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तीन साल बाद करवाए जाएंगे तलाई सहकारी सभा के चुनाव
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बिलासपुर। तीन साल बाद तलाई सहकारी सभा के चुनाव होने जा रहे हैं। जिला प्रशासन ने इसकी तैयारी कर दी है। 15 मई से पहले यह प्रक्रिया पूरी करवाई जा सकती है। सभा में 33 करोड़ के गबन का मामला सामने आने के तीन साल बाद कार्यकारिणी का चुनाव होगा। मार्च 2019 में सभा के ऑडिट में गबन का मामला सामने आया था। इसके बाद सभा के कई पदाधिकारियों पर एफआईआर हुई और बाद में कोर्ट के आदेशों पर कार्यकारिणी को भंग किया गया था।
तीन साल से सभा का कार्यभार सहकारी सभाएं विभाग के पदाधिकारी संभाल रहे हैं। अभी तक गबन की जांच पूरी नहीं हुई है और न ही लोगों का पैसा वापस हुआ है। विभाग और प्रवर्तन निदेशालय भी इसकी जांच कर रहा है। निदेशालय ने सभा का सारा रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिया है। मामले में अब तक कई लोगों पर पुलिस एफआईआर दर्ज कर चुकी है। इसमें कोई बैंक के अधिकारी तो कोई सभा के पदाधिकारी हैं। कार्यकारिणी भंग होने के तीन साल बाद अब प्रशासन इस सभा के चुनाव दोबारा करवाने जा रहा है।
100 करोड़ का सभा सालाना कारोबार
सभा का सालाना कारोबार 100 करोड़ से ज्यादा था। जांच के दौरान 33 करोड़ रुपये के गड़बड़झाले का खुलासा हुआ था। इससे सभा के करीब 10,000 लोग प्रभावित हुए। जाली हस्ताक्षर और झूठे दस्तावेज बनाकर ग्रामीणों को धोखा देकर करोड़ों रुपये डकारने का आरोप लगा था।
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सहकारी सभाएं विभाग बिलासपुर के इंस्पेक्टर दिनेश ने बताया कि सभा के चुनाव को लेकर तैयारी की जा रही है। 15 मई तक चुनाव करवाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि लोग साथ आएंगे तो चुनाव होंगे। अगर ऐसा नहीं हुआ तो सभा को विभाग ही चलाएगा।
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तीन साल से सभा का कार्यभार सहकारी सभाएं विभाग के पदाधिकारी संभाल रहे हैं। अभी तक गबन की जांच पूरी नहीं हुई है और न ही लोगों का पैसा वापस हुआ है। विभाग और प्रवर्तन निदेशालय भी इसकी जांच कर रहा है। निदेशालय ने सभा का सारा रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिया है। मामले में अब तक कई लोगों पर पुलिस एफआईआर दर्ज कर चुकी है। इसमें कोई बैंक के अधिकारी तो कोई सभा के पदाधिकारी हैं। कार्यकारिणी भंग होने के तीन साल बाद अब प्रशासन इस सभा के चुनाव दोबारा करवाने जा रहा है।
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100 करोड़ का सभा सालाना कारोबार
सभा का सालाना कारोबार 100 करोड़ से ज्यादा था। जांच के दौरान 33 करोड़ रुपये के गड़बड़झाले का खुलासा हुआ था। इससे सभा के करीब 10,000 लोग प्रभावित हुए। जाली हस्ताक्षर और झूठे दस्तावेज बनाकर ग्रामीणों को धोखा देकर करोड़ों रुपये डकारने का आरोप लगा था।
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सहकारी सभाएं विभाग बिलासपुर के इंस्पेक्टर दिनेश ने बताया कि सभा के चुनाव को लेकर तैयारी की जा रही है। 15 मई तक चुनाव करवाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि लोग साथ आएंगे तो चुनाव होंगे। अगर ऐसा नहीं हुआ तो सभा को विभाग ही चलाएगा।