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घुमारवीं में नहीं बने फुट ब्रिज, लोगों में रोष
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घुमारवीं(बिलासपुर)। अपने पहले दौरे पर घुमारवीं विधानसभा में आए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने जनसभा के बीच शहर में बनने वाले फुट ब्रिजों की घोषणा की थी लेकिन यह सिर्फ फाइलों में ही दफन हो गई। मुख्यमंत्री ने अपने पहले एक दिवसीय दौरे पर घुमारवीं शहर के बाशिंदों को तोहफों के कसीदे पड़ते हुए जो घोषणाएं की थीं उन घोषणाओं के तहत शहर में तीन फुट ब्रिज बनने थे। इनमें एक दकड़ी चौक, दूसरा सिविल अस्पताल और तीसरा गांधी चौक के पास बनना तय हुआ था।
मुख्यमंत्री की ओर से की गई घोषणाओं पर अधिकारी कितने सजग होकर कार्य कर रहे हैं। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले लगभग एक वर्ष से इस विशेष महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को अभी उच्च अधिकारियों की स्वीकृति तक प्रदान नहीं हुई हैं। यह फुट ब्रिज एनएच 103 शिमला-धर्मशाला पर बनने थे और यह एनएच के अधिकारियों के अधीन आने के कारण सिर्फ फाइलों में ही दफन हो गए हैं।
इन फुट ब्रिजों से बनने से जहां शहर में बढ़ रही अत्यधिक ट्रैफिक से लोगों को सड़क पार कर पाना मुश्किल है। वहीं कई बार हादसे भी हो चुके हैं। फुट ब्रिजों के बन जाने से जहां शहर के लोगों व स्थानीय लोगों को फायदा होना था वहीं स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों को सुबह व शाम सड़क को पार करने की समस्याओं से भी छुटकारा मिल जाना था।
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बताते चलें कि घुमारवीं शहर में सुबह स्कूल शुरू होने और छुट्टी होने पर सड़क पार करते समय काफी भीड़ लग जाती है। क्षेत्र में हो रही बड़ी-बड़ी घोषणाओं को अधिकारी दरकिनार कर रहे हैं। सीएम द्वारा की गई इन घोषणाओं को अमलीजामा अधिकारियों द्वारा अनदेखा करना सरकार की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाता है। वहीं यह भी साबित होता है कि जब प्रदेश के सीएम की घोषणाएं ही शब्दों में सिमट रही हैं तो आम जनता की कौन सुनेगा? एनएच के एसडीओ धर्म सिंह वर्मा ने कहा कि घुमारवीं शहर में तीन फुट ब्रिज बनने हैं। उसकी स्वीकृति उच्च अधिकारियों के द्वारा प्रदान नहीं की गई है। जैसे ही स्वीकृति मिलती हैं उसके बाद शीघ्र ही आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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मुख्यमंत्री की ओर से की गई घोषणाओं पर अधिकारी कितने सजग होकर कार्य कर रहे हैं। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले लगभग एक वर्ष से इस विशेष महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को अभी उच्च अधिकारियों की स्वीकृति तक प्रदान नहीं हुई हैं। यह फुट ब्रिज एनएच 103 शिमला-धर्मशाला पर बनने थे और यह एनएच के अधिकारियों के अधीन आने के कारण सिर्फ फाइलों में ही दफन हो गए हैं।
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इन फुट ब्रिजों से बनने से जहां शहर में बढ़ रही अत्यधिक ट्रैफिक से लोगों को सड़क पार कर पाना मुश्किल है। वहीं कई बार हादसे भी हो चुके हैं। फुट ब्रिजों के बन जाने से जहां शहर के लोगों व स्थानीय लोगों को फायदा होना था वहीं स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों को सुबह व शाम सड़क को पार करने की समस्याओं से भी छुटकारा मिल जाना था।
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बताते चलें कि घुमारवीं शहर में सुबह स्कूल शुरू होने और छुट्टी होने पर सड़क पार करते समय काफी भीड़ लग जाती है। क्षेत्र में हो रही बड़ी-बड़ी घोषणाओं को अधिकारी दरकिनार कर रहे हैं। सीएम द्वारा की गई इन घोषणाओं को अमलीजामा अधिकारियों द्वारा अनदेखा करना सरकार की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाता है। वहीं यह भी साबित होता है कि जब प्रदेश के सीएम की घोषणाएं ही शब्दों में सिमट रही हैं तो आम जनता की कौन सुनेगा? एनएच के एसडीओ धर्म सिंह वर्मा ने कहा कि घुमारवीं शहर में तीन फुट ब्रिज बनने हैं। उसकी स्वीकृति उच्च अधिकारियों के द्वारा प्रदान नहीं की गई है। जैसे ही स्वीकृति मिलती हैं उसके बाद शीघ्र ही आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।