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Bilaspur News: अवैध मलबा डंपिंग के मामले में प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने की कार्रवाई

Wed, 20 Aug 2025 11:13 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 20 Aug 2025 11:13 PM IST
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Pollution Control Board took action in the case of illegal garbage dumping
एक्सक्लूसिव
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बोर्ड ने पंप मालिक से मांगी समझौते की प्रति, सात दिन में की रिपोर्ट तलब
एनजीटी आदेशों के उल्लंघन पर पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति लगाने की दी चेतावनी
लिखा, तय किए गए स्थलों पर वैज्ञानिक तरीके से किया जाए मलबा डंप

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। मौजा बागठेहड़ू में निर्माणाधीन पेट्रोल पंप के पास नाले में मलबा डंप करने का मामला गंभीर रूप ले चुका है। क्षेत्रीय कार्यालय बिलासपुर के पर्यावरण अभियंता ने पेट्रोल पंप मालिक से रिपोर्ट तलब करते हुए कहा है कि सात दिन के भीतर नाले में डंप किए गए मलबे को हटाकर ग्राम पंचायत की ओर से तय किए गए स्थलों पर वैज्ञानिक तरीके से डंपिंग की जाए। इसके बाद अनुपालना रिपोर्ट कार्यालय को भी प्रस्तुत की जाए।
बोर्ड की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि निर्माण कार्य के दौरान पहाड़ी काटने से निकले मलबे को नाले में फेंकने की शिकायत सचिव ग्राम पंचायत बकरोआ ने की थी। पंचायत की ओर से लिखे पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि उक्त मलबा सुनील कुमार पुत्र जीत राम निवासी बागठेहड़ू की भूमि में डंप किया गया है, साथ ही मालिक का संपर्क नंबर भी उल्लेखित है। बोर्ड ने मालिक को निर्देश दिए हैं कि वह भूमालिक के साथ हुए समझौते की प्रति उपलब्ध करवाए, स्पष्ट करे कि किस खसरा नंबर पर मलबा डंप हुआ है, और यदि नाले में मलबा गिरा है तो उसे तुरंत हटाकर वैज्ञानिक तरीके से निपटान करे। साथ ही अनुपालन रिपोर्ट सात दिन के भीतर जमा करनी होगी।
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बोर्ड ने यह भी पूछा है कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश की अवहेलना और जल संरक्षण अधिनियम 1974 का उल्लंघन करने पर पेट्रोल पंप मालिक पर पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति क्यों न लगाई जाए।
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इस मामले पर शिकायतकर्ता ने सदस्य सचिव हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, हिम परिवेश शिमला, उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक बिलासपुर को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि पर्यावरण अभियंता दोषियों को संरक्षण दे रहे हैं। शिकायत में कहा गया है कि अब जब मलबा झील में बहने की कगार पर पहुंच गया है तभी कार्रवाई शुरू की गई है। शिकायतकर्ता ने कहा कि यदि पहले ही उचित कार्रवाई होती तो आज यह स्थिति न आती। अब नाले में डंप मलबे से पर्यावरणीय खतरा और बढ़ गया है।
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