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आठ साल में डेढ़ गुना से ज्यादा बढ़ा बिजली उत्पादन
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किसान भवन बिलासपुर में आयोजित जिला स्तरीय बिजली महोत्सव में प्रस्तुति देती छात्राएं। संवाद
- फोटो : BILASPUR
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बिलासपुर। उज्जवल भारत-उज्जवल भविष्य के तहत किसान भवन बिलासपुर में जिला स्तरीय बिजली महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड के प्रबंध निदेशक पंकज डढवाल ने की। उन्होंने कहा कि बिजली महोत्सव प्रदेश में 24 जगह 25 से 30 जुलाई तक मनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि देश में वर्ष 2014 में उत्पादन क्षमता 2,48,554 मेगावाट थी जो बढ़कर 4 लाख मेगावाट हो गई है। उत्पादन लगभग डेढ़ गुना से ज्यादा बढ़ा है। अक्षय ऊर्जा स्रोतों से 163000 मेगावाट बिजली उत्पादन कर रहे हैं। सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं के अधिकार के लिए बिजली नियम 2020 बनाए हैं जिसके अंतर्गत नया कनेक्शन प्राप्त करने, मीटर संबंधी शिकायतों को दूर करने तथा अन्य सेवाओं के लिए समय सीमा तय करने तथा रूफ टॉप सोलर लगाने, समय पर बिलिंग करने और उपभोक्ताओं की शिकायतों को दूर करने के लिए 24*7 कॉल सेंटर स्थापित किए हैं।
अधिशासी अभियंता विद्युत पंकज शर्मा ने कहा कि जिला बिलासपुर में सौभाग्य योजना में 361 लाभार्थियों को विद्युत कनेक्शन देने के लिए 10.47 लाख रुपये व्यय किए। रूफटॉप सोलर प्लांट से जिला बिलासपुर में पिछले चार वित्तीय वर्षों में 54 घरेलू तथा पांच अदद इकाइयों द्वारा सोलर प्लांट से 528 किलोवाट बिजली उत्पादन किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधा देने के लिए दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के अंतर्गत 296.52 लाख रुपये तथा शहरी क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधा देने के लिए एकीकृत विद्युत विकास योजना के तहत 1013.30 लाख रुपये व्यय किए गए।
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उन्होंने कहा कि हिमाचल में मुख्यमंत्री रोशनी योजना शुरू की गई है। इसमें गरीब परिवारों को मुफ्त बिजली कनेक्शन दिए गए हैं। इस योजना के अंतर्गत बिलासपुर में 614 उपभोक्ताओं को कनेक्शन दिए गए हैं। इस पर 1600 रुपये प्रति उपभोक्ता उपदान देते हुए 9.82 लाख रुपये खर्च किए गए। जिला स्तरीय बिजली महोत्सव में पांच लाभार्थियों नरेन्द्रा सांख्यान, मनोहर लाल, आरएल सांख्यान, दीप चंद, कर्म चंद ने प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं से मिलने वाले लाभ के अनुभव साझा किए।
इस अवसर पर बिजली बचाने का संदेश देते हुए नुक्कड़ नाटक और भाषा एवं संस्कृति विभाग की ओर से लोक संस्कृति पर आधारित बिलासपुरी नृत्य प्रस्तुत किया गया। इसके अतिरिक्त बिजली परियोजनाओं पर निर्मित की गई लघु फिल्में भी दिखाई गईं।
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उन्होंने कहा कि देश में वर्ष 2014 में उत्पादन क्षमता 2,48,554 मेगावाट थी जो बढ़कर 4 लाख मेगावाट हो गई है। उत्पादन लगभग डेढ़ गुना से ज्यादा बढ़ा है। अक्षय ऊर्जा स्रोतों से 163000 मेगावाट बिजली उत्पादन कर रहे हैं। सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं के अधिकार के लिए बिजली नियम 2020 बनाए हैं जिसके अंतर्गत नया कनेक्शन प्राप्त करने, मीटर संबंधी शिकायतों को दूर करने तथा अन्य सेवाओं के लिए समय सीमा तय करने तथा रूफ टॉप सोलर लगाने, समय पर बिलिंग करने और उपभोक्ताओं की शिकायतों को दूर करने के लिए 24*7 कॉल सेंटर स्थापित किए हैं।
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अधिशासी अभियंता विद्युत पंकज शर्मा ने कहा कि जिला बिलासपुर में सौभाग्य योजना में 361 लाभार्थियों को विद्युत कनेक्शन देने के लिए 10.47 लाख रुपये व्यय किए। रूफटॉप सोलर प्लांट से जिला बिलासपुर में पिछले चार वित्तीय वर्षों में 54 घरेलू तथा पांच अदद इकाइयों द्वारा सोलर प्लांट से 528 किलोवाट बिजली उत्पादन किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधा देने के लिए दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के अंतर्गत 296.52 लाख रुपये तथा शहरी क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधा देने के लिए एकीकृत विद्युत विकास योजना के तहत 1013.30 लाख रुपये व्यय किए गए।
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उन्होंने कहा कि हिमाचल में मुख्यमंत्री रोशनी योजना शुरू की गई है। इसमें गरीब परिवारों को मुफ्त बिजली कनेक्शन दिए गए हैं। इस योजना के अंतर्गत बिलासपुर में 614 उपभोक्ताओं को कनेक्शन दिए गए हैं। इस पर 1600 रुपये प्रति उपभोक्ता उपदान देते हुए 9.82 लाख रुपये खर्च किए गए। जिला स्तरीय बिजली महोत्सव में पांच लाभार्थियों नरेन्द्रा सांख्यान, मनोहर लाल, आरएल सांख्यान, दीप चंद, कर्म चंद ने प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं से मिलने वाले लाभ के अनुभव साझा किए।
इस अवसर पर बिजली बचाने का संदेश देते हुए नुक्कड़ नाटक और भाषा एवं संस्कृति विभाग की ओर से लोक संस्कृति पर आधारित बिलासपुरी नृत्य प्रस्तुत किया गया। इसके अतिरिक्त बिजली परियोजनाओं पर निर्मित की गई लघु फिल्में भी दिखाई गईं।