का मोलभाव 43 लाख रुपये प्रति बीघा हुआ है। वहीं, सोलेशियम समेत इसके दाम 86 लाख रुपये होंगे। लुहणू कनैता में रेललाइन के लिए 24.15 बीघा भूमि का अधिग्रहण होना प्रस्तावित है, लेकिन अभी तक लुहणू कनैता और बध्यात में सिर्फ लोगों से ही बात हुई है। इस मोलभाव पर सरकार से अप्रूवल के बाद ही अधिग्रहण की मुहर लगेगी।
भूमि अधिग्रहण के लिए फैक्टर वन के दाम
केंद्र सरकार ने परियोजनाओं में जमीन अधिग्रहण के लिए फैक्टर टू की घोषणा की है, लेकिन अभी तक इसे बिहार और देश के कुछ ही राज्यों में लागू किया गया है। हिमाचल सरकार अभी फैक्टर वन के तहत ही लोगों को विस्थापन का मुआवजा दे रही है।
इसके अनुसार विस्थापित और प्रभावित को दो गुणा ही मुआवजा मिल रहा है। अगर प्रदेश सरकार ने फैक्टर टू की अधिसूचना जारी की होती तो भू-मालिकों को चार गुणा मुआवजा मिलना था। अधिसूचना जारी न होने के अभाव में इन्हें फैक्टर वन के तहत ही मुआवजा मिल रहा है।
बध्यात और लुहणू कनैता में जमीन अधिग्रहण के लिए लोगों के साथ जमीन अधिग्रहण के लिए मोल भाव की बातचीत पूरी हो चुकी है। इसके लिए सोलेशियम समेत भूमि के दाम भी तय कर दिए गए हैं। हालांकि अभी यह फाइनल नहीं हुए हैं। सरकार को इस मोलभाव की फाइल भेजी जाएगी। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। लुहणू कनैता में सोलेसियम समेत 86 लाख और बध्यात में 80 लाख प्रति बीघा दाम पर बात बनी है।
-विशाल शर्मा, भूमि अधिग्रहण अधिकारी, रेलवे विशेष इकाई।