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लोगों का आयुर्वेदिक चिकित्सा में विश्वास बढ़ा : सैजल
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मैहरी काथला पंचायत में सिद्ध योगी धाम आयुर्वेदिक तथा आध्यात्मिक चिकित्सा और अनुसंधान संस्थान क
- फोटो : BILASPUR
बिलासपुर। प्रदेश में आयुर्वेदिक चिकित्सा प्रणाली लोकप्रिय हो रही है। अधिक से अधिक लोग इस प्रणाली को अपना रहे हैं। यह बात स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. राजीव सैजल ने घुमारवीं की मैहरी काथला पंचायत में सिद्ध योगी धाम आयुर्वेदिक तथा आध्यात्मिक चिकित्सा और अनुसंधान संस्थान के उद्घाटन अवसर पर कही।
उन्होंने कहा कि इस चिकित्सा संस्थान में आयुर्वेद देवव्य प्रश्रय सत्वावजय, युक्ति व्यपाश्रय, अष्टांग योग होम, सदवृत्त, आचार रसायन, समाधि आदि से सभी रोगों का निवारण और इलाज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के प्रयास के फलस्वरूप आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति सुदृढ़ हुई है। आयुर्वेदिक चिकित्सा संस्थानों को स्तरोन्नत करने के साथ-साथ चिकित्सकों की भर्ती भी की जा रही है। प्रदेश सरकार ने आमजन को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने का प्रयास किया है।
उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत प्रदेश में 4.31 लाख हजार परिवारों को गोल्डन कार्ड जारी किए हैं। मई 2022 तक 1.43 लाख मरीजों के उपचार पर 178 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं। हिमकेयर योजना के तहत प्रदेश में 5.97 लाख परिवार पंजीकृत हैं। आज तक 2.84 लाख रोगियों को निशुल्क उपचार दिया गया है। इस पर 266.59 करोड़ रुपये व्यय किए गए।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उप स्वास्थ्य केंद्रों को हेल्थ एंड वेलनेस केंद्र के रूप में अधिसूचित किया है।
इन केंद्रों में चिकित्सा अधिकारी एवं सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं। सभी स्वास्थ्य केंद्रों में मधुमेह, उच्च रक्तचाप, स्तन एवं सर्वाइकल कैंसर जैसे रोगों की स्क्रीनिंग एवं उपचार सुविधा उपलब्ध है। इन केंद्रों पर सामान्य बीमारी के लिए निशुल्क दवाएं भी दी जा रही हैं।
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उन्होंने कहा कि इस चिकित्सा संस्थान में आयुर्वेद देवव्य प्रश्रय सत्वावजय, युक्ति व्यपाश्रय, अष्टांग योग होम, सदवृत्त, आचार रसायन, समाधि आदि से सभी रोगों का निवारण और इलाज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के प्रयास के फलस्वरूप आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति सुदृढ़ हुई है। आयुर्वेदिक चिकित्सा संस्थानों को स्तरोन्नत करने के साथ-साथ चिकित्सकों की भर्ती भी की जा रही है। प्रदेश सरकार ने आमजन को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने का प्रयास किया है।
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उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत प्रदेश में 4.31 लाख हजार परिवारों को गोल्डन कार्ड जारी किए हैं। मई 2022 तक 1.43 लाख मरीजों के उपचार पर 178 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं। हिमकेयर योजना के तहत प्रदेश में 5.97 लाख परिवार पंजीकृत हैं। आज तक 2.84 लाख रोगियों को निशुल्क उपचार दिया गया है। इस पर 266.59 करोड़ रुपये व्यय किए गए।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उप स्वास्थ्य केंद्रों को हेल्थ एंड वेलनेस केंद्र के रूप में अधिसूचित किया है।
इन केंद्रों में चिकित्सा अधिकारी एवं सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं। सभी स्वास्थ्य केंद्रों में मधुमेह, उच्च रक्तचाप, स्तन एवं सर्वाइकल कैंसर जैसे रोगों की स्क्रीनिंग एवं उपचार सुविधा उपलब्ध है। इन केंद्रों पर सामान्य बीमारी के लिए निशुल्क दवाएं भी दी जा रही हैं।