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Bilaspur News: शिवा परियोजना के कोठी मझेड़ क्लस्टर में पानी कमी से पौधे सूखे

Mon, 16 Dec 2024 11:45 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Mon, 16 Dec 2024 11:45 PM IST
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Plants dry up due to lack of water in Kothi Majh cluster of Shiva Project
-2020 में शुरू किए गए क्लस्टर में लगाए गए थे 14,672 पौधे
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-पानी के टैंकों, ड्रिप सिस्टम में जगह-जगह हो रहा है रिसाव
-वर्तमान में सालाना 125 मीट्रिक टन माल्टा, मौसमी हो रही है तैयार

गोपाल शर्मा
जुखाला (बिलासपुर)। श्री नयनादेवी विधानसभा क्षेत्र के कोठी मझेड़ क्लस्टर में 2020 में शुरू किए गए शिवा प्रोजेक्ट के तहत लगाए गए माल्टा और मौसमी के पौधे पानी की कमी के कारण सूखने लगे हैं। इस प्रोजेक्ट के तहत 14.26 हेक्टेयर भूमि पर कुल 14,672 पौधे लगाए गए थे, जिनसे करीब 55 परिवार जुड़े हुए हैं। इस परियोजना का उद्देश्य किसानों और बागवानों को बागवानी की ओर प्रोत्साहित कर उनकी आय बढ़ाना है।
इस प्रोजेक्ट के तहत जल आपूर्ति का जिम्मा जल शक्ति विभाग को सौंपा गया है। विभाग मुख्य टैंक को पानी की आपूर्ति करता है, जिससे छोटे टैंकों के माध्यम से पौधों को पानी दिया जाता है। पौधों की सिंचाई के लिए ड्रिप सिस्टम लगाया गया था, लेकिन हाल ही में ड्रिप सिस्टम के क्षतिग्रस्त होने और टैंकों में रिसाव के कारण पानी की आपूर्ति बाधित हो गई है। इसका सीधा असर पौधों पर पड़ा है, और वे सूखने लगे हैं। शिवा प्रोजेक्ट के तहत इस क्लस्टर में वर्तमान में सालाना 125 मीट्रिक टन माल्टा और मौसमी का उत्पादन हो रहा है। इस प्रोजेक्ट से जुड़े 55 परिवारों को दो समूहों में बांटा गया है और उनके बैंक खाते खोले गए हैं। इन समूहों को योजना की देखरेख की जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि, उद्यान विभाग का कहना है कि ड्रिप सिस्टम, पानी की समस्या के समाधान के लिए कार्य किया जा रहा है।
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जल आपूर्ति के लिए जार्ड खड्ड से कुहल से पानी लाकर एक लाख लीटर क्षमता का मुख्य टैंक बनाया गया है। इसके बावजूद टैंकों में रिसाव और ड्रिप सिस्टम की खराबी से पानी की सप्लाई क्लस्टर में प्रभावित हुई है। जिला उद्यान अधिकारी डॉ. रमल अंगारिया ने कहा कि प्रोजेक्ट की पानी व्यवस्था और ड्रिप सिस्टम को दुरुस्त करने का कार्य चल रहा है। वर्तमान में किसान अपने उत्पादों की खुद मार्केटिंग कर रहे हैं। अगले साल से उद्यान विभाग की टीम इन बागवानों को मार्केटिंग में सहायता प्रदान करेगी। प्रोजेक्ट की देखभाल की जिम्मेदारी समूहों को सौंपी गई है, लेकिन विभाग तकनीकी सहायता जारी रखेगा।
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