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Bilaspur News: लैब के बाहर मरीजों को नहीं मिल रही बैठने की सुविधा

Tue, 09 Jan 2024 11:30 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 09 Jan 2024 11:30 PM IST
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Patients are not getting seating facility outside the lab
- घुमारवीं अस्पताल : लैब के साथ बने शौचालय में भी पसरी गंदगी
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संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। जिले के दूसरे सबसे बड़े अस्पताल सिविल अस्पताल घुमारवीं में सरकार की ओर से अधिकृत लैब के बाहर मरीजों और उनके परिजनों को बैठने तक की सुविधा उपलब्ध नहीं है। मजबूरन मरीजों को जमीन पर बैठना पड़ रहा है।
घुमारवीं अस्पताल में इस लैब को मरीजों के खून की जांच का जिम्मा सौंपा गया है, लेकिन लैब के बाहर मरीजों के बैठने की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है। लोगों की शिकायत है कि इस लैब के लिए अस्पताल प्रशासन द्वारा जो स्थान दिया गया है, वह अस्पताल के बिल्कुल पीछे है और लोगों को इस लैब को ढूंढने में मुश्किलें आती है। लैब किस तरफ है इसके लिए कोई सूचना बोर्ड तक नहीं लगाया गया है। इसके चलते मरीज पूरे अस्पताल का चक्कर लगाते रहते हैं। जैसे-तैसे लैब तक पहुंचने के बाद वहां के हालात ऐसे हैं कि देखकर मरीज की हालत और ज्यादा खराब हो जाए। लैब के साथ बनाए गए शौचालय गंदगी से भरे पड़े हैं। किसी के पास इतना समय नहीं है कि इन शौचालय की सफाई करवा सके। सबसे ज्यादा मुश्किल उन मरीजों को पेश आती है, जिन्हें यूरिन का सैंपल देना होता है, क्योंकि इस सैंपल को देने के लिए शौचालय जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाते हैं। बता दें कि घुमारवीं सिविल अस्पताल में महिला रोग, दंत रोग, हड्डी रोग और सामान्य रोग विशेषज्ञ के डॉक्टर बैठते हैं। गर्भवती महिलाओं और अन्य लोगों को समय-समय पर खून आदि की जांच करवानी पड़ती है। लैब में हर दिन 50 से 100 मरीजों की जांच की जाती है। एक मरीज की जांच करने के लिए करीब 10 मिनट का समय लगता है। ऐसे में अगर किसी बुजुर्ग या गर्भवती महिला को आधा या एक घंटा इंतजार करना पड़े तो उसके बैठने की कोई व्यवस्था लैब के पास नहीं की गई है। एक तरफ तो सरकार स्वास्थ्य का एजेंडा लेकर लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करवाने का दावा करती है, लेकिन दूसरी तरफ सरकारी अस्पतालों में हालात अभी भी जस के तस बने हुए हैं।
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कोट

अस्पताल में लैब का काम कर रही कंपनी को कमरे और शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इनकी सफाई की जिम्मेवारी कंपनी के कर्मचारियों को ही सौंपी गई है। शौचालय की शिकायत का मामला सामने आया है। इसके लिए कंपनी को अवगत करवा दिया गया है। शीघ्र ही शौचालय की सफाई करवाई जाएगी। साथ ही मरीजों के बैठने का भी उचित प्रबंध करने को कंपनी को कहा जाएगा।
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- डॉ. पुष्पेंद्र राणा, खंड चिकित्सा अधिकारी, घुमारवीं
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