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Bilaspur News: घुमारवीं में बिजली कट से जनता बेहाल, 132 केवी सब स्टेशन चार साल बाद भी अधूरा
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संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। घुमारवीं उपमंडल में लगातार लग रहे बिजली कटों को लेकर पूर्व खाद्य आपूर्ति मंत्री एवं भाजपा नेता राजेंद्र गर्ग ने कांग्रेस सरकार और विद्युत विभाग पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि घंटों बिजली बंद रहने से बच्चों की पढ़ाई, दुकानदारों का कारोबार और आम लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। गर्ग ने कहा कि बारिश हो या न हो, घुमारवीं में बिजली का आना-जाना आम हो गया है। कई गांवों में घंटों आपूर्ति बहाल नहीं होती। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में क्षेत्र की बिजली व्यवस्था मजबूत करने के लिए 132 केवी विद्युत सब स्टेशन को मंजूरी दी गई थी। 27 अगस्त 2022 को बीओडी की बैठक में परियोजना को स्वीकृति मिली और 64 करोड़ रुपये मंजूर किए गए थे। उन्होंने सवाल उठाया कि चार साल बाद भी परियोजना पूरी नहीं हुई और इसकी लागत करीब 97 करोड़ रुपये पहुंच गई। गर्ग ने कहा कि परियोजना समय पर पूरी होती तो क्षेत्र की बिजली व्यवस्था बेहतर हो सकती थी।
पूर्व मंत्री ने स्थानीय विधायक एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव से पहले किए गए बिजली व्यवस्था सुधार के दावे धरातल पर नजर नहीं आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि परियोजना में देरी और बिजली समस्या के लिए मंत्री को जनता से जवाब देना चाहिए।
गर्ग ने मानसून से पहले बिजली लाइनों की मरम्मत, पेड़ों की छंटाई और ट्रांसफार्मरों की जांच करवाने की मांग की। उन्होंने सरकार से 132 केवी सब स्टेशन का निर्माण जल्द पूरा करने और अनावश्यक बिजली कटों पर रोक लगाने की मांग की।
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घुमारवीं (बिलासपुर)। घुमारवीं उपमंडल में लगातार लग रहे बिजली कटों को लेकर पूर्व खाद्य आपूर्ति मंत्री एवं भाजपा नेता राजेंद्र गर्ग ने कांग्रेस सरकार और विद्युत विभाग पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि घंटों बिजली बंद रहने से बच्चों की पढ़ाई, दुकानदारों का कारोबार और आम लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। गर्ग ने कहा कि बारिश हो या न हो, घुमारवीं में बिजली का आना-जाना आम हो गया है। कई गांवों में घंटों आपूर्ति बहाल नहीं होती। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में क्षेत्र की बिजली व्यवस्था मजबूत करने के लिए 132 केवी विद्युत सब स्टेशन को मंजूरी दी गई थी। 27 अगस्त 2022 को बीओडी की बैठक में परियोजना को स्वीकृति मिली और 64 करोड़ रुपये मंजूर किए गए थे। उन्होंने सवाल उठाया कि चार साल बाद भी परियोजना पूरी नहीं हुई और इसकी लागत करीब 97 करोड़ रुपये पहुंच गई। गर्ग ने कहा कि परियोजना समय पर पूरी होती तो क्षेत्र की बिजली व्यवस्था बेहतर हो सकती थी।
पूर्व मंत्री ने स्थानीय विधायक एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव से पहले किए गए बिजली व्यवस्था सुधार के दावे धरातल पर नजर नहीं आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि परियोजना में देरी और बिजली समस्या के लिए मंत्री को जनता से जवाब देना चाहिए।
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गर्ग ने मानसून से पहले बिजली लाइनों की मरम्मत, पेड़ों की छंटाई और ट्रांसफार्मरों की जांच करवाने की मांग की। उन्होंने सरकार से 132 केवी सब स्टेशन का निर्माण जल्द पूरा करने और अनावश्यक बिजली कटों पर रोक लगाने की मांग की।
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