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Bilaspur News: आठ साल बाद भी आवंटित भूमि का नहीं मिला कब्जा
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सरकार ने 2018 में तीन बिस्वा भूमि की थी आवंटित
तलाक के बाद डेढ़ दशक से मायके में रह रही महिला
संवाद न्यूज एजेंसी
भगेड़ (बिलासपुर)। घुमारवीं उपमंडल की मैहरी काथला ग्राम पंचायत के मैहरी गांव निवासी पूनम वर्षों से आवंटित भूमि का कब्जा पाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही हैं। उनका कहना है कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद आज तक उन्हें भूमि का वास्तविक कब्जा नहीं मिल पाया है। इसके चलते वह मानसिक परेशानी से गुजर रही हैं। उन्होंने जल्द समाधान करने की मांग की है।
पूनम का वर्ष 2011 में तलाक हो गया था। इसके बाद वह अपनी माता के साथ मायके में रह रही हैं। वर्ष 2013 में पिता वीर सिंह के निधन के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति और कमजोर हो गई। उनका भाई दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण कर रहा है। परिवार के पास मात्र तीन बिस्वा भूमि है, जिस पर जर्जर कच्चा मकान और छोटा सा आंगन बना हुआ है। आर्थिक तंगी के कारण पूनम अपने पुत्र को केवल दसवीं कक्षा तक ही शिक्षा दिला सकीं। उनका पुत्र भी दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार की सहायता कर रहा है।
पूनम के अनुसार वर्ष 2018 में सरकार की ओर से उन्हें तीन बिस्वा भूमि आवंटित की गई थी। आठ वर्ष बीत जाने के बाद भी उन्हें इस भूमि का वास्तविक कब्जा नहीं मिल पाया है। उन्हें कोठी पंचायत के बड्डू गांव में भूमि दिखाई गई थी और राजस्व विभाग की ओर से भूमि की नाप-नपाई की प्रक्रिया भी पूरी की गई थी, लेकिन इसके बाद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पूनम ने बताया कि उन्होंने उपमंडलाधिकारी घुमारवीं को कई बार अपनी समस्या से अवगत करवाया, लेकिन अभी तक समाधान नहीं हो पाया है। लगातार दफ्तरों के चक्कर लगाने से उनकी परेशानी बढ़ती जा रही है। वह हृदय रोग से भी पीड़ित हैं।
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उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मामले का जल्द समाधान कर उन्हें आवंटित भूमि का कब्जा दिलाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वह कोई अप्रिय कदम उठाने को मजबूर हो सकती हैं।
पूनम ने अपनी समस्या तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी के समक्ष भी रखी है। उन्होंने मामले में शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब पूनम को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द उनकी समस्या का समाधान करेगा और उन्हें आवंटित भूमि का कब्जा मिल सकेगा।
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तलाक के बाद डेढ़ दशक से मायके में रह रही महिला
संवाद न्यूज एजेंसी
भगेड़ (बिलासपुर)। घुमारवीं उपमंडल की मैहरी काथला ग्राम पंचायत के मैहरी गांव निवासी पूनम वर्षों से आवंटित भूमि का कब्जा पाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही हैं। उनका कहना है कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद आज तक उन्हें भूमि का वास्तविक कब्जा नहीं मिल पाया है। इसके चलते वह मानसिक परेशानी से गुजर रही हैं। उन्होंने जल्द समाधान करने की मांग की है।
पूनम का वर्ष 2011 में तलाक हो गया था। इसके बाद वह अपनी माता के साथ मायके में रह रही हैं। वर्ष 2013 में पिता वीर सिंह के निधन के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति और कमजोर हो गई। उनका भाई दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण कर रहा है। परिवार के पास मात्र तीन बिस्वा भूमि है, जिस पर जर्जर कच्चा मकान और छोटा सा आंगन बना हुआ है। आर्थिक तंगी के कारण पूनम अपने पुत्र को केवल दसवीं कक्षा तक ही शिक्षा दिला सकीं। उनका पुत्र भी दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार की सहायता कर रहा है।
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पूनम के अनुसार वर्ष 2018 में सरकार की ओर से उन्हें तीन बिस्वा भूमि आवंटित की गई थी। आठ वर्ष बीत जाने के बाद भी उन्हें इस भूमि का वास्तविक कब्जा नहीं मिल पाया है। उन्हें कोठी पंचायत के बड्डू गांव में भूमि दिखाई गई थी और राजस्व विभाग की ओर से भूमि की नाप-नपाई की प्रक्रिया भी पूरी की गई थी, लेकिन इसके बाद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पूनम ने बताया कि उन्होंने उपमंडलाधिकारी घुमारवीं को कई बार अपनी समस्या से अवगत करवाया, लेकिन अभी तक समाधान नहीं हो पाया है। लगातार दफ्तरों के चक्कर लगाने से उनकी परेशानी बढ़ती जा रही है। वह हृदय रोग से भी पीड़ित हैं।
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उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मामले का जल्द समाधान कर उन्हें आवंटित भूमि का कब्जा दिलाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वह कोई अप्रिय कदम उठाने को मजबूर हो सकती हैं।
पूनम ने अपनी समस्या तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी के समक्ष भी रखी है। उन्होंने मामले में शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब पूनम को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द उनकी समस्या का समाधान करेगा और उन्हें आवंटित भूमि का कब्जा मिल सकेगा।