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Bilaspur News: युवाओं को एचआईवी संक्रमण के जोखिम की जानकारी देगा क्यूआर कोड
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आईटीआई बरठीं में रेड रिबन क्लब ने चलाया विशेष जागरूकता अभियान। स्रोत: जागरूक पाठक।
बरठीं आईटीआई में रेड रिबन क्लब ने चलाया जागरूकता अभियान
स्टाफ और प्रशिक्षुओं ने किया सेल्फ रिस्क असेसमेंट
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान बरठीं में रेड रिबन क्लब की ओर से एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान नाको की ओर से जारी क्यूआर कोड के माध्यम से युवाओं को सेल्फ रिस्क असेसमेंट के लिए प्रेरित किया गया।
संस्थान के नोडल अधिकारी अरुण शर्मा ने बताया कि एचआईवी को लेकर सही जानकारी का अभाव संक्रमण के फैलने का एक प्रमुख कारण है। नाको और हिमाचल प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी की ओर से जारी क्यूआर कोड के जरिए व्यक्ति कुछ गोपनीय सवालों के जवाब देकर एचआईवी संक्रमण के जोखिम की जानकारी प्राप्त कर सकता है। यह प्रक्रिया सुरक्षित, गोपनीय और निशुल्क है।
उन्होंने बताया कि एचआईवी छूने, साथ खाना खाने या साथ रहने से नहीं फैलता। असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित सुई या सिरिंज के इस्तेमाल और संक्रमित रक्त चढ़ाने से संक्रमण फैल सकता है। सावधानी और सही जानकारी से इससे बचाव संभव है। अभियान के दौरान संस्थान के स्टाफ और प्रशिक्षुओं ने मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन कर सेल्फ रिस्क असेसमेंट पूरा किया। संस्थान प्रबंधन ने अन्य लोगों से भी इस डिजिटल पहल से जुड़ने का आह्वान किया।
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स्टाफ और प्रशिक्षुओं ने किया सेल्फ रिस्क असेसमेंट
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान बरठीं में रेड रिबन क्लब की ओर से एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान नाको की ओर से जारी क्यूआर कोड के माध्यम से युवाओं को सेल्फ रिस्क असेसमेंट के लिए प्रेरित किया गया।
संस्थान के नोडल अधिकारी अरुण शर्मा ने बताया कि एचआईवी को लेकर सही जानकारी का अभाव संक्रमण के फैलने का एक प्रमुख कारण है। नाको और हिमाचल प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी की ओर से जारी क्यूआर कोड के जरिए व्यक्ति कुछ गोपनीय सवालों के जवाब देकर एचआईवी संक्रमण के जोखिम की जानकारी प्राप्त कर सकता है। यह प्रक्रिया सुरक्षित, गोपनीय और निशुल्क है।
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उन्होंने बताया कि एचआईवी छूने, साथ खाना खाने या साथ रहने से नहीं फैलता। असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित सुई या सिरिंज के इस्तेमाल और संक्रमित रक्त चढ़ाने से संक्रमण फैल सकता है। सावधानी और सही जानकारी से इससे बचाव संभव है। अभियान के दौरान संस्थान के स्टाफ और प्रशिक्षुओं ने मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन कर सेल्फ रिस्क असेसमेंट पूरा किया। संस्थान प्रबंधन ने अन्य लोगों से भी इस डिजिटल पहल से जुड़ने का आह्वान किया।
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